तीन घोड़िया एक घुड़सवार compleet

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rajaarkey
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Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 08 Nov 2014 08:33

हाय कितना मोटा है मेरे बेटे का लंड और गीता की चूत अपने बेटे के मस्त लंड को याद कर

पानी छ्चोड़ने लगती है, और वह खड़ी खड़ी अपनी चूत मे दो उंगलिया थोड़ा पॅंटी सरका कर

डाल लेती है और आँखे बंद करके अपनी उंगली को अपनी चूत मे चलाने लगती है और हाय बेटा

चोद दे अपनी मम्मी को देख कैसे तेरी मम्मी की चूत तड़प रही है हाय अजय चोद दे

मुझे चोद दे बेटा और उंगलिया आगे पीछे करते करते जैसे ही अपनी आँखे खोलती है,

उसके हाथ वही के वही रुक जाते है और वह शर्मकार अपना गाउन उठा लेती है क्यो कि उसके

सामने आरती खड़ी खड़ी मंद मंद मुस्कुरा रही थी.

तभी आरती आगे हाथ बढ़ा कर गीता से उसका गाउन छ्चीन लेती है, गीता ये क्या कर रही है

तू बहू, आरती अरे मा जी आप भी ना अपनी बेटी की उमर की बहू से शर्मा रही है, मैं तो आपका

शरीर का फिटनेस देख कर चकित हू आपने अपने आपको इतना मेनटेन वो भी इस उमर मे

कैसे कर रखा है, मैं तो आपका इतना गतिला और सुंदर फिगुर देखकर हैरान हू, गीता

थोड़ा मन ही मन खुस होती हुई (औरतो की यह बीमारी है कि कोई उनके फिगर की तारीफ कर दे तो वो

तुरंत चने के झाड़ पर चढ़ जाती है) क्या सचमुच बहू मैं इतनी अच्छी दिखती हू, आरती

गीता को पकड़कर ब्रा और पॅंटी मे ही बेड पर बैठते हुए अरे मम्मी आप का फिगुर ही

नही आप का पूरा बदन और आपका भरा हुआ चेहरा भी इतना सुंदर है कि कोई मर्द क्या

औरत भी आपको चूमे बिना ना रह पाएगी और गीता के गालो को चूम लेती है, गीता अब तू

मज़ाक कर रही है बहू, अरे नही मम्मी ये सच है, मेरी खुद की मम्मी भी ऐसे ही

सुंदर दिखाई देती थी तब मैं उसे प्यार करे बिना नही रह पाती थी, और जब से अपने ससुराल

आई हू अपनी मम्मी को बहुत मिस करती हू, गीता अरे बहू दिल छ्होटा क्यो करती है क्या

मैने तुझमे और रश्मि मे कभी कोई अंतर समझा है, मैं तुझे अपनी बेटी ही समझती हू,

और तू मुझे अपनी मा ही समझ और अपना दिल छ्होटा ना कर, ओह मम्मी आप कितनी अच्छी है,

जब मेरी मम्मी मुझे ऐसे ही प्यार करती थी तो मैं उन्हे बहुत चूमती थी, उनका रूप भी

आपकी तरह ही निखरा हुआ था, इसलिए मेरी शुरू से ही उन्हे प्यार करने की आदत हो गई थी

मुझे उनका फिगुर बहुत सुंदर लगता था कभी कभी तो मैं उन्हे पूरे जिस्म पर प्यार करती थी

और गीता के गालो को फिर चूम लेती है, गीता पहले से ही गरम थी और आरती द्वारा कामुक

तरीके से उसका बदन सहलाते हुए उसके भरे हुए गाल चूमने से उसे एक अनोखे सुख की

अनुभूति होने लगती है जिसे आरती ताड़ जाती है और अपनी सास को अपनी बाँहो मे भर कर एक

गहरा चुंबन उसके होंठो पर देती है,

मम्मी जी आज मेरा दिल कर रहा है कि मैं आपको

अपनी मम्मी की तरह ही प्यार करू और अपनी सास के भरे हुए मसल दूध को अपने हाथो

से दबा देती है, गीता बहू तू तो मेरी बेटी ही है, सो मुझे अपनी मम्मी समझ कर जितना

चाहे प्यार कर, उसके इतना कहने पर आरती गीता को लेकर लेट जाती है और उसके होंठो को बुरी

तरह चूसने लगती है और उसके मोटे मोटे चूतादो को अपने हाथो से दबोचने लगती है,

गीता सिसकिया लेती हुई अपनी जंघे खोल देती है और आरती उसकी फूली हुई बुर को पॅंटी के अंदर

हाथ डाल कर दबोच लेती है, गीता सीसियते हुए आह बहू ये क्या कर रही है बेटी, मा जी

आपकी चूत कितनी सुंदर है मुझे आज पता चल तभी तो अजय दिन भर मुझसे आपकी चूत की

बात करता है, गीता चोन्क्ते हुए क्या कह रही है बहू, हाँ माजी अजय आपको बहुत चाहता

है है यहा तक कि आपने जो पॅंटी पहन रखी वह वह आपका बेटा ही आपके लिए पसंद

करके लाया है, और अपनी एक उंगली गीता की चूत मे डाल देती है, गीता आह आह ओह बहू बहुत

अच्छा लग रहा है तेरे हाथो मे तो जादू है, आह बेटी, और क्या कह रहा था अजय मेरे

बारे मे, आरती अरे माजी वह कह रहा था कि भाभी मम्मी इस वाइट कलर की पॅंटी मे कितनी

सुंदर लगेगी, और तो और माजी अजय आपकी इन मोटी मोटी गंद का तो दीवाना है, और पूरा हाथ

पॅंटी मे भर कर गीता की चूत से लेकर गंद के छेद तक को सहलाने लगती है और गीता

अपनी पूरी जाँघ खोल देती है, गीता सी सी आ आह ओह बहू और क्या कहता है मेरा बेटा मेरे

बारे मे, आरती मा जी सच कहु अजय आपको पूरी नंगी कर के चोदना चाहता है, और अपनी दो

उंगलिया एक साथ अपनी सास की चूत मे डाल कर आगे पीछे करने लगती है,


rajaarkey
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Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 08 Nov 2014 08:34

और गीता अपनी

कमर धीरे धीरे उचकाने लगती है, माजी अजय आपको पूरी नंगी करके खूब चोदना चाहता

है, गीता और क्या करना चाहता है मेरा बेटे अपनी मम्मी के साथ, आरती माजी अजय तो सबसे

जयदा दीवाना आपकी मोटी गंद का है कह रहा था कि भाभी मैं अपनी मम्मी की मोटी गंद

को अपने लंड से चोदना चाहता हू, और गीता के होंठो को चूम कर एक दम अलग हो जाती

है गीता अपनी आँखे खोलती हुई क्या हुआ बहू हट क्यो गई, अरे मा जी ज़रा ठहरिए मैं भी

अपने कपड़े निकाल देती हू और फिर आरती पूरी नंगी हो जाती है और अपनी सास के गदराए नंगे

बदन से चिपक कर उसके पूरे नंगे बदन को चूमने लगती और धीरे धीरे अपनी सास के

दूध, पेट और नाभि को चूमती हुई जैसे ही अपना मूह अपनी सास की फूली हुई चूत पर रखती

है गीता एक दम तड़प जाती है और आरती की टाँगे पकड़ कर उसे अपने मूह की ओर खींच कर

उसकी चूत पर अपना मूह लगाकर अपनी बहू की रसीली चूत को मूह मे भर कर पीने लगती है

दोनो सास बहू 69 की पोज़िशन मे एक दूसरे के उपर चढ़ कर एक दूसरे की रसीली चूत चूसने

लगती है, गीता अपनी पूरी जंघे खोल कर अपनी टांग को मोड़ लेती है, और आरती अपनी सास की चूत

का रस खींच खींच कर पीने लगती है,

गीता आह आह ओह बहू आह हाँ ऐसे ही आह और फिर

अपनी बहू की चूत की पूरी फांको को फैलाकर उसके गुलाबी छेद मे अपनी जीभ डाल कर

उसका रस खींच खींच कर चूसने लगती है, करीब 20 मिनिट की गहराई चूत चुसाइ के बाद

दोनो सास बहू एक दूसरे के मूह मे अपना पानी छोड़ देती है,

और फिर एक दूसरे से चिपक कर लेट जाती है, आरती मम्मी आपको को बुरा तो नही लगा, गीता

अपनी बहू के गालो पर हाथ फेरते हुए नही बहू आज तूने मुझे एक नये सुख का अनुभव

कराया है जिसका मुझे बिल्कुल भी आभाष नही था, अच्छा मम्मी अजय जब आपको चोदता है

तब आपको कैसा लगता है, गीता चोन्क्ते हुए, मतलब तू सब जानती है, आरती हाँ मम्मी मैं

सब जानती हू, गीता तूने भी तो अजय से चुदवा रखा है तुझे कैसा लगा, आरती सचमुच

मम्मी अजय जैसा तगड़ा लंड खाकर मेरी चूत मस्त हो जाती है, मैं तो उससे चुदने के लिए

तड़प रही हू, गीता हाँ बेटी मेरा भी यही हाल है, अजय जब मुझे चोद्ता है तो मेरा रोम

रोम खिल उठता है, अजय का लंड बहुत कठोर और बड़ा हो जाता है जब वह मेरी चूत मारता

है, पर बहू तूने ये सब कहाँ से सीखा है जो अभी मेरे साथ किया, आरती अरे मा जी आप नही

जानती जब एक औरत दूसरी औरत की चूत चुस्ती है तो कितना आनंद आता है, हाँ वो तो तूने मेरी

चूत चूस कर आज बता दिया, आरती अच्छा मम्मी आपको मेरी चूत का पानी कैसा लगा क्या

आपको भी उतना ही मज़ा आया जितना मज़ा मुझे आपकी चूत चूस कर आया,गीता बेटी तेरी चूत

की खुश्बू ने मुझे पागल कर दिया है, मैं एक बार और तेरी चूत चूसना चाहती हू, हाँ क्यो

नही माजी, अब मैं आपको दूसरे तरीके से अपनी चूत चुसाउन्गि और आरती पूरी नंगी खड़ी

होकर अपनी सास के मूह पर बैठ जाती है गीता उसकी इस हरकत से मस्त होकर उसकी चूत की

फांको को फैला फैला कर चाटने लगती है,

क्रमशः......................


rajaarkey
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Re: तीन घोड़िया एक घुड़सवार

Unread post by rajaarkey » 08 Nov 2014 08:34

Teen Ghodiya Ek Ghudsawaar--13

gataank se aage...................

vah kya dever ji, bhabhi mai chahta hu ki aap ghodi ban kar mera land apni gand mai lo aur mummy

ko sulakar uski chut aap piyo aur mummy rashmi didi ki chut peeye, par dever ji tumhari ma

iske liye raji hogi kya, are bhabhi isi liye to aap ke pas aaya hu, bhai ye to thodi badi samsya

hai, bhabhi ek idea hai mere pas par vo aapko karna hoga aarti vah kya, ek bar aap mummy

ki malish kar do to vah chut kya gand bhi chata legi aur mera khyal hai vah aapki chut bhi

peene ke liye taiyar hai kyo ki kal chodte samay vah bahut chut chatne ki bat kar rahi thi,

vah bhi chudaspan mai aap se kam nahi hai, uski bat sun kar mai samajh gaya ki yah bhi

bur chusne aur chusane ke liye bekrar hai. thik hai ham kal hi kuch karte hai lekin nanad

rani ka kya kare vah apni mummy se apni chut chtwayegi kya, bhabhi didi ki phikar tum mat

karo bas mummy ko tum raji karo mai didi ko pata leta hu, phir hamara seen yah hoga ki me

thumhe ghodi bana kar peeche se tumhari gand marunga tum apne aage mummy ko ghodi

bana kar uski chut chatna aur mummy, didi ko ghodi banakar uski chut chategi, phir ham

charo ek sath jab bistar par nange hokar ek dusre se chipkenge to pura kamra ham sab ki

siskiyo se gunj uthega, aur phir papa aur bhaiya ke office jate hi ham pure ghar mai nange

hi rahege aur mai tum teeno ghodiyo ko pure ghar mai nangi kar ke dodaunga, aur jab jis

ghodi par man karega chadh jaunga, ise kahte hai bhabhi "Teen ghodiya ek ghudsawar"

aur phir ajay pura nanga hokar apni bhabhi ko puri nangi karke uske nange gadraye badan

se chipak kar uski chut marne lag jata hai

geeta apne kamre mai dressing table ke samne baithi apne hontho par lipstick laga rahi thi

aur apne gadraye husn ko apne gaun ke upar se nihar rahi thi aur man hi man soch rahi thi,

mai 45 ki hone ke bad bhi kitni sexy aur kamuk dikhai deti hu aur apne mote mote doodh ko

mirror mai niharti hui un par apne hath pherne lagi phir uske man mai aaya ki mai kevel

panty aur bra mai kaisi lagti hu jara dekhu to aur usne apna gaun utar diya aur mirror ke

samne apne mastane figur ko niharte huye vah kabhi apne mote doodh ko apne hatho se

utha utha kar dekhti kabhi apni gahri nabhi aur pet par bal khati salvato ko dekhti phir usne

panty ke upar se hi apni phuli hui chut par hath pherte huye, hay meri chut kitni phuli hui

hai, vakai uska lajawab badan tha jo is wakt white color ki cotten ki bra aur panty mai gajab

dha raha thauski jangho ka bharav uski pet ka uthav aur mote mote papite jaise masal

chuchiyo aur un par ek lambi lakir ki gahrai uske husn ko bada madak bana rahe the, phir

geeta ne peeche ghum kar apni moti gand ko mirror me niharne lagi uski white color ki

panty uske mote mote chutado ki darar mai dhasi hui thi,

usne apni panty ko thoda khinch kar puri apni moti gand ki darar mai phansa diya jisse

uske mote mote dono chutado ke pat pure nange dikhne lage aur vah apni moti gand ko

mirror ke samne aur ubhar kar dekhne lagi , hay kitni badi aur moti gand hai meri, tabhi to is

matwali gand ko dekh kar mera beta bhi meri gadrai gand marne ko tadap gaya, aisi moti

gand jiski bhi mummy ki hogi vo beta apni mummy ki moti gand ek na ek bar marne ki jarur

sochta hoga, apni gadrai mummy ki aisi moti gand dekh kar to achche achche beto ka man

apni ma par chadhne ka karne lagta hoga aur unka land apni mummy ki mote mote aise

gadraye chutad dekh kar jhatke marne lagta hoga, aaj kal ki aurte to u bhi jab 40-45 tak

pahuchti hai tab tak unka bete ka land apni mummy ko chodne layak ho hi jata hai, tabhi to

bete apne ma ki moti gand se din bhar chipakne ki koshish karte hai aur ma sochti hai ki

mera beta mujhse pyar karta hai isliye chipak raha hai, vah yah nahi samajhti ki uska beta

unki mastani moti gand marne ke liye tadap raha hai, aur bechare apni mummy ko apne

khyalo mai hi nangi dekh dekh kar muth mar lete hai,

u bhi aaj kal ke bachche 14-15 ke hote hi sabse pahle apni mummy ko hi nangi dekhne ki

jegad mai rahte hai aur dekh bhi lete hai, vaise ek bat to mujhe bhi samajh mai aa gai hai ki

jab ladka apni mummy ko nangi soch soch kar apni mummy ko hi chodne ki kalpna kar ke

mutth marte hai to unhe sabse jyada maza aata hai, aur aajkal ke bachche apni ma aur

bahan ki bra aur panty apne gharo mai tangi dekhte hai to unka land yah soch kar khada

ho jata hai ki meri mummy is panty mai kaisi lagti hogi aur phir kalpna karte hai ki meri

mummy is panty mai kaisi lagti hogi aur yah vahi panty hai jo uski chut se chipki hui thi aur

soch soch kar apni ma bahan ki panty sungh sungh kar yah soch kar mutth mar dete hai ki

vah apni mummy ki chut sungh rahe hai, isiliye ajay bhi pata nahi kab se meri panty sungh

sungh kar land hilata raha hoga. vaise bhi aaj kal ke ladko ko 40-45 ki bhare badan ki apni

ma ki umar ki aurto ko chodne ka bada man karta hai, tabhi to ajay ko apni bhabhi aur didi

se bhi jyada mujhe chodne ka man karta hai,

hay kitna mota hai mere bete ka land aur geeta ki chut apne bete ke mast land ko yad kar

pani chhodne lagti hai, aur vah khadi khadi apni chut mai do ungliya thoda panty sarkakar

dal leti hai aur aankhe band karke apni ungli ko apni chut mai chalane lagti hai aur hay beta

chod de apni mummy ko dekh kaise teri mummy ki chut tadap rahi hai hay ajay chod de

mujhe chod de beta aur ungliya aage peeche karte karte jaise hi apni aankhe kholte hai,

uske hath vahi ke vahi ruk jate hai aur vah sharmakar apna gaun utha leti hai kyo ki uske

samne aarti khadi khadi mand mand muskura rahi thi.