raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ compleet

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rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:14

मस्त घोड़ियाँ--18

गतान्क से आगे........................

मैने देखा मम्मी को सुरूर आने लगा था और वह अब धीरे से पापा के मोटे लंड को दबाने लगी थी, तभी

पापा ने मेरे लबो से ग्लास लगा दिया और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब कस-कस कर दबाते हुए मुझे पिलाने

लगे,

मैने जैसे ही ग्लास ख़तम किया पापा ने सीधे मेरे रसीले भीगे होंठो को अपने मूह मे भर कर चूस

लिया और मैं एक दम से मस्त हो गई, मम्मी ने जब मुझे पापा से चिपकते देखा तो वह भी पापा के लंड को

बाहर निकाल कर सहलाने लगी, पापा मेरी ओर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे और मेरे ब्लौज को खोल कर पापा मेरी सफेद

रंग की ब्रा के उपर से मेरे सुडोल भरे हुए दूध को मसल रहे थे,

मम्मी पूरी मस्ती मे आ चुकी थी तभी पापा ने कहा संध्या बेटी एक-एक ग्लास और लेकर आओ तब तक मैं

तुम्हारी मम्मी को पूरी नंगी कर देता हू,

मैं जल्दी से अंदर गई तो रोहित ने मुझे दबोच लिया उसका मोटा लंड

पूरी तरह खड़ा हुआ था और वह अपने लंड पर तेल लगा-लगा कर मसल रहा था, रोहित ने मुझे पिछे से

दबोचते हुए कहा मेरी रंडी बीबी मेरे पापा से बहुत चिपक रही थी, बहुत पसंद है तुझे पापा का लंड,

और फिर रोहित ने मेरी साडी और पेटिकोट भी उतार दिया और मैं ब्रा और पॅंटी मे रह गई,

फिर रोहित ने मेरी पॅंटी

भी उतार दी और ब्रा को भी खोल दिया और मेरी गंद के पिछे से अपने लंड को रगड़ने लगा,

रोहित के लंड पर तेल की खूब चिकनाई थी और मेरी चूत भी पूरी गीली थी अचानक रोहित ने थोडा ज़ोर लगाया और उसका

मोटा लंड सॅट से मेरी चूत मे अंदर तक समा गया और रोहित मेरे होंठो को पागलो की तरह चूमने लगा,

संध्या- आह क्या बात है रोहित मम्मी की गुदाज गंद और ब्लॅक ब्रा पॅंटी देख कर तुम्हारा लंड कुच्छ ज़यादा

ही झटके मार रहा है,

रोहित- मेरी रानी आज मैं तुझे और मम्मी को दोनो को एक साथ पूरी नंगी करके चोदुन्गा,

संध्या- ठीक है चोद लेना पर पहले पापा को तो फ्री कर दू चलो अब लंड बाहर निकालो और अपनी मम्मी के लिए

एक लार्ज ग्लास बना दो तभी तो वह खूब गंद उठा-उठा कर तुमसे चुद्वयेगि,

रोहित- अच्छा ठीक है और फिर मैं पूरी नंगी ही उन लोगो के लिए ड्रिंक ले कर चली गई रोहित मुझे जाते हुए मेरे

नंगे भारी चुतडो को देख कर लंड मसल रहा था, मैने जैसे ही पापा की ओर ट्रे बढ़ाया पापा ने मम्मी

को बीच मे बैठा लिया और मैं मम्मी के साइड मे बैठ गई,

मनोहर- बेटी संध्या अब तुम और मैं दोनो तुम्हारी मम्मी को ड्रिंक पिलाएगे लेकिन पहले हम दोनो अपना वाला

ग्लास ख़तम कर देते है उसके बाद पापा ने मम्मी के ब्लौज के बटन खोलना शुरू कर दिए, मम्मी मस्ती

मे लगातार पापा का लंड मसले जा रही थी और पापा मम्मी की ब्रा खोल कर उनकी साडी और पेटिकोट भी उतार देते

है,

अब मम्मी की गुदाज भारी भारी जंघे मोटी मोटी फैली हुई गंद, बड़े बड़े मोटे मोटे दूध और उठा हुआ

गुदाज मसल पेट सब कुच्छ सामने था, पापा ने ड्रिंक को मम्मी के मोटे-मोटे बोबो पर डालते हुए उनके निप्पल

को चूसना शुरू कर दिया और मम्मी आह सी आह करने लगी,

पापा की यह हरकत मुझे भी पसंद आई और मैने भी मम्मी के दूसरे दूध को खूब कस कर दबोचते हुए

उसके उपर थोड़ी ड्रिंक डाल कर उसे चूसना शुरू कर दिया, हम तीनो सोफे से टिक कर बैठे थे फिर मैने और पापा

ने मम्मी की दोनो टाँगो को उपर उठा कर मोड़ दिया और अब मम्मी की एक मोटी जाँघ पापा दबा रहे थे और

दूसरी मोटी जाँघ मैं दबाने लगी तभी पापा ने मम्मी की दोनो जाँघो को खूब फैला कर उनकी फूली हुई चूत की

एक फाँक को अपनी ओर खींचा तब मैने भी मम्मी की चूत की दूसरी फाँक को अपनी ओर खींचा,

सामने से रोहित यह नज़ारा देख कर पागल हुआ जा रहा था उसके सामने उसकी मम्मी की मस्त फूली हुई चिकनी चूत

पूरी तरह खुली हुई थी और पापा और मैं एक-एक फांको को पकड़ कर अपनी ओर खींच रहे थे,

कुच्छ देर बाद हम सभी नशे मे मस्त हो चुके थे और रोहित से भी रहा नही जा रहा था,

रोहित ने मुझे

देखते हुए पूच्छा कि वह भी आ जाए क्या तब मैने उसे आने का इशारा कर दिया और मैं जाकर पापा के मोटे

लंड के उपर बैठ गई मेरी चूत मे पापा का पूरा लंड उतार गया और उन्होने मुझे अपने सीने से लगा लिया,

मम्मी आँखे बंद करके अपनी जाँघो को फैलाए अपनी चूत सहला रही थी तभी रोहित आ गया और उसने

मम्मी की गुलाबी चूत से अपनी जीभ लगा दी और उनकी बुर चाटने लगा,

मम्मी ने और भी अपनी टाँगे फैला दी, तभी पापा ने मुझे उठाया और अपने लंड पर खड़े होकर पूरी तरह

बैठा लिया मेरी चूत मे उनका मोटा लंड पूरी तरह फसा हुआ था और मैं उनके सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को

दबाए हुए चिपकी हुई थी,

पापा नीचे से मेरी चूत मे तबीयत से लंड पेल रहे थे और मैं हाय पापा आह आह

बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही मुझे अपने लंड पर चढ़ाए हुए चोद्ते रहिए, पापा मेरे होंठो को

चूस्ते हुए लगातार मेरे बोबे मसल-मसल कर मेरी चूत को ठोंक रहे थे,

फिर वहाँ जगह कम होने के कारण पापा मुझे उठा कर बिस्तेर पर ले गये और वहाँ मुझे घोड़ी बना कर खूब

हुमच हुमच कर मुझे चोदने लगे,

रोहित ने भी मम्मी को खड़ी कर के उनसे रूम के अंदर चलने को कहा और मम्मी आगे आगे चलने लगी और

रोहित मम्मी की मोटी गंद को दबोचते हुए उनके पिछे पिछे चलने लगा, रोहित ने अपनी एक उंगली मम्मी की

गंद के छेद से लगा रखी थी और दूसरे हाथ से मम्मी के मोटे मोटे चूतादो को थपकीया रहा था, रोहित को

मम्मी की मोटी गंद बहुत अच्छी लगी और रोहित ने मम्मी को पेट के बल बिस्तेर पर लेटा दिया और मम्मी की

गंद को दबोचते हुए उस पर थप्पड़ मारने लगा रोहिर अपने लंड को सहलाते हुए अपनी मम्मी की गंद मे जैसे

ही थप्पड़ मारता उसकी मम्मी की गंद लाल हो जाती और मंजू आह रोहित बेटे क्या कर रहा है,

रोहित- मम्मी आपके चूतड़ बहुत मस्त है लगता है इन्हे खूब चाँते ही चाँते मार मार कर लाल कर दू

मंजू- आह सी बेटे जब तू मेरी गंद पर थप्पड़ मारता है तो मेरा दिल करता है कि मेरी गंद मे तू अपना लंड

फसा कर खूब चोद दे, बेटे मेरी गंद मे थप्पड़ मारते हुए उसे चाट्ता भी जा, मैं जानती हू तुझे औरतो की गंद

और चूत चाटने मे बहुत मज़ा आता है,

रोहित ने मम्मी की गंद को फैला कर उसे चाटना शुरू कर दिया वह मम्मी की चूत को उपर से लेकर नीचे तक

चाट्ता फिर मम्मी की गंद के छेद को चाट कर उसकी गुदा मे उंगली डाल देता था,

रोहित जब पापा को देखता है कि वो मुझे खूब कस कस कर झुकाए हुए मेरी गंद मार रहे है तब रोहित भी

मम्मी को वही घोड़ी बना कर उसकी मोटी गंद मे अपने तेल से सने लंड को लगा कर मम्मी के मोटे-मोटे

चूतादो को खूब फैला कर उनकी गंद मे एक करारा धक्का मार देता है और रोहित का लंड मम्मी की मोटी गुदा

को फैलाते हुए गच्छ से अंदर फस जाता है,

मंजू- ओह मा मर गई कितना मोटा लंड है बेटे तेरा पूरी गुदा खोल कर फैला दिया हे रोहित मार डाला रे, मैने

जब रोहित के लंड को मम्मी की गंद मे घुसा देखा तो रोहित की ओर इशारा किया कि खूब तबीयत से अपनी मम्मी

की गंद मारो, रंडी पर बिल्कुल रहम मत करो खूब कस कस कर उसकी गुदा को चोदो तभी उसे मज़ा आएगा,

रोहित मेरा इशारा समझ गया और इस बार उसने ऐसा झटका सासू मा की गंद मे मार दिया कि सासू मा क़ी एक दम से

बोलती ही बंद हो गई, रोहित का मोटा लंड पूरा उसकी मम्मी की मखमली गंद के छेद मे समा गया और मंजू

ओह ओह सी सी करते हुए अपने चूतादो को इधर उधर मटका कर अड्जस्ट करने लगी, मैं भी पापा के लंड को सटा सॅट

अपनी गंद मे ले रही थी लेकिन पापा मुझे बड़े आराम से मेरी बुर को सहलाते हुए चोद रहे थे लेकिन रोहित

मम्मी के चुतडो पर थप्पड़ मारते हुए उनकी गंद के छेद को खूब हुमच हुमच कर चोद रहा था,

पापा कभी मेरे बोबे मसल देते कभी मेरी गंद दबा देते और कभी मेरी चूत को दुलार्ने लगते,

रोहित ने मम्मी के मूह को पकड़ कर अपनी ओर मोड़ लिया और उनके होंठो को पीते हुए उनकी गुदा को ठोकना

शुरू कर दिया, रोहित के हर धक्के के साथ सासू मा उह उह आह आह करने लगती थी, लगभग एक आधे घंटे तक

पापा और रोहित ने मुझे और मम्मी को खूब कस कर चोदा उसके बाद पलंग पर पापा और रोहित मुझे और

मम्मी को लेकर लेट गये मैं और मम्मी पूरी नंगी एक दूसरे से नशे मे चिपकी हुई थी और एक दूसरे के रसीले

होंठो को चूस्ते हुए एक दूसरे के बोबो को खूब मसल रही थी,

उधर रोहित और पापा दोनो मेरी और मम्मी की गंद के पिछे से चिपके हुए थे पापा मेरे चूतादो को दबोच

दबोच कर सहला रहे थे और रोहित मम्मी की गंद मे अभी भी लंड फसाए उन्हे गहराई तक धक्के दे रहा

था,

अब मैं और मम्मी एक दूसरे से पूरे चिपक गये और रोहित और पापा हम दोनो के पिछे से पूरी तरह अपना

अपना लॅंड फसा कर चिपक गये और फिर हम दोनो को खूब कस कस कर ठोकने लगे, उन दोनो के धक्के जब

हमारी गंद मई पड़ते तो मेरे और मम्मी के बदन आपस मई खूब चिपक जाते, जैसे जैसे रोहित और पापा का

जोश बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरे और मम्मी के बीच की दूरी कम हो रही थी, फिर जब पापा और रोहित को

खूब मज़ा आने लगा तब दोनो हमारी गंद पर चढ़ चढ़ कर हमे ठोकने लगे, चुदाई और उसकी ठप की

थपथपाहट पूरे कमरे मे गूँज रही थी और पापा और रोहित मुझे और मम्मी को लेकर पूरी तरह गुत्थम

गुत्थ हो रहे थे, हम दोनो की गंद चुद चुद कर पूरी लाल हो चुकी थी, तभी रोहित ने एक तगड़ा झटका मार दिया

और पापा ने मेरी गंद मे भी अपना मूसल खूब अंदर तक दबा दिया,

मंजू- आह आह चोद बेटा चोद खूब चोद और मार अपनी मम्मी की गंद आज फाड़ दे बेटा आह आ आह सी सी

संध्या- ओह पापा और चोदिये खूब चोदिये आज फाड़ दीजिए अपनी बहू की चूत आह आह आह ओह ओह सी सी

पापा और रोहित हमे चोद चोद कर पूरी मस्त कर दिया और फिर पापा मुझे चोद्ते हुए मम्मी की चूत सहलाने

लगे और रोहित मम्मी की गंद ठोकता हुआ मेरी चूत सहलाने लगा, मैं मम्मी के दूध मसल रही थी और

मम्मी मेरे दूध मसल रही थी, तभी रोहित और पापा के धक्के पूरी मस्ती मे मेरी और मम्मी की गंद मे

पड़ने लगे और हम दोनो रंडियो ने एक दूसरे को खूब कस कर दबोचते हुए अपनी अपनी चूत का पानी छ्चोड़ना

शुरू कर दिया तभी पापा ने अपना गरम गरम वीर्य मेरी गुदाज गंद मे पूरा भर दिया और उधर रोहित ने

मम्मी की मोटी गंद मे अपना वीर्य छ्चोड़ कर उनकी गंद की गहराई मे अपने लंड को पूरा दबा दिया,

उस रात पापा और रोहित ने हम सास बहू की दो बार और खूब तबीयत से चुदाई की और पूरी रात रंडियो की तरह दोनो

बाप बेटो ने मिल कर हमे दबोचा चोदा और हमारा रस पिया,

एक दिन मैं और पापा दोनो मार्केटएमई घूम रहे थे कि अचानक मुझे वही आदमी नज़र आ गया जिसने मेरा

बलात्कार करने की कोशिश की थी, मैने इशारे से पापा को बताया तो पापा ने कहा कि उसे पोलीस के हवाले करे

क्या मैने कहा अब रहने दो लेकिन चलो उससे थोड़ी बात करते है, मैं और पापा उसके पास पहुचे,

और मैने

उससे कहा कहो भैया क्या हाल है आपके,

उसने मुझे गौर से देखा और कहा बहन जी मैने आपको पहचाना नही,

संध्या- हस्ते हुए, भैया आपकी वजह से ही आपकी बहन आज मस्त शादी शुदा जिंदगी जी रही है, सच भैया

आपका मुझ पर बड़ा अहसान है बस इतना कह कर मैं और पापा वहाँ से हस्ते हुए चल दिए और वह काला आदमी

अपना मूह फाडे हमे देखता रह गया शायद वह समझ नही पाया कि उसने मेरे उपर कब और कौन सा एहसान

किया है, बस इतना ज़रूर था कि वह कुच्छ दिन तक यह सोच कर परेशान रहेगा कि इतना मस्त माल कौन था और

मैने उस पर क्या एहसान किया था और कब किया था,

दोस्तो ये कहानी यही ख़तम होती है फिर मिलेंगे किसी नई कहानी के साथ

समाप्त

दा एंड

MAST GHODIYAN--18

gataank se aage........................

maine dekha mummy ko surur aane laga tha aur vah ab dhire se papa ke mote land ko dabane lagi thi, tabhi

papa ne mere labo se glass laga diya aur mere mote-mote doodh ko khub kas-kas kar dabate huye mujhe pilane

lage,

maine jaise hi glass khatam kiya papa ne sidhe mere rasile bhige hontho ko apne muh mai bhar kar chus

liya aur mai ek dam se mast ho gai, mummy ne jab mujhe papa se chipakte dekha to vah bhi papa ke land ko

bahar nikal kar sahlane lagi, papa meri aur jayda dhyan de rahe the aur mere blauj ko khol kar papa meri safed

rang ki bra ke upar se mere sudol bhare huye doodh ko masal rahe the,

mummy puri masti mai aa chuki thi tabhi papa ne kaha sandhya beti ek-ek glass aur lekar aao tab tak mai

tumhari mummy ko puri nangi kar deta hu,

mai jaldi se andar gai to rohit ne mujhe daboch liya uska mota land

puri tarah khada hua tha aur vah apne land par tel laga-laga kar masal raha tha, rohit ne mujhe pichhe se

dabochte huye kaha meri randi bibi mere papa se bahut chipak rahi thi, bahut pasand hai tujhe papa ka land,

aur phir rohit ne meri sadi aur petikot bhi utar diya aur mai bra aur panty mai rah gai,

phir rohit ne meri panty

bhi utar di aur bra ko bhi khol diya aur meri gand ke pichhe se apne land ko ragadne laga,

rohit ke land mai tel ki khub chiknai thi aur meri chut bhi puri gili thi achanak rohit ne thoda jor lagaya aur uska

mota land sat se meri chut mai andar tak sama gaya aur rohit mere hontho ko paglo ki tarah chumne laga,

sandhya- aah kya bat hai rohit mummy ki gudaj gand aur black bra panty dekh kar tumhara land kuchh jayada

hi jhatke mar raha hai,

rohit- meri rani aaj mai tujhe aur mummy ko dono ko ek sath puri nangi karke chodunga,

sandhya- thik hai chod lena par pahle papa ko to free kar du chalo ab land bahar nikalo aur apni mummy ke liye

ek larg glass bana do tabhi to vah khub gand utha-utha kar tumse chudwayegi,

rohit- achcha thik hai aur phir mai puri nangi hi un logo ke liye drink le kar chali gai rohit mujhe jate huye mere

nange bhari chutado ko dekh kar land masal raha tha, maine jaise hi papa ki aur tra badhaya papa ne mummy

ko beech mai betha liya aur mai mummy ke side mai beth gai,

manohar- beti sandhya ab tum aur mai dono tumhari mummy ko drink pilayege lekin pahle hum dono apna wala

glass khatam kar dete hai uske bad papa ne mummy ke blauj ke button kholna shuru kar diye, mummy masti

mai lagatar papa ka land masale ja rahi thi aur papa mummy ki bra khol kar unki sadi aur petikot bhi utar dete

hai,

ab mummy ki gudaj bhari bhari janghe moti moti phaily hui gand, bade bade mote mote doodh aur utha hua

gudaj masal pet sab kuchh samne tha, papa ne drink ko mummy ke mote-mote bobo par dalte huye unke nippal

ko chusna shuru kar diya aur mummy aah si aah karne lagi,

papa ki yah harkat mujhe bhi pasand aai aur maine bhi mummy ke dusre doodh ko khub kas kar dabochte huye

uske upar thodi drink dal kar use chusna shuru kar diya, hum tino sofe se tik kar bethe the phir maine aur papa

ne mummy ki dono tango ko upar utha kar mod diya aur ab mummy ki ek moti jangh papa daba rahe the aur

dusri moti jangh mai dabane lagi tabhi papa ne mummy ki dono jangho ko khub phaila kar unki phuli hui chut ki

ek fank ko apni aur khincha tab maine bhi mummy ki chut ki dusri fank ko apni aur khincha,

samne se rohit yah najara dekh kar pagal hua ja raha tha uske samne uski mummy ki mast phuli hui chikni chut

puri tarah khuli hui thi aur papa aur mai ek-ek fanko ko pakad kar apni aur khinch rahe the,

kuchh der bad hum sabhi nashe mai mast ho chuke the aur rohit se bhi raha nahi ja raha tha,

rohit ne mujhe

dekhte huye puchcha ki vah bhi aa jaye kya tab maine use aane ka ishara kar diya aur mai jakar papa ke mote

land ke upar beth gai meri chut mai papa ka pura land utar gaya aur unhone mujhe apne sine se laga liya,

mummy aankhe band karke apni jangho ko phailaye apni chut sahla rahi thi tabhi rohit aa gaya aur usne

mummy ki gulabi chut se apni jeebh laga di aur unki bur chatne laga,

mummy ne aur bhi apni tange phaila di, tabhi papa ne mujhe uthaya aur apne land par khade hokar puri tarah

betha liya meri chut mai unka mota land puri tarah fasa hua tha aur mai unke sine se apne mote-mote doodh ko

dabaye huye chipki hui thi,

papa niche se meri chut mai tabiyat se land pel rahe the aur mai hay papa aah aah

bahut achcha lag raha hai aise hi mujhe apne land par chadhaye huye chodte rahiye, papa mere hontho ko

chuste huye lagatar mere bobe masal-masal kar meri chut ko thonk rahe the,

phir vaha jagah kam hone ke karan papa mujhe utha kar bister par le gaye aur vaha mujhe ghodi bana kar khub

humach humach kar mujhe chodne lage,

rohit ne bhi mummy ko khadi kar ke unse room ke andar chalne ko kaha aur mummy aage aage chalne lagi aur

rohit mummy ki moti gand ko dabochte huye unke pichhe pichhe chalne laga, rohit ne apni ek ungli mummy ki

gand ke chhed se laga rakhi thi aur dusre hath se mummy ke mote mote chutado ko thapkiya raha tha, rohit ko

mummy ki moti gand bahut achchi lagi aur rohit ne mummy ko pet ke bal bister par leta diya aur mummy ki

gand ko dabochte huye us par thapad marne laga rohir apne land ko sahlate huye apni mummy ki gand mai jaise

hi thapad marta uski mummy ki gand lal ho jati aur manju aah rohit bete kya kar raha hai,

rohit- mummy aapke chutad bahut mast hai lagta hai inhe khub chate hi chate mar mar kar lal kar du

manju- aah si bete jab tu meri gand mai thappad marta hai to mera dil karta hai ki meri gand mai tu apna land

fasa kar khub chod de, bete meri gand mai thappad marte huye use chtta bhi ja, mai janti hu tujhe aurto ki gand

aur chut chatne mai bahut maja aata hai,

rohit ne mummy ki gand ko phaila kar use chatna shuru kar diya vah mummy ki chut ko upar se lekar niche tak

chatta phir mummy ki gand ke chhed ko chat kar uski guda mai ungli bhar deta tha,

rohit jab papa ko dekhta hai ki vo mujhe khub kas kas kar jhukaye huye meri gand mar rahe hai tab rohit bhi

mummy ko vahi ghodi bana kar uski moti gand mai apne tel se sane land ko laga kar mummy ke mote-mote

chutado ko khub phaila kar unki gand mai ek karara dhakka mar deta hai aur rohit ka land mummy ki moti guda

ko phailate huye gachch se andar fas jata hai,

manju- oh ma mar gai kitna mota land hai bete tera puri guda khol kar phaila diya hay rohit mar dala re, maine

jab rohit ke land ko mummy ki gand mai ghusa dekha to rohit ki aur ishara kiya ki khub tabiyat se apni mummy

ki gand maro, randi par bilkul raham mat karo khub kas kas kar uski guda ko chodo tabhi use maja aayega,

rohit mera ishara samajh gaya aur is bar usne aisa jhatka sasu ma ki gand mai mar diya ki sasu ma ki ek dam se

bolti hi band ho gai, rohit ka mota land pura uski mummy ki makhmali gand ke chhed mai sama gaya aur manju

oh oh si si karte huye apne chutado ko idhar udhar matka kar adjust karne lagi, mai bhi papa ke land ko sata sat

apni gand mai le rahi thi lekin papa mujhe bade aaram se meri bur ko sahlate huye chod rahe the lekin rohit

mummy ke chutado par thappad marte huye unki gand ke chhed ko khub humach humach kar chod raha tha,

papa kabhi mere bobe masal dete kabhi meri gand daba dete aur kabhi meri chut ko dularne lagte,

rohit ne mummy ke muh ko pakad kar apni aur mod liya aur unke hontho ko pite huye unki guda ko thokna

shuru kar diya, rohit ke har dhakke ke sath sasu ma uh uh aah aah karne lagti thi, lagbhag ek aadhe ghante tak

papa aur rohit ne mujhe aur mummy ko khub kas kar choda uske bad palang par papa aur rohit mujhe aur

mummy ko lekar let gaye mai aur mummy puri nangi ek dusre se nashe mai chipki hui thi aur ek dusre ke rasile

hontho ko chuste huye ek dusre ke bobo ko khub masal rahi thi,

udhar rohit aur papa dono meri aur mummy ki gand ke pichhe se chipke huye the papa mere chutado ko daboch

daboch kar sahla rahe the aur rohit mummy ki gand mai abhi bhi land fasaye unhe gahrai tak dhakke de raha

tha,

ab mai aur mummy ek dusre se pure chipak gaye aur rohit aur papa hum dono ke pichhe se puri tarah apna

apna land fasa kar chipak gaye aur phir hum dono ko khub kas kas kar thokne lage, un dono ke dhakke jab

hamari gand mai padte to mere aur mummy ke badan apas mai khub chipak jate, jaise jaise rohit aur papa ka

josh badh raha tha vaise vaise mere aur mummy ke beech ki duri kam ho rahi thi, phir jab papa aur rohit ko

khub maja aane laga tab dono hamari gand par chadh chadh kar hame thokne lage, chudai aur uski thap ki

thapthapahat pure kamre mai gunj rahi thi aur papa aur rohit mujhe aur mummy ko lekar puri tarah guttham

gutth ho rahe the, hum dono ki gand chud chud kar puri lal ho chuki thi, tabhi rohit ne ek tagda jhatka mar diya

aur papa ne meri gand mai bhi apna musal khub andar tak daba diya,

manju- aah aah chod beta chod khub chod aur mar apni mummy ki gand aaj fad de beta aah aah aah si si

sandhya- oh papa aur chodiye khub chodiye aaj fad dijiye apni bahu ki chut aah aah aah oh oh si si

papa aur rohit hame chod chod kar puri mast kar diya aur phir papa mujhe chodte huye mummy ki chut sahlane

lage aur rohit mummy ki gand thokta hua meri chut sahlane laga, mai mummy ke doodh masal rahi thi aur

mummy mere doodh masal rahi thi, tabhi rohit aur papa ke dhakke puri masti mai meri aur mummy ki gand mai

padne lage aur hum dono randiyo ne ek dusre ko khub kas kar dabochte huye apni apni chut ka pani chhodna

shuru kar diya tabhi papa ne apna garam garam veerya meri gudaj gand mai pura bhar diya aur udhar rohit ne

mummy ki moti gand mai apna veerya chhod kar unki gand ki gahrai mai apne land ko pura daba diya,

us rat papa aur rohit ne hum sas bahu ki do bar aur khub tabiyat se chudai ki aur puri rat randiyo ki tarah dono

bap beto ne mil kar hame dabocha choda aur hamara ras piya,

ek di mai aur papa dono market mai ghum rahe the ki achanak mujhe vahi aadnmi najar aa gaya jisne mera

balatkar karne ki koshish ki thi, maine ishare se papa ko bataya to papa ne kaha ki use police ke hawale kare

kya maine kaha ab rahne do lekin chalo usse thodi bat karte hai, mai aur papa uske pas pahuche,

aur maine

usse kaha kaho bhaiya kya hal hai aapke,

usne mujhe gaur se dekha aur kaha bahan ji maine aapko pahchana nahi,

sandhya- haste huye, bhaiya aapki vajah se hi aapki bahan aaj mast shadisuda jindagi ji rahi hai, sach bhaiya

aapka mujh par bada ahsan hai bas itna kah kar mai aur papa vaha se haste huye chal diye aur vah kala aadmi

apna muh fade hame dekhta rah gaya shayad vah samajh nahi paya ki usne mere upar kab aur kaun sa ehsan

kiya hai, bas itna jarur tha ki vah kuchh din tak yah soch kar pareshan rahega ki itna mast mal kaun tha aur

maine us par kya ehsan kiya tha aur kab kiya tha,

The End