raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ compleet

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rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:00

मस्त घोड़ियाँ--12

गतान्क से आगे........................

मामा- हाँ बेटी उस समय तेरी गंद तेरी मम्मी की गंद की तरह मोटी और गुदाज हो जाएगी तेरा पेट बच्चे पेदा करने से और भी उभर कर सामने आ जाएगा और तेरे ये दूध और भी मोटे हो जाएगे तब देखना तेरे पापा तेरी गदराई जवानी को देख कर तेरी मस्त तरीके से चूत मारेंगे,

एक बाप के सामने जब उसकी बेटी एक भरी पूरी औरत बन कर आएगी तब देखना तेरे पापा का लंड तुझे देखते से ही खड़ा हो जाएगा,

मामा जी ने संगीता की गंद के नीचे हाथ डाल कर उसकी गंद को अपने हाथो मे भर कर उपर उठा लिया और अपने पेरो के पंजो के बल पर बैठ कर संगीता की चूत को खूब कस-कस कर ठोकने लगे और संगीता हाय मामा ओह मामा मर गई और तेज मारो खूब चोदो मामा जी और चोदो की आवाज़ लगाने लगी,

पूरा कमरा उनकी चुदाई की ठप से गूँज उठा और मामा जी सतसट अपने लंड को संगीता की चूत मे पेलते जा रहे थे,

संगीता अपनी चूत को खूब उठा-उठा कर मामा के लंड पर मार रही थी और संगीता की सूजी हुई लाल चूत देख कर मामा उसे खूब रगड़-रगड़ कर चोद रहे थे, लगभग एक घंटे का खेल होने के बाद मामा ने अपना माल संगीता की बुर मे जैसे ही छ्चोड़ा संगीता मामा के लंड से अपनी चूत को पूरी तरह चिपकाते हुए हफने लगी और उसकी बुर ने ढेर सारा पानी छ्चोड़ दिया,

अगले दिन मनोहर अपने ऑफीस निकल गया और बुआ और संगीता मार्केट चली गई उसके बाद रोहित और मामा भी इधर उधर घमते हुए पान की दुकान पर खड़े होकर बाते करने लगे, घर मे संध्या और मंजू आमने सामने बैठ कर काम करने लगी, उधर मनोहर के पास ऑफीस मे सपना का फोन आता है कि उसको उसके पापा रतन ने बुलाया है,

मनोहर कुछ देर बाद रतन के कॅबिन मे पहुच जाता है और तभी सपना रतन की गोद से उठ कर मनोहर को मुस्कुराकर देखते हुए बाहर चली जाती है तभी रतन सपना को दो कॉफी का इशारा कर देता है और फिर-

रतन- यार मनोहर मुझे तो एक बात आज पता चली और साले तूने भी बताया नही

मनोहर- कौन सी बात

रतन- यही कि मेहता तो तेरा समधी है

मनोहर- अपने सर पर हाथ फेरते हुए हाँ यार तुझसे मैने यह राज च्छूपा रखा था

रतन- तभी तो कहु की मेहता तेरे एक कहने पर कैसे मान गया, पर तूने यह भी नही बताया कि आख़िर तूने उस पर ऐसा क्या एहसान कर रखा है जो वह तेरी बात कभी नही टालता है,

मनोहर- उसका एक बहुत बड़ा कारण है रतन, यह एक घटना है जो बस घट गई

रतन- बता तो हुआ क्या था

मनोहर- यार यह एक ऐसी घटना है जिसे तू एक अनोखा हादसा कह सकता है और यही घटना थी जिसकी वजह से मैने अपने बेटे रोहित की शादी बड़ी सादगी से मेहता की बेटी संध्या से कर दी थी,

रतन- मेहता का पूरा नाम मनोज मेहता है ना, और मेरे ख्याल से उसकी तो बस एक बेटी ही है

मनोहर- मुस्कुराते हुए क्यो रतन उसकी बीबी ममता को भूल गया क्या,

रतन- हाँ-हाँ याद आया लेकिन हुआ क्या था जो तुझे और मेहता को अपने बच्चो की शादी इतने सादगी भरे अंदाज मे कर दी,

मनोहर- चल अब तूने पुरानी याद ताज़ा कर दी है तो मैं तुझे बता ही देता हू, एक बार मैं अपनी कार से सुनसान रोड पर चला जा रहा था, रोड के आस पास जंगली इलाक़ा था, तभी मुझे एक लड़की की चीखने की आवाज़ सुनाई दी और मैने जल्दी से कार रोक कर आवाज़ की तरफ जाने लगा और जब मैं थोड़ा जंगल के अंदर गया तो वहाँ एक काला सा आदमी एक लड़की के उपर चढ़ा हुआ था और वह उसे पूरी नंगी कर चुका था लड़की का जीन्स और उसकी टीशर्ट साइड मे पड़े थे मैं उन दोनो से बस थोड़ी दूरी पर था तभी उस काले आदमी ने उस लड़की की जाँघो को फैलाया और अपने लंड का एक तेज झटका उसकी चूत मे मार दिया लड़की बिल्कुल अन्छुइ और कुँवारी थी जिसके कारण उस काले का मोटा लंड का टोपा ही अंदर घुसा होगा

और मैं ज़ोर से वहाँ से आवाज़ लगा कर उसकी और दौड़ा, मुझे देखते ही वह काला आदमी अपने लंड को निकाल कर बहुत तेज़ी से दूसरी ओर भाग गया,

रतन- फिर क्या हुआ

मनोहर- वह जगह बिल्कुल सुनसान थी और उसके आगे एक तालाब था, मैं जब उस लड़की के पास पहुचा तो वह कराहती हुई नंगी अपनी जंघे फैलाए पड़ी थी और उसकी चूत से थोड़ा सा खून निकल रहा था मैं समझ गया कि लड़की की सील पर धक्का लगने से थोड़ा सा खून आ गया है मुझे खुशी थी कि मैने उसे पूरी तरह चुद से बचा लिया था नही तो उस आदमी का क्या भरोशा था कि वह उसे चोदने के बाद जिंदा छ्चोड़ देता,

मैने जब उस लड़की के गुदाज रसीले बदन उसकी चिकनी जंघे उसके कसे हुए पपीते की तरह दूध उसका सपाट चिकना पेट और उसकी मस्त गोरी और फैली हुई गंद देखी तो सच मानो रतन मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया, मैने उस लड़की के सर के नीचे हाथ डाल कर उसे उठाया तो वह एक दम से मेरे सीने से चिपक कर रोने लगी, मैने उसके आँसू पोछ्ते हुए उसके गालो पर हाथ फेरा और उसकी गोरी नंगी पीठ सहलाते हुए उससे कहा चुप हो जा बेटी वह कमीना भाग गया है,

वह लड़की सिसकिया लेते हुए मुझसे बुरी तरह चिपकी हुई थी और मैं उसके नंगे बदन को सहलाते हुए उसे लगभग अपनी गोद मे बैठाए था, मैने उससे कहा अच्छा अब रोना बंद करो और मुझे अपना नाम बताओ

उसने मुझे अपना नाम संध्या बताया और फिर उसने बताया कि वह इस काले से लिफ्ट लेकर आ रही थी लेकिन उसके बाद उसने उसकी गाड़ी जंगल मे मोड़ दी और मुझे उतार कर जबदस्ती करने लगा, फिर वह फुट-फुट कर रोने लगी और कहने लगी मुझे छ्चोड़ दो मैं मर जाना चाहती हू मैं अपने पापा के पास अब क्या मूह लेकर जाउन्गि, मुझसे कौन शादी करेगा,

मेरा हाथ एक दम से उसके कसे हुए दूध पर चला गया और मेरा लंड झटके देने लगा, मैने उसके रसीले होंठो और गालो पर हाथ फेरते हुए उसे चुप कराया और उससे कहा ठीक है अगर मैं तेरी शादी अपने बेटे से करवा दू तब तो मरने के बारे मे नही सोचेगी, तब कही जाकर वह थोड़ा शांत हुई और फिर उसे जब अपने नंगे बदन का ख्याल आया तो मेरे पास से उठते हुए बोली हटिए मुझे कपड़े पहनने दीजिए,

वह जैसे ही अपनी मोटी गंद उठा कर मेरे सामने खड़ी हुई मेरा तो लंड पानी-पानी हो गया,

बस फिर क्या था मैं जज्बाती हो गया और मैने उससे कहा, देखो लड़की तुम्हारा बलात्कार हुआ है और अगर तुम

यह चाहती हो कि समाज मे तुम्हारी इज़्ज़त बरकरार रहे तो जैसा मैं कहता हू वैसा ही करो और फिर मैने उसे नंगी ही अपनी गोद मे उठा लिया और उसे तालाब के पास ऐसी जगह पर ले गया जहाँ से किसी को भी हम दिखाई नही देते, वह मेरी गोद मे नंगी चढ़ि हुई थी और उसका गुदाज गोरा बदन और भारी चुतडो ने मेरे लंड को पूरी तरह खड़ा कर दिया था,

मैने उसे उगी हुई घास पर बैठा दिया और फिर मैं उसकी दोनो जाँघो को फैला कर उसकी चूत को देखने लगा तो उसने अपनी जंघे कस कर चिपकाते हुए कहा अंकल यह आप क्या कर रहे है,

मैने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा देखो बेटी पहले तो बिल्कुल भी घबराव मत यह समझ लो कि अब तुम अपने पापा की गोद मे आ चुकी हो और दूसरी बात तुम्हारे अंगो से खून आ रहा है इसे पानी से अच्छे से धोने दो और फिर मैने जब उसकी जाँघो को चौड़ा किया तो वो भी अपनी जाँघो को चौड़ा करते हुए अपनी चूत देखने लगी और उसे मेरी बात पर यकीन आ गया कि मैं ठीक कह रहा हू,

मैने ठंडे पानी से उसकी फूली हुई मस्त चूत को धोना शुरू कर दिया और फिर जब मेरा हाथ उसकी गोरी मुलायम बिना बालो वाली चूत पर पड़ा तो मैं तो मस्त हो गया और मैने उसकी चूत को पानी से अच्छे से रगड़ना चालू कर दिया,

रतन- हस्ते हुए लोंदियो की नब्ज़ पकड़ना तुम अच्छी तरह जानते हो मनोहर

मनोहर- रतन उस समय तू उसे पूरी नंगी देखता तो वह तेरी मा भी होती तो उसे चोदे बिना नही रह पाता

रतन- हस्ते हुए अच्छा भाई फिर क्या हुआ,

मनोहर- फिर क्या था दोस्त मैं जानबूझ कर उसके भज्नाशे को पानी डाल-डाल कर रगड़ने लगा और वह मस्ताने लगी, मैं बड़े गौर से उसकी गुलाबी बुर देख रहा था और वह मुझे अपनी चूत धोते हुए बड़े प्यार से देख रही थी, फिर वह कुच्छ शरमाने लगी और फिर से अपनी जंघे बंद कर ली,

मैने उसको देख कर कहा क्या हुआ बेटी तब उसने मुझसे कहा अंकल प्लीज़ अब रहने दो मुझे शर्म आ रही है,

मैने उससे कहा बेटी उस गंदे आदमी के कारण तुम्हे कोई इन्फेक्षन ना हो इसलिए पानी से धोना ज़रूरी है, और फिर इस बार मैने उसकी दोनो जाँघो को पूरी तरह चौड़ा कर दिया और उसकी मस्त गुलाबी चूत खिल कर पूरी सामने आ गई, अब मैं संध्या की चूत मे पानी डाल-डाल कर रगड़ते हुए उसके भज्नाशे को जैसे ही छेड़ता वह एक दम से अपनी गंद उठाने लगती उसका चेहरा अब कामुक हो चला था और मैं देख रहा था कि अब उसे भी मज़ा आने लगा था तभी मैने उसके दूध के निप्पल को देखा तो मस्त हो गया उसके दूध के गुलाबी निप्पल पूरी तरह तन कर खड़े हो गये थे,

वह अपनी मस्ती मे मस्त हो रही थी और मैने धीरे से अपनी बीच वाली उंगली उसकी चूत के लाल छेद मे डाल दी जिससे वह गन्गना उठी और एक दम से मुझसे चिपक गई,

मैं बिल्कुल भी जल्दिबाजी नही करना चाहता था और मैने उसे अपने सीने से चिपका लिया और उसके कसे हुए दूध बुरी तरह मेरी छाती से दबने लगे, लेकिन मैने उसकी चूत से हाथ नही हटाया था और अपनी उंगली को धीरे-धीरे उसकी बुर मे दबाता जा रहा था,

अब मेरी उंगली मे यह एहसास हो चला था कि उसकी चूत से चिकनाहट बाहर आ रही है, जब मैने उसकी चूत से अपनी मोटी उंगली को बाहर निकाल कर देखा तो उसकी चूत से मलाई मेरी उंगली पर लग गई थी, मैने धीरे से उंगली वापस उसकी चूत मे डाल कर उसे चूम लिया और वह कराह उठी और फिर मुझसे कस कर चिपक गई उसका मन शायद अपने बोबे मसलवाने का होने लगा था वह अपने दूध मुझसे रगड़ रही थी और यह भी कह रही थी अंकल प्लीज़ अब छ्चोड़ दीजिए,

मैने उसे नंगी ही उठा कर अपनी गोद मे बैठा लिया और उसके मोटे-मोटे दूध को कस कर अपने हाथो मे भर कर मसल्ने लगा और उसके होंठो को चूम लिया,

मेरा लंड सीधे उसकी चूत और गंद के बीच रगड़ खाने लगा और उसने मुझसे शरमाते हुए कहा अंकल प्लीज़ छ्चोड़ दीजिए मुझे, और फिर वह मेरे सीने से कस कर चिपकती हुई बोली अंकल आप ही ऐसा करेगे तो फिर आपमे और उस काले मे क्या फ़र्क रह जाएगा,

मैने कहा पहली बात तो तुम मुझे अंकल मत कहो पापा कहो और दूसरी बात उस काले मे और मुझमे यह फ़र्क है कि वह सिर्फ़ तुमको दर्द देता और मैं तुमको दर्द के साथ मज़ा भी दूँगा और मैने उसके दूध को कस कर दबा दिया,

वह नंगी तो पहले से ही थी और मेरे सहलाने से उसकी चूत मे पानी आ गया और फिर रतन बाबू उस दिन मैने अपनी बहू संध्या को वही जंगल मे तालाब किनारे खूब कस कर चोदा, जब मैं संध्या को चोद चुका तब वह अपने कपड़े पहन कर रेडी हो गई और मैं उसे लेकर उसके पापा के पास पहुच गया,

रतन- फिर

मनोहर- फिर क्या था मैने उसके बाप के हाथ मे उसकी बेटी को दिया और उससे कहा कि आज तुम्हारी बेटी का बलात्कार हुआ है और फिर उस काले वाली बात मेहता को बता दी, मेहता अपनी बेटी को अपने सीने से लगा कर उससे पुच्छने लगा और संध्या ने रोते हुए उसे सब बता दिया और कहा आज अगर ये अंकल वहाँ नही आते तो मैं आपके सामने जिंदा ना खड़ी होती,

मेहता बुरी तरह घबरा गया और कहने लगा मैं पोलीस को फोन करता हू लेकिन मैने उसे बदनामी का डर बता कर मना कर दिया और फिर जब मैने उसकी चुदी हुई

बेटी से अपने बेटे की शादी का ऑफर किया तो मेहता मेरे पेरो मे घिर पड़ा और बस फिर क्या था संध्या और रोहित की शादी हो गई,

रतन-मुस्कुराते हुए वाकई दिलचस्प थी तुम्हारी कहानी खेर तुम्हे जान कर खुशी होगी कि आज रात मैने एक छ्होटी सी पार्टी रखी है और तुम्हारे लिए एक मस्त माल का भी इंतज़ाम किया हुआ है

मनोहर-हस्ते हुए कमिने ज़रूर अब तेरी नज़र किसी और मुनाफ़े मे अटक गई है नही तो फ्री मे तू मुझे क्या माल ऑफर करेगा, हाँ अगर सोदा तेरे फ़ायदे का हो तो तू अपनी मा को भी दाव पर लगा दे ऐसा आदमी है तू,

रतन- भाई मनोहर रतन का तो हिसाब ऐसा है कि जो चीज़ उपयोग की है उसका उपयोग हो और जो चीज़ उपभोग की हो उसका पूरी तरह उपभोग होना चाहिए,

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--12

gataank se aage........................

mama- ha beti us samay teri gand teri mummy ki gand ki tarah moti aur gudaj ho jayegi tera pet bachche peda karne se aur bhi ubhar kar samne aa jayega aur tere ye doodh aur bhi mote ho jayege tab dekhna tere papa teri gadrai jawani ko dekh kar teri mast tarike se chut marege,

ek bap ke samne jab uski beti ek bhari puri aurat ban kar aayegi tab dekhna tere papa ka land tujhe dekhte se hi khada ho jayega,

mama ji ne sangita ki gand ke niche hath dal kar uski gand ko apne hantho mai bhar kar upar utha liya aur apne pero ke panjo ke bal par beth kar sangita ki chut ko khub kas-kas kar thokne lage aur sangita hay mama oh mama mar gai aur tej maro khub chodo mama ji aur chodo ki aawaj lagane lagi,

pura kamra unki chudai ki thap se gunj utha aur mama ji satasat apne land ko sangita ki chut mai pelte ja rahe the,

sangita apni chut ko khub utha-utha kar mama ke land par mar rahi thi aur sangita ki suji hui lal chut dekh kar mama use khub ragad-ragad kar chod rahe the, lagbhag ek ghante ka khel hone ke bad mama ne apna mal sangita ki bur mai jaise hi chhoda sangita mama ke land se apni chut ko puri tarah chipkate huye hafne lagi aur uski bur ne dher sara pani chhod diya,

agle din manohar apne office nikal gaya aur bua aur sangita market chali gai uske bad rohit aur mama bhi idhar udhar ghmte huye pan ki dukan par khade hokar bate karne lage, ghar mai sandhya aur manju aamne samne beth kar kam karne lagi, udhar manohar ke pas office mai sapna ka phone aata hai ki usko uske papa ratan ne bulaya hai,

manohar kuch der bad ratan ke cabin mai pahuch jata hai aur tabhi sapna ratan ki god se uth kar manohar ko muskurakar dekhte huye bahar chali jati hai tabhi ratan sapna ko do coffee ka ishara kar deta hai aur phir-

ratan- yaar manohar mujhe to ek bat aaj pata chali aur sale tune bhi bataya nahi

manohar- kaun si bat

ratan- yahi ki mehta to tera samdhi hai

manohar- apne sar par hath pherte huye ha yaar tujhse maine yah raj chhupa rakha tha

ratan- tabhi to kahu ki mehta tere ek kahne par kaise man gaya, par tune yah bhi nahi bataya ki aakhir tune us par aisa kya ehsan kar rakha hai jo vah teri bat kabhi nahi talta hai,

manohar- uska ek bahut bada karan hai ratan, yah ek ghatna hai jo bas ghat gai

ratan- bata to hua kya tha

manohar- yaar yah ek aisi ghatna hai jise tu ek anokha hadsa kah sakta hai aur yahi ghatna thi jiski vajah se maine apne bete rohit ki shadi badi sadgi se mehta ki beti sandhya se kar di thi,

ratan- mehat ka pura nam manoj mehta hai na, aur mere khyal se uski to bas ek beti hi hai

manohar- muskurate huye kyo ratan uski bibi mamta ko bhul gaya kya,

ratan- ha-ha yaad aaya lekin hua kya tha jo tujhe aur mehta ko apne bachcho ki shadi itne sadgi bhare andaj mai kar di,

manohar- chal ab tune purani yaad taja kar di hai to mai tujhe bata hi deta hu, ek bar mai apni kar se sunsan road par chala ja raha tha, road ke aas paas jungli ilaka tha, tabhi mujhe ek ladki ki chikhne ki aawaj sunai di aur maine jaldi se car rok kar aawaj ki taraf jane laga aur jab mai thoda jungle ke andar gaya to vaha ek kala sa aadmi ek ladki ke upar chadha hua tha aur vah use puri nangi kar chuka tha ladki ka jeans aur uski tshirt side mai pade the mai un dono se bas thodi duri par tha tabhi us kale aadmi ne us ladki ki jangho ko phailaya aur apne land ka ek tej jhatka uski chut mai mar diya ladki bilkul anchhui aur kunwari thi jiske karan us kale ka mota land ka topa hi andar ghusa hoga

aur maine jor se vaha se aawaj laga kar uski aur dauda, mujhe dekhte hi vah kala aadmi apne land ko nikal kar bahut teji se dusri aur bhag gaya,

ratan- phir kya hua

manohar- vah jagah bilkul sunsan thi aur uske aage ek talab tha, mai jab us ladki ke pas pahucha to vah karahti hui nangi apni janghe phailaye padi thi aur uski chut se thoda sa khun nikal raha tha mai samajh gaya ki ladki ki seal par dhakka lagne se thoda sa khun aa gaya hai mujhe khushi thi ki maine use puri tarah chudne se bacha liya tha nahi to us aadmi ka kya bharosha tha ki vah use chodne ke bad jinda chhod deta,

maine jab us ladki ke gudaj rasile badan uski chikni janghe uske kase huye papite ki tarah doodh uska sapat chikna pet aur uski mast gori aur phaily hui gand dekhi to sach mano ratan mera land turant khada ho gaya, maine us ladki ke sar ke niche hath dal kar use uthaya to vah ek dam se mere sine se chipak kar rone lagi, maine uske aansu pochhte huye uske galo par hath phera aur uski gori nangi pith sahlate huye usse kaha chup ho ja beti vah kamina bhag gaya hai,

vah ladki siskiya lete huye mujhse buri tarah chipki hui thi aur mai uske nange badan ko sahlate huye use lagbhag apni god mai bethaye tha, maine usse kaha achcha ab rona band karo aur mujhe apna nam batao

usne mujhe apna nam sandhya bataya aur phir usne bataya ki vah is kale se lift lekar aa rahi thi lekin uske bad usne uski gadi jungle mai mod di aur mujhe utar kar jabadasti karne laga, phir vah fut-fut kar rone lagi aur kahne lagi mujhe chhod do mai mar jana chahti hu mai apne papa ke pas ab kya muh lekar jaungi, mujhse kaun shadi karega,

mera hath ek dam se uske kase huye doodh par chala gaya aur mera land jhatke dene laga, maine uske rasile hontho aur galo par hath pherte huye use chup karaya aur usse kaha thik hai agar mai teri shadi apne bete se karwa du tab to marne ke bare mai nahi sochegi, tab kahi jakar vah thoda shant hui aur phir use jab apne nange badan ka khyal aaya to mere pas se uthte huye boli hatiye mujhe kapde pahnne dijiye,

vah jaise hi apni moti gand utha kar mere samne khadi hui mera to land pani-pani ho gaya,

bas phir kya tha mai jajbati ho gaya aur maine usse kaha, dekho ladki tumhara balatkar hua hai aur agar tum

yah chahti ho ki samaj mai tumhari ijjat barkrar rahe to jaisa mai kahta hu vaisa hi karo aur phir maine use nangi hi apni god mai utha liya aur use talab ke pass aisi jagah par le gaya jaha se kisi ko bhi hum dikhai nahi dete, vah meri god mai nangi chadhi hui thi aur uska gudaj gora badan aur bhari chutado ne mere land ko puri tarah khada kar diya tha,

maine use ugi hui ghas par betha diya aur phir maine uski dono jangho ko phaila kar uski chut ko dekhne laga to usne apni janghe kas kar chipkate huye kaha uncle yah aap kya kar rahe hai,

maine uske sar par hath pherte huye kaha dekho beti pahle to bilkul bhi ghabrao mat yah samajh lo ki ab tum apne papa ki god mai aa chuki ho aur dusri bat tumhare ango se khun aa raha hai ise pani se achche se dhone do aur phir maine jab uski jangho ko chauda kiya to usne bhi apni jangho ko chauda karte huye apni chut dekhne lagi aur use meri bat par yakin aa gaya ki mai thik kah raha hu,

maine thande pani se uski phuli hui mast chut ko dhona shuru kar diya aur phir jab mera hath uski gorigat mulayam bina balo wali chut par pada to mai to mast ho gaya aur maine uski chut ko pani se achche se ragadna chalu kar diya,

ratan- haste huye londiyo ki nabj pakadna tum achchi tarah jante ho manohar

manohar- ratan us samay tu use puri nangi dekhta to vah teri ma bhi hoti to use chode bina nahi rah pata

ratan- haste huye achcha bhai phir kya hua,

manohar- phir kya tha dost mai janbujh kar uske bhagnashe ko pani dal-dal kar ragadne laga aur vah mastane lagi, mai bade gaur se uski gulabi bur dekh raha tha aur vah mujhe apni chut dhote huye bade pyar se dekh rahi thi, phir vah kuchh sharmane lagi aur phir se apni janghe band kar li,

maine usko dekh kar kaha kya hua beti tab usne mujhse kaha uncle please ab rahne do mujhe sharm aa rahi hai,

maine usse kaha beti use gande aadmi ke karan tumhe koi infection na ho isliye pani se dhona jaruri hai, aur phir is bar maine uski dono jangho ko puri tarah chauda kar diya aur uski mast gulabi chut khil kar puri samne aa gai, ab mai sandhya ki chut mai pani dal-dal kar ragadte huye uske bhagnashe ko jaise hi chhedta vah ek dam se apni gand uthane lagti uska chehra ab kamuk ho chala tha aur mai dekh raha tha ki ab use bhi maja aane laga tha tabhi maine uske doodh ke nippal ko dekha to mast ho gaya uske doodh ke gulabi nippal puri tarah tan kar khade ho gaye the,

vah apni masti mai mast ho rahi thi aur maine dhire se apni beech wali ungli uski chut ke lal chhed mai dal di jisse vah gangana uthi aur ek dam se mujhse chipak gai,

mai bilkul bhi jaldibaji nahi karna chahta tha aur maine use apne sine se chipka liya aur uske kase huye doodh buri tarah meri chhati se dabne lage, lekin maine uski chut se hath nahi hataya tha aur apni ungli ko dhire-dhire uski bur mai dabata ja raha tha,

ab meri ungli mai yah ehsas ho chala tha ki uski chut se chiknahat bahar aa rahi hai, jab maine uski chut se apni moti ungli bahar nikal kar dekha to uski chut se malai meriungli mai lag gai thi, maine dhire se ungli vapas uski chut mai dal kar use chum liya aur vah karah uthi aur phir mujhse kas kar chipak gai uska man shayad apne bobe masalwane ka hone laga tha vah apne doodh mujhse ragad rahi thi aur yah bhi kah rahi thi uncle please ab chhod dijiye,

maine use nangi hi utha kar apni god mai betha liya aur uske mote-mote doodh ko kas kar apne hantho mai bhar kar masalne laga aur uske hontho ko chum liya,

mera land sidhe uski chut aur gand ke beech ragad khane laga aur usne mujhse sharmate huye kaha uncle please chhod dijiye mujhe, aur phir vah mere sine se kas kar chipakti hui boli uncle aap hi aisa karege to phir aapme aur us kale mai kya fark rah jayega,

maine kaha pahli bat to tum mujhe uncle mat kaho papa kaho aur dusri bat us kale mai aur mujhme yah fark hai ki vah sirf tumko dard deta aur mai tumko dard ke sath maza bhi dunga aur maine uske doodh ko kas kar daba diya,

vah nangi to pahle se hi thi aur mere sahlane se uski chut mai pani aa gaya aur phir ratan babu us din maine apni bahu sandhya ko vahi jungle mai talab kinare khub kas kar choda, jab mai sandhya ko chod chuka tab vah apne kapde pahan kar reddy ho gai aur mai use lekar uske papa ke pas pahuch gaya,

ratan- phir

manohar- phir kya tha maine uske bap ke hath mai uski beti ko diya aur usse kaha ki aaj tumhari beti ka balatkar hua hai aur phir us kale wali bat mehta ko bata di, mehta apni beti ko apne sine se laga kar usse puchhne laga aur sandhya ne rote huye use sab bata diya aur kaha aaj agar ye uncle vaha nahi aate to mai aapke samne jinda na khadi hoti,

mehta buri tarah ghabra gaya aur kahne laga mai police ko phone karta hu lekin maine use badnami ka dar bata kar mana kar diya aur phir jab maine uski chudi hui

beti se apne bete ki shadi ka offer kiya to mehta mere pero mai ghir pada aur bas phir kya tha sandhya aur rohit ki shadi ho gai,

ratan-muskurate huye vakai dilchasp thi tumhari kahani kher tumhe jan kar khushi hogi ki aaj rat maine ek chhoti si party rakhi hai aur tumhare liye ek mast mal ka bhi intjam kiya hua hai

manohar-haste huye kamine jarur ab teri najar kisi aur munafe mai atak gai hai nahi to free mai tu mujhe kya mal offer karega, ha agar soda tere fayde ka ho to tu apni ma ko bhi dav par laga de aisa aadmi hai tu,

ratan- bhai manohar ratan ka to hisab aisa hai ki jo cheej upyog ki hai uska upyog ho aur jo cheej upbhog ki ho uska puri tarah upbhog hona chahiye,

kramashah......................


rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:03

मस्त घोड़ियाँ--13

गतान्क से आगे........................

मनोहर- हस्ते हुए तू साले कभी नही सुधरेगा अच्छा अब मैं चलता हू

रतन- शाम को टाइम पर आ जाना और भाभी जी से कह देना आज रात तू रतन का मेहमान रहेगा,

मंजू आज सुबह से ही खूब चुदासी हो रही थी रात भर उसके ख्वाबो मे अपने बेटे रोहित का लंड उसकी मोटी गंद मे चुभता रहा, रात मे कई दफ़ा तो उसने अपनी गंद

मे अपनी उंगलिया तक डाल ली थी, उसकी चूत खूब खुज़ला रही थी, घर मे कोई नही था बस संध्या किचन मे कुछ काम कर रही थी,

मंजू- सोफे पर बैठते हुए, संध्या बेटी ज़रा पानी तो पीला दे,

संध्या- अभी लाई मम्मी और फिर संध्या पानी लेकर आती है, संध्या ने अपनी साडी को काफ़ी नीचे करके बाँधा था वहअपनी पूरी नाभि और उठा हुआ पेट दिखाती हुई अपनी सास के पास बैठ गई,

मंजू संध्या का गाल चूमते हुए क्या बात है संध्या आज कल बहुत

खोई -खोई रहती है रोहित तेरा अच्छे से ख्याल नही रखता है क्या, और फिर मंजू संध्या के गुदाज पेट को दबा कर सहलाती हुई क्या बात है तेरा पेट काफ़ी उभर आया है कही कुछ है तो नही,

संध्या- मुस्कुराते हुए, अरे नही मम्मी ऐसा कुछ नही है और फिर अगर पेट उभरने से उसमे बच्चा मान लिया जाय तो आपका गुदाज पेट तो मुझसे भी बड़ा है तो क्या मैं यह सोच लू कि रोहित का भाई आने वाला है,

मंजू- हस्ते हुए बहुत बड़ी -बड़ी बाते करने लगी है, मेरे रोहित को कही बच्चा तो नही बना दिया तूने

संध्या- मैं क्या उन्हे बच्चा बनाउन्गि उन्होने तो खुद मुझे अपनी मम्मी बना लिया है

मंजू- वह कैसे

संध्या- अब देखो ना मम्मी वह मुझे कहते है कि मुझे अपनी मम्मी की तरह दूध पिला

मंजू संध्या के दूध को पकड़ कर हल्के-हल्के मसल्ते हुए, तो क्या हो गया बेटी अगर वह तेरा दूध नही पिएगा तो किसका पिएगा,

संध्या भी समझ गई कि मम्मी की चूत पानी छ्चोड़ रही है और अपने बेटे का लंड उनकी आँखो के सामने झूल रहा है,

संध्या- धीरे से मम्मी की मोटी जाँघो को सहलाते हुए, मम्मी मेरा भी बदन आपके जैसा भरा हुआ होना चाहिए था,

मंजू- क्यो क्या कमी है तेरे बदन मे

संध्या- अरे वो बात नही है, अब इन्हे देखो ना इनका वो तो इतना मोटा और लंबा है कि मैं तो पस्त हो जाती हू सच मम्मी उनका लंड तो आपके लायक है, आप अगर मेरी जगह होती तो बड़े आराम से उनका लंड सह लेती,

मंजू- क्यो बहुत बड़ा हो गया है क्या रोहित का

संध्या- अरे जब आप देखेगी तो कहेगी ऐसा लंड आज तक आपने नही देखा होगा,

मंजू- संध्या की चुचियो को थोड़ा ज़ोर से दबाती हुई क्यो तुझे मज़ा नही आता क्या उसके लंड से

संध्या- नही वो बात नही है मज़ा तो बहुत आता है ऐसा लगता है रात भर करते रहे, फिर संध्या अपनी सास के दूध के निप्पल को सहलाती हुई उसके गालो को चूम कर, एक बात कहु मम्मी

मंजू-क्या

संध्या- उन्हे आप बहुत अच्छी लगती हो कभी-कभी तो मुझे चोद्ते हुए मेरे गालो को काटने लगते है और कहते है मम्मी तुम कितनी मस्त हो

मंजू- अपनी आँखे बंद कर लेती है और अपनी जाँघो को थोड़ा सा फैला देती है और संध्या का हाथ पकड़ कर अपनी साडी के उपर से फूली हुई गुदाज चूत पर दबाने लगती है, संध्या उसका इशारा समझ कर उसकी फूली हुई चूत को दबा-दबा कर सहलाने लगती है,

मंजू- आह बेटी तू नही जानती मैं तुझसे कितना प्यार करती हू, मुझे तो संगीता से भी

ज़्यादा तेरा मोह हो गया है

संध्या समझ गई कि अब उसकी सास पूरी मस्ती मे आ चुकी है,

संध्या- पर मम्मी आपका बेटा तो मुझसे भी ज़्यादा आपको प्यार करता है,

मंजू- नही रे पगली वह तुझे बहुत चाहता है अब मैं उसकी मम्मी हू तो प्यार तो करेगा ही,

संध्या- अपनी सास की चूत की फांको को खोलने की कोशिश करती है और मंजू अपनी जंघे और खोल लेती है, मम्मी मुझे तो कही-कही लगता है कि आपका बेटा आपको ही चोदना चाहता है,

मंजू- संध्या के दूध को कस कर दबाते हुए उसे चूम कर क्या रोहित ने तुझसे ऐसा कहा है कि वह मुझे चोदना चाहता है,

संध्या- वह तो जब भी मुझे चोद्ते है यही कहते है कि मैं अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके खूब कस-कस कर चोदना चाहता हू,

मंजू- क्या वह बहुत अच्छे से तेरी चूत मारता है

संध्या- खूब रगड़-रगड़ कर उपर से ओह मम्मी ओह मम्मी की आवाज़ अलग निकालते है, जैसे वह मुझे नही आपको चोद रहे हो, और फिर संध्या जैसे ही सोचती है कि सासू मा की साडी के अंदर हाथ डाले तभी बुआ और संगीता आ जाती है और मंजू और संध्या सीधी होकर बैठ जाती है,

मंजू- संध्या की ओर इशारा करती हुई बेटी इस बारे मे हम दोनो अकेले मे बात करेगे

संध्या- बिल्कुल मम्मी आप जब कहोगी मैं आ जाउन्गि और फिर संध्या किचन की ओर चल देती है,

उधर दोनो मामा भांजा पान की दुकान पर खड़े-खड़े आती जाती औरतो की मटकती गंद और मोटे-मोटे चुचो को देख कर एक दूसरे की ओर इशारा कर रहे थे,

मामा- यार रोहित उस औरत की कमर और गंद देख बिल्कुल तेरी बीबी संध्या जैसी लग रही है,

रोहित- सच कहा मामा अगर वह नंगी हो जाए तो बिल्कुल संध्या जैसी नज़र आएगी,

मामा- संध्या को तो तू दिन रात चोद्ता होगा ना बड़ी मस्त चूत होगी उसकी

रोहित - मामा जी इतना तड़प रहे हो तो आज दिखा दू क्या आपको संध्या की चूत, सूंघते ही पानी छ्चोड़ दोगे

मामा- अरे वो तो ठीक है पर उस लाल साडी वाली औरत को देख और बता किसके जैसी लग रही है

रोहित- मामा वह तो पूरी मम्मी जैसी लग रही है, उसकी मोटी गंद देखो बिल्कुल मम्मी की गंद की तरह मटक रही है,

मामा- भान्जे तेरी मम्मी का भोसड़ा बड़ा ही मस्त है और मुझे ताज्जुब है कि तूने अभी तक अपनी मम्मी को नही चोदा है, मैं तेरी जगह होता तो रोज रात को उसकी चूत मारता,

रोहित- अपने लंड को मसल्ते हुए अरे मामा उस रंडी पर तो मेरी कब से नज़र है बस एक बार अच्छा सा मोका लग जाए फिर देखना सारी रात उसकी चूत और गंद रगड़-रगड़ कर चोदुन्गा,

मामा- अरे बेटे तेरी मम्मी जब मुतती है तो सबसे ज़्यादा आवाज़ आती है मैं तो उसके मूतने की आवाज़ सुन कर ही पागल हो जाता हू, पर रोहित कल रात संगीता को चोदने मे बड़ा मज़ा आया बहुत ज़ोर-ज़ोर से चिपकती है साली

रोहित- संगीता के दूध बहुत कसे हुए है और उसकी चूत तो इतनी मस्त और कसी हुई है सच मामा बहुत टाइट लंड गया था उसकी चूत मे,

मामा- आश्चर्या से रोहित को देख कर तो क्या तू उसे चोद चुका है

रोहित- हाँ

मामा- लो गई भैस पानी मे मैं तो सोच रहा था कि उसकी सील मैने ही तोड़ी है,

रोहित- अच्छा मामा मम्मी ने अपना ओप्रेशन करवा रखा है या नही

मामा- हस्ते हुए क्यो तू अपनी मम्मी को चोद कर वापस मा बनाना चाहता है क्या

रोहित- हाय मामा अपनी मम्मी का उठा हुआ पेट देख कर दिल करता है कि उसे चोद-चोद कर फिर से गर्भवती कर दू, साली बहुत भरे बदन की है बहुत मोटी गंद है उसकी

मामा- चल अब ज़्यादा अपनी मम्मी के बारे मे मत सोच नही तो यही पानी निकाल देगा चल अब घर चले और फिर दोनो घर की ओर चल देते है,

संध्या- मम्मी जी मैं और रोहित आज अपने पापा के घर होकर आ जाए क्या,

मंजू- ठीक है लेकिन कल लॉट आओगे ना

संध्या- जी बिल्कुल

रोहित जब घर आता है तो संध्या उसे लेकर अपने मम्मी पापा से मिलने के लिए चल देती है रोहित अपनी बाइक पर संध्या से बाते करता हुआ चला जा रहा था,

रोहित-संध्या आज रात तुम किसके साथ बीताओगी मेरे साथ या अपने पापा के साथ

संध्या- मुस्कुराते हुए फिकर मत करो जैसा तुम्हे अच्छा लगे वैसा कर लेना पर मुझे नही लगता जब तुम मेरी मम्मी को देख लोगे तो फिर मेरे साथ सोने की इच्छा रहेगी या नही

फिर संध्या रोहित के लंड पर हाथ लेजा कर सहलाती हुई पापा को फोन करके बता देती हू कि हम आ रहे है वह बहुत खुस हो जाएगे,

संध्या जब अपने पापा को फोन करके बता देती है तब उसके पापा उसकी मम्मी के पास जाते है, उसकी मम्मी ममता का बदन बहुत हेवी और भरा हुआ था उसके दूध बहुत मोटे उसकी जंघे और गंद बहुत भारी थी उसे देख कर कोई भी बस उसकी गंद ही मारना चाहे,

मेहता- अरे सुनती हो संध्या और रोहित आ रहे है बस 1-2 घंटे मे पहुच जाएगे,

ममता- सच कह रहे हो और फिर ममता कहती है मैं तैयार हो जाती हू नही तो रोहित मुझे देख कर क्या सोचेगा कि उसकी मम्मी जी कैसी गंदी दिख रही है,

मेहता-क्या बात है बड़ा खुस हो रही हो, मैं जानता हू तुमने जब पहली बार रोहित को देखा था तभी से तुम्हे वह बहुत अच्छा लगता था,

ममता-मूह बनाते हुए मेहता के पास आती है और मेहता की लूँगी के उपर से उसका मोटा लंड जो की पूरी तरह तना हुआ था उसको अपनी मुट्ठी मे भर कर कस कर मसल्ते हुए, मुझे कहते हो और खुद का लंड तो देखो अपनी बेटी का नाम सुनते ही यह खड़ा हो गया, लगता है आज सारी रात उसे पूरी नंगी करके चोदोगे,

मेहता- अपनी पत्नी के मोटे-मोटे दूध को दबाता हुआ अपना एक हाथ ममता की साडी के अंदर डाल कर उसकी चूत मे सीधे उंगली डाल कर बाहर निकाल कर दिखाते हुए, देखो तुम्हारी चूत रोहित के लंड की कल्पना मे कितना पानी छ्चोड़ रही है,

मेहता अपनी बीबी के होंठ चूमते हुए ओह बेटी संध्या एक बार अपने पापा को अपनी रसीली जीभ चुसाओ ना

ममता- अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेहता को दिखाती है और मेहता उसकी जीभ को अपने मूह मे भर कर चूस्ते हुए उसकी चूत दबाने लगता है,

ममता- सीस्यते हुए मनोज आज मैं रोहित से रात भर चुदना चाहती हू

मेहता- आज मैं भी अपनी बेटी संध्या को पूरी नंगी करके रात भर चोदना चाहता हू,

ममता- मेहता का लंड पकड़ कर दबाते हुए सच मनोज आज तुम्हे अपनी बेटी संध्या को चोदने मे मज़ा आ जाएगा जब तुम उसे नंगी करके देखोगे ना तो मस्त हो जाओगे,

मेहता- क्या उसमे बहुत चेंजस आ गया होगा

ममता- अरे तुमने जब देखा था तब तो वह कुँवारी थी अब शादी के बाद उसका बदन पूरा भर गया होगा और पूरी औरत बन चुकी होगी अपनी बेटी का भरा हुआ मसल नंगा बदन देख कर तुम्हारा मस्त लंड पागल हो जाएगा,

मेहता- डार्लिंग चलो आज थोड़ा मूड बना लेते है फिर वो लोग आते ही होंगे

ममता- लेकिन रोहित के आने के बाद पीते तो ज़्यादा अच्छा रहता,

मेहता- अरे फिकर क्यो करती हो वह आ जाएगा तब और पी लेंगे, उसके बाद मेहता अपनी बीबी ममता के साथ मस्त ठंडी बियर का मज़ा लेते हुए उसके रसीले होंठो को चूसने लगा ओए ममता अपने पति के लंड पर बियर की ठंडी-ठंडी बोतल लगाते हुए बियर पीने लगी, कभी-कभी वह थोड़ी बियर मेहता के लंड के टोपे पर डाल कर फिर उसका लंड चूसने लगती है,

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--13

gataank se aage........................

manohar- haste huye tu sale kabhi nahi sudhrega achcha ab mai chalta hu

ratan- sham ko time par aa jana aur bhabhi ji se kah dena aaj rat tu ratan ka mehman rahega,

manju aaj subah se hi khub chudasi ho rahi thi rat bhar uske khwabo mai apne bete rohit ka land uski moti gand mai chubhta raha, rat mai kai dafa to usne apni gand

mai apni ungliya tak dal li thi, uski chut khub khujla rahi thi, ghar mai koi nahi tha bas sandhya kichan mai kuch kam kar rahi thi,

manju- sofe par bethte huye, sandhya beti jara pani to pila de,

sandhya- abhi lai mummy aur phir sandhya pani lekar aati hai, sandhya ne apni sadi ko kaphi niche karke apni puri nabhi aur utha hua pet dikhati hui apni sas ke pas beth gai,

manju sandhya ka gal chumte huye kya bat hai sandhya aaj kal bahut

khoi -khoi rahti hai rohit tera achche se khyal nahi rakhta hai kya, aur phir manju sandhya ke gudaj pet ko daba kar sahlati hui kya bat hai tera pet kaphi ubhar aaya hai kahi kuch hai to nahi,

sandhya- muskurate huye, are nahi mummy aisa kuch nahi hai aur phir agar pet ubharne se usme bachcha man liya jay to aapka gudaj pet to mujhse bhi bada hai to kya mai yah soch lu ki rohit ka bhai aane wala hai,

manju- haste huye bahut badi -badi bate karne lagi hai, mere rohit ko kahi bachcha to nahi bana diya tune

sandhya- mai kya unhe bachcha banaugi unhone to khud mujhe apni mummy bana liya hai

manju- vah kaise

sandhya- ab dekho na mummy vah mujhe kahte hai ki mujhe apni mummy ki tarah doodh pila

manju sandhya ke doodh ko pakad kar halke-halke masalte huye, to kya ho gaya beti agar vah tera doodh nahi piyega to kiska piyega,

sandhya bhi samajh gai ki mummy ki chut pani chhod rahi hai aur apne bete ka land unki aankho ke samne jhul raha hai,

sandhya- dhire se mummy ki moti jangho ko sahlate huye, mummy mera bhi badan aapke jaisa bhara hua hona chahiye tha,

manju- kyo kya kami hai tere badan mai

sandhya- are vo bat nahi hai, ab inhe dekho na inka vo to itna mota aur lamba hai ki mai to past ho jati hu sach mummy unka land to aapke layak hai, aap agar meri jagah hoti to bade aaram se unka land sah leti,

manju- kyo bahut bada ho gaya hai kya rohit ka

sandhya- are jab aap dekhegi to kahegi aisa land aaj tak aapne nahi dekha hoga,

manju- sandhya ki chuchiyo ko thoda jor se dabati hui kyo tujhe maza nahi aata kya uske land se

sandhya- nahi vo bat nahi hai maza to bahut aata hai aisa lagta hai rat bhar karte rahe, phir sandhya apni sas ke doodh ke nippal ko sahlati hui uske galo ko chum kar, ek bat kahu mummy

manju-kya

sandhya- unhe aap bahut achchi lagti ho kabhi-kabhi to mujhe chodte huye mere galo ko katne lagte hai aur kahte hai mummy tum kitni mast ho

manju- apni aankhe band kar leti hai aur apni jangho ko thoda sa phaila deti hai aur sandhya ka hath pakad kar apni sadi ke upar se phuli hui gudaj chut par dabane lagti hai, sandhya uska ishara samajh kar uski phuli hui chut ko daba-daba kar sahlane lagti hai,

manju- aah beti tu nahi janti mai tujhse kitna pyar kerti hu, mujhe to sangita se bhi

jyada tera moh ho gaya hai

sandhya samajh gai ki ab uski sas puri masti mai aa chuki hai,

sandhya- par mummy aapka beta to mujhse bhi jyada aapko pyar karta hai,

manju- nahi re pagli vah tujhe bahut chahta hai ab mai uski mummy hu to pyar to karega hi,

sandhya- apni sas ki chut ki fanko ko kholne ki koshish karti hai aur manju apni janghe aur khol leti hai, mummy mujhe to kahi-kahi lagta hai ki aapka beta aapko hi chodna chahta hai,

manju- sandhya ke doodh ko kas kar dabate huye use chum kar kya rohit ne tujhse aisa kaha hai ki vah mujhe chodna chahta hai,

sandhya- vah to jab bhi mujhe chodte hai yahi kahte hai ki mai apni mummy ko puri nangi karke khub kas-kas kar chodna chahta hu,

manju- kya vah bahut achche se teri chut marta hai

sandhya- khub ragad-ragad kar upar se oh mummy oh mummy ki aawaj alag nikalte hai, jaise vah mujhe nahi aapko chod rahe ho, aur phir sandhya jaise hi sochti hai ki sasu ma ki sadi ke andar hath dale tabhi bua aur sangita aa jati hai aur manju aur sandhya sidhi hokar beth jati hai,

manju- sandhya ki aur ishara karti hui beti is bare mai hum dono akele mai bat karege

sandhya- bilkul mummy aap jab kahogi mai aa jaungi aur phir sandhya kichan ki aur chal deti hai,

udhar dono mama bhanja pan ki dukan mai khade-khade aati jati aurto ki matakti gand aur mote-mote chucho ko dekh kar ek dusre ki aur ishara kar rahe the,

mama- yaar rohit us aurat ki kamar aur gand dekh bilkul teri bibi sandhya jaisi lag rahi hai,

rohit- sach kaha mama agar vah nangi ho jaye to bilkul sandhya jaisi najar aayegi,

mama- sandhya ko to tu din rat chodta hoga na badi mast chut hogi uski

rohit - mama ji itna tadap rahe ho to aaj dikha du kya aapko sandhya ki chut, sunghte hi pani chhod doge

mama- are wo to thik hai par us lal sadi wali aurat ko dekh aur bata kiske jaisi lag rahi hai

rohit- mama vah to puri mummy jaisi lag rahi hai, uski moti gand dekho bilkul mummy ki gand ki tarah matak rahi hai,

mama- bhanje teri mummy ka bhosda bada hi mast hai aur mujhe tajjub hai ki tune abhi tak apni mummy ko nahi choda hai, mai teri jagah hota to roj rat ko uski chut kutta,

rohit- apne land ko masalte huye are mama us randi par to meri kab se najar hai bas ek bar achcha sa moka lag jaye phir dekhna sari rat uski chut aur gand ragad-ragad kar chodunga,

mama- are bete teri mummy jab mutti hai to sabse jyada aawaj aati hai mai to uske mutne ki aawaj sun kar hi pagal ho jata hu, par rohit kal rat sangita ko chodne mai bada maza aaya bahut jor-jor se chipakti hai sali

rohit- sangita ke doodh bahut kase huye hai aur uski chut to itni mast aur kasi hui hai sach mama bahut tite land gaya tha uski chut mai,

mama- ashcharya se rohit ko dekh kar to kya tu use chod chuka hai

rohit- ha

mama- lo gai bhais pani mai mai to soch raha tha ki uski seal maine hi todi hai,

rohit- achcha mama mummy ne apna opration karwa rakha hai ya nahi

mama- haste huye kyo tu apni mummy ko chod kar vapas ma banana chahta hai kya

rohit- hay mama apni mummy ka utha hua pet dekh kar dil karta hai ki use chod-chod kar phir se garbhvati kar du, sali bahut bhare badan ki hai bahut moti gand hai uski

mama- chal ab jyada apni mummy ke bare mai mat soch nahi to yahi pani nikal dega chal ab ghar chale aur phir dono ghar ki aur chal dete hai,

sandhya- mummy ji mai aur rohit aaj apne papa ke ghar hokar aa jaye kya,

manju- thik hai lekin kal lot aaoge na

sandhya- ji bilkul

rohit jab ghar aata hai to sandhya use lakar apne mummy papa se milne ke liye chal deti hai rohit apni byke par sandhya se bate karta hua chala ja raha tha,

rohit-sandhya aaj rat tum kiske sath bitaogi mere sath ya apne papa ke sath

sandhya- muskurate huye fikar mat karo jaisa tumhe achcha lage vaisa kar lena par mujhe nahi lagta jab tum meri mummy ko dekh loge to phir mere sath sone ki ichcha rahegi ya nahi

phir sandhya rohit ke land par hath lejakar sahlati hui papa ko phone karke bata deti hu ki hum aa rahe hai vah bahut khus ho jayege,

sandhya jab apne papa ko phone karke bata deti hai tab uske papa uski mummy ke pass jate hai, uski mummy mamta ka badan bahut heavy aur bhara hua tha uske doodh bahut mote uski janghe aur gand bahut bhari thi use dekh kar koi bhi bas uski gand hi marna chahe,

mehta- are sunti ho sandhya aur rohit aa rahe hai bas 1-2 ghante mai pahuch jayege,

mamta- sach kah rahe ho aur phir mamta kahti hai mai taiyar ho jati hu nahi to rohit mujhe dekh kar kya sochega ki uski mummy ji kaisi gandi dikh rahi hai,

mehta-kya bat hai bada khus ho rahi ho, mai janta hu tumne jab pahli bat rohit ko dekha tha tabhi se tumhe vah bahut achcha lagta tha,

mamta-muh banate huye mehta ke pas aati hai aur mehta ki lungi ke upar se uska mota land jo ki puri tarah tana hua tha usko apni mutthi mai bhar kar kas kar masalte huye, mujhe kahte ho aur khud ka land to dekho apni beti ka nam sunte hi yah khada ho gaya, lagta hai aaj sari rat use puri nangi karke chodoge,

mehta- apni patni ke mote-mote doodh ko dabata hua apna ek hath mamta ki sadi ke andar dal kar uski chut mai sidhe ungli dal kar bahar nikal kar dikhate huye, dekho tumhari chut rohit ke land ki kalpna mai kitna pani chhod rahi hai,

mehta apni bibi ke honth chumte huye oh beti sandhya ek bar apne papa ko apni rasili jeebh chusao na

mamta- apni jeebh bahar nikal kar mehta ko dikhati hai aur mehta uski jeebh ko apne muh mai bhar kar chuste huye uski chut dabane lagta hai,

mamta- sisyate huye manoj aaj mai rohit se rat bhar chudna chahti hu

mehta- aaj mai bhi apni beti sandhya ko puri nangi karke rat bhar chodna chahta hu,

mamta- mehta ka land pakad kar dabate huye sach manoj aaj tumhe apni beti sandhya ko chodne mai maza aa jayega jab tum use nangi karke dekhoge na to mast ho jaoge,

mehta- kya usme bahut changes aa gaya hoga

mamta- are tumne jab dekha tha tab to wah kunwari thi ab shadi ke bad uska badan pura bhar gaya hoga aur puri aurat ban chuki hogi apni beti ka bhara hua masal nanga badan dekh kar tumhara mast land pagal ho jayega,

mehta- darling chalo aaj thoda mood bana lete hai phir vo log aate hi honge

mamta- lekin rohit ke aane ke bad pite to jyada achcha rahta,

mehta- are fikar kyo karti ho vah aa jayega tab aur pi lenge, uske bad mehta apni bibi mamta ke sath mast thandi beer ka maza lete huye uske rasile hontho ko chusne laga aue mamta apne pati ke land par beer ki thandi-thandi botal lagate huye beer pine lagi, kabhi-kabhi vah thodi beer mehta ke land ke tope mai dal kar phir uska land chusne lagti,

kramashah......................


rajaarkey
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Re: raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ

Unread post by rajaarkey » 06 Dec 2014 13:04

मस्त घोड़ियाँ--14

गतान्क से आगे........................

संध्या- रोहित आज तो बहुत गर्मी है चलो कोल्ड्ड्रिंक पीते है रोहित अपनी बाइक साइड से लगा कर पहले पान की दुकान से सिगरेट लेता है उसके बाद वह जैसे ही पलट कर देखता है उसे बियर की दुकान नज़र आ जाती है वह संध्या के पास आता है और डार्लिंग बियर पियोगी क्या,

संध्या-यहा कहाँ पिएगे,

रोहित- दो बोतल ले लेते है बाइक पर चलते हुए मार लेंगे,

संध्या-ठीक है ले लो मज़ा आ जाएगा

संध्या और रोहित मस्त बियर पीकर जैसे ही संध्या के घर पहुचते है संध्या के मम्मी और पापा बाहर आ जाते है,

मेहता जब संध्या को साडी और ब्लौज मे देखता है तो उसकी नज़र सबसे पहले अपनी बेटी के भरे हुए मोटे-मोटे चुचो पर जाती है ब्लौज के उपर से ही संध्या के चुचे बहुत मोटे और ठोस नज़र आ रहे थे फिर जब मेहता ने अपनी बेटी के नंगे पेट पर नज़र डाली तो उसका लंड एक दम से लूँगी मे तन कर खड़ा हो चुका था,

संध्या के गुदाज उठे हुए पेट और उसकी गहरी नाभि देख कर मेहता ने उसको सीधे अपने सीने से दबा लिया और पागलो की तरह उसके होंठ और गालो को चूमने लगा और बियर के नशे मे उसे उसकी बेटी का गुदाज बदन इस कदर उत्तेजित कर गया कि वह अपनी बेटी के मोटे-मोटे दूध को ब्लौज के उपर से ही कस कर मसल्ते हुए उसके होंठो को चूसने लगा,

संध्या भी बियर पीकर एक दम मस्त घोड़ी की तरह अपने बाप के लंड पर झूम पड़ती है और उनका लंड लूँगी के उपर से पकड़ कर अपने जिस्म का भार अपने पापा पर डालते हुए ओह पापा आप कितने अच्छे है तभी मेहता संध्या के भारी चुतडो का जयजा लेता है और जब अपनी बेटी की कसे हुई भारी गंद को अपने हाथो से सहलाता है तो उसका लंड फंफना उठता है,

उधर रोहित जब अपनी गोल मटोल चिकनी सास को देखता हुआ उनके पास जाता है तभी ममता रोहित को सीधे अपने मोटे-मोटे दूध से दबा लेती है, अपनी सास के बदन से उठती भीनी खुश्बू रोहित को मस्त कर देती है और वह अपनी सास की मोटी गंद को अपने लंड की ओर दबाते हुए ओह मम्मी कितने दिनो बाद आपको गले लगा रहा हू और फिर रोहित अपनी सास के होंठो को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है,

कुछ देर चारो लोग एक दूसरे को चूमते सहलाते है फिर घर के अंदर आकर सोफे पर बैठ जाते है,

ममता-आप दोनो बैठो मैं और संध्या चेंज करके आते है,

मेहता- लो रोहित तुम्हारे आने की खुशी मे हमने पहले से ही बियर का बंदोबस्त कर लिया था,

रोहित-पापा जी मैं तो पहले ही जानता था आप हमारा स्वागत कुछ इस तरह से ही करेगे, दोनो ससुर दामाद बियर पी कर मस्त हो रहे थे और नशा पूरे शबाब पर था तभी तभी संध्या आकर अपने पापा की गोद मे बैठ जाती है वह केवल एक छ्होटा सा गाउन पहने हुए थी जिससे उसकी मोटी गुदाज जंघे भी साफ नज़र आ रही थी, उधर ममता भी एक वाइट कलर का गाउन पहन कर अपने जवाई के पास आकर बैठ जाती है दोनो रंडियो ने ब्रा और पॅंटी पहले ही निकाल दी थी,

मेहता-बेटी तेरा बदन तो बहुत गदरा गया है और फिर उसके पतले से गाउन के उपर से अपनी बेटी की मोटी गंद को दबाते हुए, बेटी तेरी गंद भी पहले से बहुत मोटी हो गई है

संध्या- अपने पापा के लंड को दबाती हुई पापा क्या करू रोहित का मस्त लंड रोज आपकी बेटी की चूत मारता है मुझे सारी रात नंगी ही रखता है और खूब जम कर आपकी बेटी को चोद्ता है,

मेहता-संध्या के गाउन को उतार कर उसे पूरी नंगी करके अपनी गोद मे बैठा लेता है और उसका उभरा हुआ पेट सहलाते हुए, बेटी तेरा पेट कितना उठा हुआ और मस्त है, तेरी चूत मार-मार के रोहित ने तेरा पेट उठा दिया है कही रोहित का बच्चा तो नही है तेरे पेट मे

संध्या- नही पापा आपकी बेटी ने तो अभी तक अच्छे से अपनी चूत ही नही मरवाई और आप अपनी बेटी की चूत फाड़ने का सपना देख रहे है अगर बच्चा पेदा कर लिया तो मेरी चूत भी मम्मी की तरह पूरी फट जाएगी,

मेहता- अपनी बेटी की फूली हुई चूत से मूह लगाते हुए, बेटी तेरी चूत फट भी जाएगी तो तेरे पापा उसे खूब चुसेगे उसे खूब प्यार करेगे, अच्छा यह बता क्या रोहित के पापा भी तुझे चोद्ते है,

संध्या- अरे पापा मैं तो कब से उनका लंड लेना चाहती हू पर अभी तक मोका ही नही लगा

उधर ममता अपने जवाई से कहती है बेटा तुम्हे अपनी मम्मी की ज़रा भी याद नही आती थी

रोहित -अपने हाथो से सासू मा को बियर पिलाते हुए थोड़ी बियर उसके मोटे-मोटे दूध पर गिरा कर उसका गाउन उसके दूध से हटा कर एक दम से ममता के निप्पल अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है और ममता रोहित के लंड को प्यार करने लगती है,

तभी रोहित जब अपनी

सास को पूरी नंगी करके उसकी भारी भरकम गंद देखता है तो वह सोफे पर अपनी सास को झुका कर उसकी गंद को चाटने लगता है,

रोहित-मम्मी जी आपकी गंद तो बहुत गजब की है इसे चाटने मे बड़ा मज़ा आ रहा है तभी मेहता कहता है रोहित बेटे अपनी मम्मी की गंद के साथ उसकी फूली हुई चूत की फांको को थोड़ा खोल कर उसकी चूत का रस चॅटो तुम्हारी मम्मी बहुत पानी छ्चोड़ती है,

संध्या- पापा आपने मम्मी की गंद मार-मार कर बहुत मोटी कर दी है

मेहता- संध्या की गंद मे अपनी उंगली भर कर कस कर दबाते हुए, बेटी मैं तेरी भी गंद ऐसी ही मोटी कर दूँगा,

संध्या- पापा मेरा पेट भी मम्मी जैसा और उभर जाए तो मज़ा आ जाएगा जब भी मम्मी बाजार जाती है तो कई लोग उनके उभरे हुए पेट और नाभि और उनकी गदराई गंद को देख कर अपना लंड खूब मसल्ते है,

मेहता- तो तू क्या चाहती है लेग तेरी गंद और पेट देख कर अपना लंड मसले

संध्या- पापा मैं चाहती हू कि जब मेरा बेटा पेदा हो तो वह बड़ा होकर जब मुझे देखे तो मेरी गंद और पेट देख कर ही उसका लंड खड़ा हो जाए

मेहता- चिंता मत कर बेटी तू इतनी सुंदर है कि तेरा बेटा भी तुझे अपने लंड पर बैठा-बैठा कर तेरी चूत मारेगा, देखना तुझे तो रात-रात भर नंगी करके चोदेगा,

ममता- चलो अब हम लोग बिस्तेर मे चल कर आराम करते है और फिर क्या था मेहता ने अपनी नंगी बेटी को अपनी गोद मे उठा लिया और उसकी गंद और चूत का साइज़ देख कर रोहित ने भी अपनी सास को अपनी बाँहो का सहारा देते हुए बिस्तेर पर आ गये अब बीच मे दोनो रंडियो को लिटा कर रोहित और मेहता आजू बाजू से उन दोनो को दबोच लेटे है और फिर मेहता और रोहित कभी उनकी गंद को दबाते है कभी उनके दूध को दबाते है,

तभी संध्या और ममता एक दूसरे से पूरी तरह चिपक जाती है और मेहता सीधे संध्या की मोटी गंद से चिपक कर अपना लंड पिछे से अपनी बेटी की चूत मे पेल देता है, तभी रोहित अपने मूह से थूक निकाल कर अपने लंड पर लगाता है और अपनी सास की गंद मे अपने लंड को लगा कर अपने दोनो हाथो से सासू मा की गंद को फैला कर एक कस कर शॉट मारता है और उसका आधा से ज़्यादा लंड उसकी मम्मी जी की चूत मे उतर जाता है ,

ममता हाय मैं मर गई संध्या और फिर ममता संध्या से कस कर चिपक जाती है और अपनी बेटी के दूध को पीने लगती है उधर मेहता अपनी बेटी की चूत मे अपने लंड को गहराई तक ठुसे हुए उसके दूध दबाते हुए उसे चोदने लगता है, रोहित अपनी सासू के होंठ चूसने लगता है तभी सासू मा अपनी जीभ निकाल कर रोहित के मूह मे दे देती है और रोहित अपनी मम्मी की जीभ को चूस्ते हुए उसकी गंद मारने लगता है,

तभी मेहता को जोश आता है और वह अपनी बेटी संध्या की पूरी गंद के उपर चढ़ कर खूब कस-कस कर उसकी चूत ठोकने लगता है और कमरे मे ठप-ठप की आवाज़ आने लगती है, संध्या ओ पाप ओ पापा आह आह हाँ और तेज खूब कस कर चोदो पापा आज फाड़ तो अपनी बेटी की चूत, और चोदो पापा और कस कर चोदो बहुत मज़ा आ रहा है सी आह आह ,

उधर रोहित भी सासू मा की गंद मे अपने लंड को फसाए उसकी चूत मे भी तीन उंगली डाल कर उसकी गंद कूटने लगता है और ममता आह आह ओह ओह बेटे सबाश बेटे और तेज फक मी बेटे खूब कस कर चोद बेटे अपनी मम्मी को खूब हचक -हचक कर चोद बेटे आज फाड़ दे अपनी मम्मी की गंद आह आह करती हुई कराहने लगती है,

तभी संध्या का पानी छूट जाता है और मेहता अपने मूह को अपनी बेटी की चूत से लगा देता है वह अपनी बेटी की फूली हुई चूत की फांको को थोड़ा फैला कर अपनी जीभ से उसके भज्नाशे को रगड़ने लगता है और संध्या धीरे-धीरे अपने पापा के मूह से अपनी फटी चूत रगड़ने लगती है, उधर रोहित सासू मा को घोड़ी बना कर अपनी दो उंगलिया मम्मी जी की गंद मे डालके दबाते हुए उनकी पाव रोटी की तरह उठी हुई चूत को चाटने लगता है,

दोनो रंडियो की आह आह पूरे कमरे मई गूँज रही थी और दोनो ससुर जवाई अपनी बेटी और सास को बड़े प्यार से सहलाते हुए उनकी चूत पी रहे थे, कुच्छ देर बाद पापा जी ने संध्या को नंगी ही अपनी गोद मे उठा कर उसको डाच से अपने लंड पर बैठा लिया और उसकी मोटी गंद को अपने हाथो से थाम कर उसके दूध के निप्पल को चूस्ते हुए उसे चोदने लगे,

वह जितना तेज धक्का अपनी बेटी की चूत मे मारते संध्या उतनी ही तेज़ी से अपने पापा के लंड पर बैठ जाती और आह पापा आह और तेज खूब कस कर चोदो पापा और फिर संध्या अपना हाथ नीचे लेजकर अपने पापा के बॉल्स को पकड़ कर मसल्ने लगी और मेहता बिल्कुल मस्ती मे आकर अपनी बेटी को चोदने लगा,

इधर रोहित ने मम्मी जी की गंद मार-मार कर लाल कर दी मम्मी जी की गुदा से जब रोहित ने लंड बाहर निकाला तो उनकी गुदा बार-बार सिकुड और फैल रही थी रोहित ने मम्मी जी की गंद और भोसड़ा दोनो को चूस्ते हुए उनके चूतादो को अपने हाथो से खूब दबोच रहा था और अपनी जीभ को उनके छेद मे डाल कर सहला रहा था,

रोहित ने मम्मी जी की गंद मे ही अपना पानी छ्चोड़ा और पापा जी ने अपनी बेटी की चूत को अपने वीर्य से भर दिया, दोनो रंडिया पूरी मुस्ती मे नंगी ही बिस्तेर पर एक दूसरे से चिपक कर सो गई,

कुच्छ देर बियर की मस्ती मे सभी लेटे रहे, कुछ देर बाद संध्या उठी और तीनो को सोया देख फ्रेश होकर बैठक रूम मे टीवी ऑन करके बैठ गई लगभग 10 मिनिट बाद मेहता भी आ कर संध्या के पास बैठ गये,

संध्या ने मुस्कुराते हुए अपने पापा को गुड मॉर्निंग कहा,

दोनो टीवी देख रहे थे और बीच-बीच मे मेहता अपनी बेटी की गाउन मे क़ैद मस्त उठी हुई चुचियो को भी किसी भूखे भेड़िए की तरह देख रहा था, मेहता अब संध्या के गुदाज बदन को च्छू लेना चाहता था उसके पारदर्शी गाउन से उसकी ब्रा और पॅंटी साफ नज़र आ रहे थे उसकी जाँघो का भराव उसकी गंद का उठाव, हर एक अंग उसकी बेटी का साँचे मे ढला था, उपर से वह चुदी चुदाई औरत बन के उसे चोदने को मिल रही थी मेहता का लंड पूरी तरह तन चुका था,

मेहता- संध्या बेटी चलो थोड़ी-थोड़ी बियर और चखि जाय

संध्या-अपने पापा के गले मे हाथ डाल कर, पापा मेरी तो अभी पहले वाली ही नही उतरी है,

मेहता- अरे इसी लिए तो कह रहा हू बेटी उतरा लेना पड़ता है नही तो बहुत समय तक प्राब्लम रहती है,

संध्या- तो ठीक है चलो ले लेते है और फिर मेहता ने दो ग्लास बियर भर कर एक गेलस संध्या के हाथो मे पकड़ा कर दूसरा अपने हाथ से अपने होंठो पे लगा लेते है और फिर संध्या और मेहता दो-दो ग्लास और लेते है और फिर संध्या सोफे से खड़ी होकर अपने पापा को मुस्कुरा कर देखती है और कहती है पापा आज गर्मी कुच्छ ज़्यादा है ना और फिर अपना गाउन उतार देती है, अब संध्या सिर्फ़ पिंक कलर की पॅंटी और ब्रा मे थी,

मेहता का लंड अपनी बेटी की ऐसी गदराई जवानी को देख कर झटके मारने लगता है और मेहता के मन मे आता है कि मेहता वाकई तेरी बेटी तो तबीयत से ठोकने लायक है, इसको तो रात भर नंगी रख कर इसे चोदना चाहिए,

मेहता धीर-धीर संध्या की ओर बढ़ने लगा तभी संध्या ने आगे आकर मेहता को पकड़ कर सोफे पर बैठा दिया और खुद भी उसके बगल मे बैठ गई, मेहता ने संध्या को अपनी गोद मे उठा कर बैठा लिया और वो पहले उसके मोटे-मोटे खरबूजो को दबा कर उसके गालो और होंठो को चूमने लगे, मेहता जब संध्या के दोनो ठोस उभारो को अपने हाथो मे भर कर दबोच रहा था तब संध्या अपने हाथो को मेहता के दोनो हाथो पर रखे हुए सीसीया रही थी,

क्रमशः......................

MAST GHODIYAN--14

gataank se aage........................

sandhya- rohit aaj to bahut garmi hai chalo colddrink pite hai rohit apni byke side se laga kar pahle pan ki dukan se sigrate leta hai uske bad vah jaise hi palat kar dekhta hai use beer ki dukan najar aa jati hai vah sandhya ke pas aata hai aur darling beer piyogi kya,

sandhya-yaha kaha piyege,

rohit- do botal le lete hai byke par chalte huye mar lenge,

sandhya-thik hai le lo maza aa jayega

sandhya aur rohit mast beer pikar jaise hi sandhya ke ghar pahuchte hai sandhya ke mummy aur papa bahar aa jate hai,

mehta jab sandhya ko sadi aur blauj mai dekhta hai to uski najar sabse pahle apni beti ke bhare huye mote-mote doodh par jati hai blauj ke upar se hi sandhya ke doodh bahut mote aur thos najar aa rahe the phir jab mehta ne apni beti ke nange pet par najar dali to uska land ek dam se lungi mai tan kar khada ho chuka tha,

sandhya ke gudaj uthe huye pet aur uski gahri nabhi dekh kar mehta ne usko sidhe apne sine se daba liya aur paglo ki tarah uske honth aur galo ko chumne laga aur beer ke nashe mai use uski beti ka gudaj badan is kadar uttejit kar gaya ki usne apni beti ke mote-mote doodh ko blauj ke upar se hi kas kar masalte huye uske hontho ko chusne laga,

sandhya bhi beer pikar ek dam mast ghodi ki tarah apne bap ke land par jhum padti hai aur unka land lungi ke upar se pakad kar apne jism ka bhar apne papa par dalte huye oh papa aap kitne achche hai tabhi mehta sandhya ke bhari chutado ka jayja leta hai aur jab apni beti ke kase hui bhari gand ko apne hantho se sahlata hai to uska land fanfana uthta hai,

udhar rohit jab apni gol matol chikni sas ko dekhta hau unke pas jata hai tabhi mamta rohit ko sidhe apne mote-mote doodh se daba leti hai, apni sas ke badan se uthti bhini khushbu rohit ko mast kar deti hai aur vah apni sas ki moti gand ko apne land ki aur dabate huye oh mummy kitne dino bad aapko gale laga raha hu aur phir rohit apni sas ke hontho ko apne muh mai bhar kar chusne lagta hai,

kuch der charo log ek dusre ko chumte sahlate hai phir ghar ke andar aakar sofe par beth jate hai,

mamta-aap dono betho mai aur sandhya change karke aate hai,

mehta- lo rohit tumhare aane ki khushi mai hamne pahle se hi beer ka bandobast kar liya tha,

rohit-papa ji mai to pahle hi janta tha aap hamara swagat kuch is tarah se hi karege, dono sasur damad beer pi kar mast ho rahe the aur nasha pure shabab par tha tabhi tabhi sandhya aakar apne papa ki god mai beth jati hai vah keval ek chhota sa gaun pahne huye thi jisse uski moti gudaj janghe bhi saf najar aa rahi thi, udhar mamta bhi ek white color ka gaun pahan kar apne jawai ke pas aakar beth jati hai dono randiyo ne bra aur panty pahle hi nikal di thi,

mehta-beti tera badan to bahut gadra gaya hai aur phir uske patle se gaun ke upar se apni beti ki moti gand ko dabate huye, beti teri gand bhi pahle se bahut moti ho gai hai

sandhya- apne papa ke land ko dabati hui papa kya karu rohit ka mast land roj aapki beti ki chut marta hai mujhe sari rat nangi hi rakhta hai aur khub jam kar aapki beti ko chodta hai,

mehta-sandhya ke gaun ko utar kar use puri nangi karke apni god mai betha leta hai aur uska ubhara hua pet sahlate huye, beti tera pet kitna utha hua aur mast hai, teri chut mar-mar ke rohit ne tera pet utha diya hai kahi rohit ka bachcha to nahi hai tere pet mai

sandhya- nahi papa aapki beti ne to abhi tak achche se apni chut hi nahi marwai aur aap apni beti ki chut fadne ka sapna dekh rahe hai agar bachcha peda kar liya to meri chut bhi mummy ki tarah puri fat jayegi,

mehta- apni beti ki phuli hui chut se muh lagate huye, beti teri chut fat bhi jayegi to tere papa use khub chusege use khub pyar karege, achcha yah bata kya rohit ke papa bhi tujhe chodte hai,

sandhya- are papa mai to kab se unka land lena chahti hu par abhi tak moka hi nahi laga

udhar mamta apne jawai se kahti hai beta tumhe apni mummy ki jara bhi yaad nahi ati thi

rohit -apne hatho se sasu ma ko beer pilate huye thodi beer uske mote-mote doodh mai gira kar uska gaun uske doodh se hata kar ek dam se mamta ke nippal apne muh mai bhar kar chusne lagta hai aur mamta rohit ke land ko pyar karne lagti hai,

tabhi rohit jab apni

sas ko puri nangi karke uski bhari bharkam gand dekhta hai to vah sofe par apni sas ko jhuka kar uski gand ko chatne lagta hai,

rohit-mummy ji aapki gand to bahut gajab ki hai ise chatne mai bada maza aa raha hai tabhi mehta kahta hai rohit bete apni mummy ki gand ke sath uski phuli hui chut ki phanko ko thoda khol kar uski chut ka ras chato tumharai mummy bahut pani chhodti hai,

sandhya- papa aapne mummy ki gand mar-mar kar bahut moti kar di hai

mehta- sandhya ki gand mai apni ungli bhar kar kas kar dabate huye, beti mai teri bhi gand aisi hi moti kar dunga,

sandhya- papa mera pet bhi mummy jaisa aur ubhar jaye to maza aa jayega jab bhi mummy bajar jati hai to kai log unke ubhare huye pet aur nabhi aur unki gadrai gand ko dekh kar apna land khub masalte hai,

mehta- to tu kya chahti hai leg teri gand aur pet dekh kar apna land masle

sandhya- papa mai chahti hu ki jab mera beta peda ho to vah bada hokar jab mujhe dekhe to meri gand aur pet dekh kar hi uska land khada ho jaye

mehta- chinta mat kar beti tu itni sundar hai ki tera beta bhi tujhe apne land par betha-betha kar teri chut marega, dekhna tujhe to rat-rat bhar nangi karke chodega,

mamta- chalo ab hum log bister mai chal kar aaram karte hai aur phir kya tha mehta ne apni nangi beti ko apni god mai utha liya aur uski gand aur chut ka size dekh kar rohit ne bhi apni sas ko apni banho ka sahara dete huye bister par aa gaye ab beech mai dono randiyo ko lita kar rohit aur mehta aaju baju se un dono ko daboch lete haiaur phir mehta aur rohit kabhi unki gand ko dabate hai kabhi unke doodh ko dabate hai,

tabhi sandhya aur mamta ek dusre se puri tarah chipak jati hai aur mehta sidhe sandhya ki moti gand se chipak kar apna land pichhe se apni beti ki chut mai pel deta hai, tabhi rohit apne muh se thuk nikal kar apne land par lagata hai aur apni sas ki gand mai apne land ko laga kar apne dono hantho se sasu ma ki gand ko phaila kar ek kas kar shot marta hai aur uska aadha se jyada land uski mummy ji ki chut mai utar jata hai ,

mamta hay mai mar gai sandhya aur phir mamta sandhya se kas kar chipak jati hai aur apni beti ke doodh ko pine lagti hai udhar mehta apni beti ki chut mai apmne land ko gahrai tak thuse huye uske doodh dabate huye use chodne lagta hai, rohit apni sasu ke honth chusne lagta hai tabhi sasu ma apni jeebh nikal kar rohit ke muh mai de deti hai aur rohit apni mummy ki jeebh ko chuste huye uski gand marne lagta hai,

tabhi mehta ko josh aata hai aur vah apni beti sandhya ki puri gand ke upar chadh kar khub kas-kas kar uski chut thokne lagta hai aur kamre mai thap-thap ki aawaj aane lagti hai, sandhya o pap o papa aah aah ha aur tej khub kas kar chodo papa aaj fad to apni beti ki chut, aur chodiye papa aur kas kar chodiye bahut maza aa raha hai si aah aah ,

udhar rohit bhi sasu ma ki gand mai apne land ko fasaye uski chut mai bhi teen ungli dal kar uski gand kutne lagta hai aur mamta aah aah oh oh bete sabas bete aur tej fuck me bete khub kas kar chod bete apni mummy ko khub hachak -hachk kar chod bete aaj fad de apni mummy ki gand aah aah karti hui karahne lagti hai,

tabhi sandhya ka pani chhut jata hai aur mehta apne muh ko apni beti ki chut se laga deta hai vah apni beti ki phuli hui chut ki phanko ko thoda phaila kar apni jeebh se uske bhagnashe ko ragadne lagta hai aur sandhya dhire-dhire apne papa ke muh se apni fati chut ragadne lagti hai, udhar rohit sasu ma ko ghodi bana kar apni do ungliya mummy ji ki gand mai dalke dabate huye unki pav roti ki tarah uthi hui chut ko chatne lagta hai,

dono randiyo ki aah aah pure kamre mai gunj rahi thi aur dono sasur jawai apni beti aur sas ko bade pyar se sahlate huye unki chut pi rahe the, kuchh der bad papa ji ne sandhya ko nangi hi apni god mai utha kar usko dachh se apne land par betha liya aur uski moti gand ko apne hatho se tham kar uske doodh ke nippal ko chuste huye use chodne lage,

vah jitna tej dhakka apni beti ki chut mai marte sandhya utni hi teji se apne papa ke land par beth jati aur aah papa aah aur tej khub kas kar chodo papa aur phir sandhya apna hath niche lejakar apne papa ke balls ko pakad kar masalne lagi aur mehta bilkul musti mai aakar apni beti ko chodne laga,

idhar rohit ne mummy ji ki gand mar-mar kar lal kar di mummy ji ki guda se jab rohit ne land bahar nikala to unki guda bar-bar sikud aur phail rahi thi rohit ne mummy ji ki gand aur bhosda dono ko chuste huye unke chutado ko apne hantho se khub daboch raha tha aur apni jeebh ko unke chhed mai dal kar sahla raha tha,

rohit ne mummy ji ki gand mai hi apna pani chhoda aur papa ji ne apni beti ki chut ko apne veerya se bhar diya, dono randiya puri musti mai nangi hi bister par ek dusre se chipak kar so gai,

kuchh der beer ki masti mai sabhi lete rahe, kuch der bad sandhya uthi aur teeno ko soya dekh fresh hokar bethak room mai TV on karke beth gai lagbhag 10 minute bad mehta bhi aa kar sandhya ke pas brth gaye,

sandhya ne muskurate huye apne papa ko gud morning kaha,

dono tv dekh rahe the aur beech-beech mai mehta apni beti ki gawn mai kaid mast uthi hui chuchiyo ko bhi kisi bhukhe bhediye ki tarah dekh raha tha, mehta ab sandhya ke gudaj badan ko chhu lena chahta tha uske pardarshi gawn se uski bra aur panty saf najar aa rahe the uski jangho ka bharav uski gand ka uthav, har ek ang uski beti ka sanche mai dhala tha, upar se vah chudi chudai aurat ban ke use chodne ko mil rahi thi mehta ka land puri tarah tan chuka tha,

mehta- sandhya beti chalo thodi-thodi beer aur chakhi jay

sandhya-apne papa ke gale mai hath dal kar, papa meri to abhi pahle wali hi nahi utri hai,

mehta- are isi liye to kah raha hu beti utara lena padta hai nahi to bahut samay tak problem rahti hai,

sandhya- to thik hai chalo le lete hai aur phir mehta ne do glas beer bhar kar ek galas sandhya ke hantho mai pakda kar dusra apne hath se apne hontho pe laga lete hai aur phir sandhya aur mehta do-do galas aur lete hai aur phir sandhya sofe se khadi hokar apne papa ko muskura kar dekhti hai aur kahti hai papa aaj garmi kuchh jyada hai na aur phir apna gawn utar deti hai, ab sandhya sirf pink color ki panty aur bra mai thi,

mehta ka land apni beti ki aisi gadrai jawani ko dekh kar jhatke marne lagta hai aur mehta ke man mai aata hai ki mehta wakai teri beti to tabiyat se thokne layak hai, isko to rat bhar nangi rakh kar ise chodna chahiye,

mehta dhir-dhir sandhya ki aur badhne laga tabhi sandhya ne aage aakar mehta ko pakad kar sofe par betha diya aur khud bhi uske bagal mai beth gai, mehta ne sandhya ko apni god mai utha kar betha liya aur sanse pahle uske mote-mote kharbujo ko daba kar uske galo aur hontho ko chumne lage, mehta jab sandhya ke dono thos ubharo ko apne hantho mai bhar kar daboch raha tha tab sandhya apne hantho ko mehta ke dono hantho par rakhe huye sisiya rahi thi,

kramashah......................