incest "खून का असर" compleet

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raj..
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Re: incest "खून का असर"

Unread post by raj.. » 13 Oct 2014 02:42

raj sharma stories

"खून का असर"--5

गतान्क से आगे........................

अंदर जाकर रमेश शीला को बाँहो मे भर लेता है, इधर यार राजू हमारी बहन की मोटी गंद कितनी मस्त है यार मेरा तो पूरा लंड उसकी गंद फाड़ने के लिए मरा जा रहा है, बिरजू यार 4 महीने मे ही चुदवा चुदवा कर कैसी मस्त हो गई है साली इसको एक बार पूरी नंगी देखने का मन हो रहा है, तभी यार कही हमारा जीजा अंदर जाकर हमारी बहन को चोद तो नही रहा है चल अंदर झाँक कर देखते है और दोनो दरवाजे के पास की दरार से अंदर देखने लगते है, और उनका अंदाज़ा सही होता है उसका जीजा उनकी बहन की चोली खोल कर उसके मोटे मोटे चुचे को पकड़ कर दोनो हाथो से कस कस कर मसल रहा था दोनो भाई अपनी बहन की गदराई चुचि देख कर अपना लंड सहलाने लगे तभी रमेश ने शीला के घाघरे का नाडा खोल कर उसे नीचे गिरा दिया और शीला पूरी नंगी हो गई अपनी बहन की फूली हुई चूत और गदराई गंद देखकर दोनो भाई के होश उड़ गये उन्हे यकीन नही हो रहा था कि उनकी बहन घाघरे चोली के अंदर इतनी गदराई और गोरी है दोनो भाई उसकी मस्त बुर और गंद को सूंघने और चाटने के लिए तड़पने लगे

तभी रमेश ने शीला की दोनो टाँगो को फैलाकर उसकी फूली हुई बुर को चाटना शुरू कर दिया और शीला तड़पने लगी इधर दोनो भाई अपने अपने लंड को मसल मसल कर अपनी बहन की नंगी जवानी का लुफ्त उठा रहे थे तभी रमेश ने अपना लंड निकाल कर शीला की चूत मे डाल दिया और शीला आह आह कर के सीसीयाने लगी रमेश तेज तेज उसकी चूत मे धक्के मार रहा था और एक तेज झटके के साथ रमेश का लावा शीला की चूत मे फुट पड़ा रमेश ज़्यादा नशे मे होने के कारण ज़्यादा लंबी पारी खेल नही सका और शीला तड़पति रह गई और फिर रमेश सो गया, अब दोनो भाई अपनी अपनी जगह पर आकर बैठ गये और दोनो ने फिर शराब का गिलास उठाकर पीना शुरू कर दिया उनका लंड अपनी बहन को नंगी देख कर तना हुआ था, और दोनो मन ही मन सोच रहे थे कि चूत हमे क्यो नही मिल पा रही है तभी राजू ने कहा यार बिरजू मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया है बिरजू वह क्या राजू यार अभी शीला काफ़ी गरम है और हमारा जीजा उसे लगता है प्यासी ही छ्चोड़ कर झाड़ गया है यह बड़ा ही अच्छा मोका है अपनी बहन को चोदने का, वह अभी बाते कर ही रहे थे कि अचानक शीला के कमरे का दरवाजा खुला और वह बाहर आ गई,

आज शायद दोनो भाइयो की किस्मत भी उन पर मेहरबान थी, शीला अपना घाघरा चोली पहन चुकी थी और वह अपने भाइयो जो कि चटाई बिच्छा कर शराब पी रहे थे, अरे भैया अभी तक सोए नही और कब तक पीओगे, और शीला उनके पास आकर बैठ गई, राजू अरे शीला नींद ही नही आ रही थी और फिर अभी भी काफ़ी दारू बची है सो हमने सोचा इसे ख़तम करके ही सोते है, पर तू क्यो नही सोई अभी तक और जीजा जी सो गये क्या, शीला हाँ भैया वो तो कब के सो गये है, तभी अचानक शीला की नज़र दोनो की लूँगी मे बने तंबू पर पड़ी तो उसके रोंगटे खड़े हो गये क्यो कि दोनो के लंड अपनी बहन को देख कर ऐसे खड़े हो गये थे जैसे अभी उसकी चूत मे घुस जाना चाहते हो शीला पहले से ही गरम थी और अपने भाइयो का मोटे लंड के एहसास ने उसकी चूत को फिर से पानी पानी कर दिया था, तभी बिरजू ने घाघरे के उपर से अपनी बहन की गदराई जाँघ पर हाथ फेरते हुए, शीला तू खुस तो है ना यहाँ, शीला हाँ भैया मैं खुस हू लेकिन मुझे आप दोनो की याद बहुत सताती है, और मुझे अपने बचपन के दिन बहुत याद आते है जब आप दोनो मुझे अपनी गोद मे बैठा कर प्यार किया करते थे, बिरजू ने अपनी बहन की नंगी कमर मे हाथ डाल कर अपनी और खिचते हुए अरे पगली तू फिकर क्यो करती है और तू जब भी अपने दोनो भाइयो को याद करेगी तेरे भाई तुझसे मिलने चले आया करेंगे, शीला ओह भैया कहते हुए अपने भाई के गले लग गई, तब बिरजू ने उसे अपनी ओर खींच कर उसके मोटे-मोटे दूध को अपनी छाती से कस कर दबा दिया और शीला के मूह से एक हल्की सी आह निकल गई, तब बिरजू ने चुपके से राजू की ओर आँख मार दी तब राजू ने अपनी बहन शीला के मोटे चूतादो को अपनी और दबोचते हुए उससे कहा मेरी प्यारी बहना जितना तुम हमे याद करती हो ना उससे कही ज़्यादा हम तुम्हे याद कर कर के मतलब तुम्हे याद करते थे

raj..
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Re: incest "खून का असर"

Unread post by raj.. » 13 Oct 2014 02:42

शीला दोनो भाइयो के बीच मे बैठी थी और राजू ने शीला की पीठ पर हाथ फेर कर उसे सहला रहा था और बिरजू आगे से शीला की मोटी जाँघो पर हाथ रख कर उसे अपने गले से लगाए हुए था, तभी शीला ने देखा कि बिरजू का लंड इतना कड़ा था कि उसके लंड वाली जगह से उसकी लूँगी हिल रही थी वह समझ गई कि उसके भाई का लंड झटके मार रहा है, तभी शीला भैया आप नही जानते मैं आप दोनो भाइयो की गोद मे बैठने के लिए कितना तरसती हू, तभी बिरजू ने शीला को अपने उपर खिचते हुए उसे अपनी गोद मे बैठा लिया और अचानक उसके खिचने से शीला का हाथ लूँगी के उपर से अपने भाई के खड़े लंड पर पड़ गया और उसकी चूत फड़फड़ने लगी तभी बिरजू ने शीला को थोड़ा उठाकर अपना लंड उसकी गंद के नीचे अड्जस्ट करके उसे अपने लंड पर बैठा लिया उसका मोटा लंड शीला की गंद मे ज़ोर से चुभने लगा शीला की चूत पानी पानी हो गई और उसका घाघरा उसकी गंद के नीचे से पूरा गीला हो चुका था तभी राजू उसके और करीब आ गया और अपनी बहन के दोनो पैरो को अपनी जाँघो पर रख लिया अब शीला अपनी पीठ बिरजू के पेट से सताए उसके खड़े लंड पर बैठी थी और उसके दोनो पैर राजू की जाँघो के उपर रखे थे, बिरजू ने शीला के आगे हाथ लाकर उसकी मोटी चुचियो पर हल्के से रख कर उसे अपनी छाती से दबाते हुए कितनी बड़ी हो गई है हमरी प्यारी बहना ऐसा लगता है जैसे किसी जवान औरत को मैं अपनी गोद मे बैठा कर प्यार कर रहा हू, शीला हाँ भैया अब तुम्हारी बहन एक जवान औरत हो गई है, और अगर तुम्हारी बहन जवान हो गई है तो क्या उसे प्यार नही करोगे, बिरजू ने शीला के गालो पर अपने गाल रगड़ते हुए उसके जिस्म से उठती मादक गंध को सूंघते हुए अरे मेरी प्यारी बहना तू जवान क्या चार बच्चो की अम्मा भी बन जाएगी तब भी मैं तुझे ऐसे ही अपनी गोद मे चढ़ा कर रखूँगा और उसकी मोटी मोटी दोनो चुचियो को अपने दोनो हाथो मे भर कर हल्के हल्के बड़े प्यार से दबाने लगता है शीला ओह भैया अपनी बहन को खूब प्यार करो मैं तुम्हारे प्यार के लिए तरस रही हू, आह ओह भैया आप दोनो मुझे कितना प्यार करते है, मुझे हमेशा ऐसे ही प्यार करते रहना तभी शीला के एक पैर के पंजे के नीचे राजू का लंड जो लूँगी को उपर उठाए खड़ा था आ गया और शीला राजू का लंड अपने पैरो से दबा दबा कर महसूस करने लगी और राजू सिहर गया और उसने शीला को प्यार जताते हुए धीरे से उसका घाघरा उसकी जाँघो तक चढ़ा दिया राजू अपनी जवान बहन की गतीली गोरी गोरी मोटी जंघे देख कर अपने होश खोने लगा और उसकी गदराई मोटी जाँघो पर अपना हाथ फेरने लगा, अब शीला से बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था तो उसने कहा भैया आज हम यही पर आपके साथ लेट कर बाते करते है

तब दोनो भाइयो ने शीला को बीच मे लिटा दिया और आस पास दोनो भाई उसी चिपक कर लेट गये दोनो के लंड शीला की दोनो और से उसकी मोटी मोटी जाँघो पर चुभ रहे थे और शीला से अब नही रहा गया और उसने अपने एक एक हाथ से दोनो की लूँगी मे हाथ डाल कर दोनो के लंड को पकड़ लिया उनके मोटे तगड़े लंड का स्पर्श पाकर शीला पागल हो गई और अपने हाथो से कस कस कर अपने दोनो बड़े भाइयो के लंड को दबोच दबोच कर दबाने लगी इधर शीला की इस हरकत से राजू और बिरजू ने झट से अपनी बहन की एक एक चुचि को अपने हाथो मे कस लिया और जितना तेज शीला उनका लंड मसल्ति उतना ही तेज दोनो भाई अपनी बहन की चुचि को मसल्ने लगे, और फिर उन दोनो ने अपनी बहन की चोली को खोल कर अलग कर दिया और उसको कसी हुई मोटी मोटी चुचियो को कस कस कर दबाने लगे शीला हाय भैया हाय ये क्या कर दिया भैया मैं मर जाउन्गि और दबाओ ना रूको मत खूब कर कर दबाओ भैया सारा रस निकाल लो अपनी बहन की चुचियो का आह आह आह हाय सी सी अह्ह्ह्ह आहह हाँ भैया ऐसे ही और ज़ोर से मस्लो आ बहुत मज़ा आ रहा है ओह ओह आह आह ओ मेरे प्यारे भैया आह आह तभी राजू ने शीला के घाघरे का नाडा खोल दिया और उसे पूरी नगी कर दिया और दोनो भाई ने अपनी अपनी लूँगी खोल कर अलग कर दी शीला ओह बाप रे कितने बड़े लंड हैं भैया आप दोनो के और उनके लंड को मूह मे भर भर कर चूसने लगी दोनो भाइयो ने अपनी बहन की चुचि को कस कस कर दबाना शुरू कर दिया दोनो इतनी ज़ोर से अपनी बहन की चुचिया दबा रहे थे कि वह लाल पड़ चुकी थी फिर दोनो भाइयो ने उसकी एक एक चुचि को अपने मूह मे भर कर पीना शुरू कर दिया शीला आह आह ओह भैया आ आ और चूसो और चूसो अपनी बहन की चुचियो को खा जाओ पूरी आह आह ओ भीया मैं मर जाउन्गि, ओह ओह कितना प्यारा लंड है आपका मैने ऐसा लंड कभी नही चूसा ओह ओह और खूब कस कस कर शीला अपने भाइयो का लंड पी रही थी,

raj..
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Re: incest "खून का असर"

Unread post by raj.. » 13 Oct 2014 02:43

फिर दोनो भाइयो ने अपनी बहन को खड़ी कर दिया और उसकी मदमस्त गदराई जवानी को देख कर पागल हो उठे राजू ने अपने सामने नंगी खड़ी अपनी बहन की चूत मे घुटनो के बल बैठ कर अपना मूह लगा दिया और उसकी बुर को अपने हाथो से फैला फैला कर चाटने लगा, इधर बिरजू अपनी बहन के पीछे अपने घुटनो पर खड़ा होकर अपनी बहन की गंद को अपने हाथो से चौड़ा करके उसकी गंद को चाटने लगा, दोनो और से एक साथ दो दो गरम जीभ से अपनी गंद और चूत की चटाई से शीला पागल हो गई और पागलो की तरह ज़ोर ज़ोर से सीसीयाने लगी ओह भैया ओह भैया मैं मर जाउन्गि और चॅटो और चॅटो भैया और ज़ोर से चूसो भैया दोनो भाई ने अपनी बहन को गंद और चूत पर अपना मूह पूरी ताक़त लगाकर अपना मूह दबा दबा कर अपनी मस्त जवान बहन की मस्तानी गंद और चूत को चाट चाट कर बिल्कुल लाल कर दिया शीला उनकी इस भयानक चटाई से खड़े खड़े ही मूतने लगी और उसकी बुर ढेर सारा पानी छ्चोड़ने लगी तभी दोनो भाइयो ने उसको घुमा कर अब राजू अपनी मस्तानी बहन की गंद चाटने लगा और बिरजू उसकी चूत का रस पीने लगा, और शीला हाय हाय करते हुए खड़े खड़े मूतने लगी दोनो भाई बार बार उसको घुमा कर कभी एक भाई चूत दूसरा उसकी गंद चाटता और फिर उसे घुमा लेते और फिर उसकी गंद और चूत चाटने लगे लगभग 30 मिनिट तक दोनो भाइयो ने अपनी बहन की गंद और चूत चाट चाट कर लाल कर दिया शीला 4-5 बार खड़े खड़े मूत चुकी थी अब उसके पैरो मे जान नही बची थी और उसके पैर काँपने लगे तभी बिरजू खड़ा हो गया और अपनी बहन को अपनी गोद मे चढ़ा कर उसके पैरो को अपनी कमर के आस पास लपेट कर उसकी चूत मे अपना मोटा काला लंड फसा देता है और उसे अपने लंड पर अच्छे से टांग लेता है और शीला अपने भाई के लंड पर चढ़ कर चुदने लगती है इधर राजू बैठे भी अपनी बहन की गंद को थूक लगा लगा कर अपनी उंगली उसकी गंद मे भरने लगता है शीला ज़ोर ज़ोर से आह आह ओह ओह आ आ ओह करने लगती है तभी राजू खूब सारा थूक अपने लंड पर चोपड़ते हुए अपने लंड को अपनी बहन की खुली गंद के छेद मे लगा कर एक झटका मारता है और उसका लंड आधा उसकी बहन की गंद मे उतर जाता है और शीला ओह भैया मर गई रे फाड़ दी मेरी गंद रे आआआ अया अया ओह ओह सी सी तभी राजू अपनी बहन की गोरी गोरी मोटी गंद को अपने हाथो से फैला कर दूसरा झटका इतना तेज मारता है कि उसका पूरा लंड अपनी बहन की गदराई गंद को फादता हुआ पूरा उसकी मोटी गंद के छेद मे समा जाता है और शीला बिरजू की छाती से चिपक जाती है अब दोनो भाई आगे पीछे से अपनी बहन की गंद और चूत को चोदने लगते है करीब 20 मिनिट की तगड़ी चुदाई से शीला बिल्कुल मस्त हो जाती है और ओह भैया मारो और मारो अपनी बहन की गंद फाड़ दो भैया बहुत मज़ा आ रहा है मेरे प्यारे भैया खूब चोदो अपनी बहन को आह आह आह आह ओह ओह सी ओर फिर शीला की चूत पानी छ्चोड़ने लगती है तभी बिरजू अपनी बहन को अपनी गोद मे उठाए उठाए लेट जाता है और शीला को अपनी छाती से चिपका लेता है और राजू उसकी गंद मे लंड फसाए उसकी गंद को चोदने लगता है अब दोनो भाई एक उपर से तो दूरा नीचे से सतसट लंड अपनी बहन की गंद और चूत मे मारने लगते है और शीला आह आह चोदो और चोदो अया आ आ फाड़ दो आह फाडो और फाडो पूरी गंद और चूत फाड़ दो भैय्ाआआआअ आ आ आ आ कहती हुई झाड़ जाती है, इस तरह दोनो भाई अपनी बहन को रात भर मे कम से कम 4 बार चोद चोद कर उसकी चूत और गंद फाड़ फाड़ कर लाल कर देते है और फिर तीनो पड़े पड़े एक दूसरे के अंगो को सहलाते हुए सो जाते है, सुबह शीला जल्दी उठ कर गाँव जाने की तैयारी करती है और फिर उनका जीजा उनको बस मे बैठा देता है और दोनो भाई अपनी प्यारी बहन को लेकर अपने गाँव की ओर चल देते है.

गाँव की बस मे तीन की सीट पर तीनो भाई बहन बैठ गये थे शीला दोनो भाइयो के बीच बैठी थी और दोनो भाई मोका देख देख कर अपनी प्यारी बहन की मोटी जाँघो को सहलाते हुए उससे बाते करते जा रहे थे, शीला भी मज़ा लेती जा रही थी और रात भर अपनी चूत और गंद अपने भाइयो से मरवाने के बाद भी उसकी चूत से पानी आ गया था क्यो कि दोनो भाई उसकी मोटी जाँघो की जड़ तक हाथ पहुचा देते थे, उसकी चूत फूलने लगी थी, कभी कभी तो मोका देख कर राजू और बिरजू उसकी फूली हुई चूत को अपनी मुट्ठी मे दबोच लेते थे, शीला को खूब मस्ती चढ़ रही थी, इसी तरह मस्ती मारते हुए तीनो अपने गाँव पहुच गये, शीला अपनी मा से मिलकर बहुत खुस हुई और कमला भी अपनी बेटी से मिलकर काफ़ी खुस लग रही थी, कमला ने फिर शीला से उसके पति के बारे मे पूछा और फिर शीला को आराम करने को कह कर गाँव मे कही पड़ोस मे चली गई तब दोनो भाइयो ने शीला को अपनी बाँहो मे भर कर एक उसके मोटे चूतादो को दबाने लगा दूसरा उसकी मोटी चुचियो को कस कस कर मसल्ने लगा, शीला अब पूरी गरम हो गई थी, राजू और बिरजू शीला को बैठा कर उसकी चूत को फैला कर उसके दाने को अपनी उंगलियो से छेड़ रहे थे और उसकी मोटी गंद के छेद मे उंगली कर रहे थे, शीला जब से तू शादी करके गई है तेरे चूतड़ कुच्छ ज़्यादा ही बढ़ गये है, क्या जीजा जी तेरी गंद भी मारते थे, शीला अरे कहाँ भैया वो तो मुझे दम भर के चोद्ते भी नही थे असली चुदाई क्या होती है ये तो मेरे प्यारे भाइयो से मुझे पता चला, बिरजू बहना तेरी मोटी गंद देख कर हमारा लंड तो कल से ही पागल हो रहा है, भैया आप लोगो को औरतो की मोटी गंद बहुत पसंद है ना, राजू हाँ शीला जब हम किसी भी औरत की मोटी गंद देखते है तो हमारा लंड अपने काबू मे नही रहता है फिर दोनो भाइयो ने शीला का घाघरा उठा कर उसकी चूत और गंद की जम कर कुटाई की और उसके बाद शीला सो गई,

रोज की तरह दोनो भाई अपने घर के बाहर बैठ कर हॅंडपंप से नहाने आती औरतो को देखने लगे, जब सुधिया काकी नहाने आई तो उनका सिनिमा हाल मे बनाया हुआ प्लान याद करके सोचने लगे इस कुतिया की गंद कैसे मारी जाए, तभी सुधिया काकी की बहू बाहर आ गई और सुधिया काकी उससे कहने लगी बहू मैं नहा कर ज़रा खेतो की ओर जा रही हू दोपहर को वही रहूगी तू खाना खाकर ये कपड़े धो लेना और फिर सुधिया काकी नाहकार अपने खेतो की ओर निकल गई, शीला के आने के कारण आज कमला ने जंगल जाने का प्रोग्राम कॅन्सल कर दिया था इसी लिए बिरजू और राजू गाँव मे घूमने का कह कर सुधिया काकी के खर्तो की ओर चल दिए सुधिया काकी के खेत के आसपास बहुत ज़्यादा आम के पेड़ थे उन्ही मे से एक पेड़ के नीचे सुधिया काकी ने दोपहर को आराम करने के लिए एक झोपड़ी नुमा मदैइया बना रखी थी और सुधिया काकी उस मॅडीया की खाट पर अपनी टाँगे फैला कर सो रही थी और खेत से दूर दूर तक कोई नज़र नही आ रहा था दोपहर के टाइम अक्सर लोग अपने घरो की ओर चले जाते थे बिरजू और राजू चुपचाप सुधिया काकी की मदैइया मे घुस गये और वहाँ पड़ी रस्सी से सुधिया काकी के दोनो हाथो को पकड़ कर खाट से बाँधने लगे तभी सुधिया काकी की आँख खुल गई और उसने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया तब तक दोनो भाई उसके हाथ खाट से बाँध चुके थे, तब बिरजू ने एक कपड़ा उठाकर सुधिया काकी के मूह पर भी बाँध दिया अब सुधिया काकी चिल्लाना चाहती थी लेकिन उसके मूह से गु गु की आवाज़ ही निकल पा रही थी, तभी राजू ने उसका एक पैर पकड़ कर उसे भी खाट के एक पाए से बाँध दिया और बिरजू ने जल्दी से दूसरा पैर भी बाँध दिया, अब सुधिया काकी आँखे फाडे दोनो भाइयो को देख रही थी लेकिन खुच्छ बोल नही पा रही थी तब दोनो भाइयो ने अपना अपना मोटा काला लंड बाहर निकाल कर सुधिया काकी को दिखाते हुए मदर्चोद बहुत मा चुदा रही थी तू उस दिन क्या बोल रही थी कुतिया कि जा कर अपनी मा पर चढ़ जाओ, तभी बिरजू अरी हरम्जदि हम अपनी मा पर तो चढ़ेगे ही पर पहले तेरी मस्तानी चूत और गंद का बजा बजा कर तुझे तो जन्नत की सेर करवा दे फिर अपनी मा पर भी चढ़ जाएगे और सुधिया काकी का उनकी बाते सुन कर चेहरा खोफ़ से डर गया और वह अपने हाथ पाँव पर अपनी पूरी ताक़त लगा कर अपने बंधन छुड़ाने की कोशिश करने लगी लेकिन असफल रही तभी बिरजू ने एक झटके मे सुधिया काकी का घाघरा उसके पेट तक चढ़ा दिया और सुधिया काकी पाँव से लेकर पेट तक पूरी नंगी उनके सामने थी सुधिया काकी शायद अपने झांत के बाल बना लेती थी इसी लिए उसकी चूत लाफ़ी फूली और चिकनी नज़र आ रही थी दोनो भाई सुधिया काकी की चिकनी चूत देख कर पागल हो गये राजू तुरंत सुधिया काकी की चूत से भिड़ गया और उसको अपने हाथो से फैला कर चाटने लगा, तभी बिरजू ने सुधिया काकी की चोली को खोल दिया और सुधिया काकी के मोटे मोटे पपीते उसके सामने थे और वह उन दोनो पपितो को कस कस कर दबाते हुए उनके मोटे मोटे निप्पल को अपने मूह मे भर कर चूसने लगा, सुधिया काकी अपनी चूत और दूध की ऐसी चुसाइ से एक दम सनसना चुकी थी और उसकी बुर ने ना चाहते हुए भी पानी छ्चोड़ना शुरू कर दिया दोनो भाई जानते थे कि इस कुतिया को जब तक 4-5 बार नही झाड़ा दिया यह कभी भी मा चुदवा सकती थी इसलिए दोनो भाइयो ने सुधिया काकी की रसीली चूत और दूध को लगातार चूस्ते रहे और सुधिया काकी शुरू शुरू मे तो काफ़ी ताक़त अपने हाथ पाँव को छुड़ाने मे लगा रही थी लेकिन लगभग आधे घंटे की चूत और दूध चुसाइ के बाद उसके हाथ पाव ढीले पड़ गये और वह अब चुपचाप पड़ी अपनी चूत और दूध चूसा रही थी और उसका चेहरा बिल्कुल लाल हो चुका था अब जैसे जैसे दोनो भाई चूस्ते जा रहे थे वैसे वैसे सुधिया काकी की सिसकिया महसूस होने लगी थी

क्रमशः....................