जुली को मिल गई मूली compleet

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raj..
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Re: जुली को मिल गई मूली

Unread post by raj.. » 15 Oct 2014 11:10

गंद मारने की रफ़्तार और चूत मे उंगली घूमने की रफ़्तार, दोनो बढ़ती गई. मेरी गंद का दर्द गायब हो गया था और अब मज़ा ही मज़ा आ रहा था. होटेल के बंद कमरे मे हमारी चुदाई, मेरी गंद मरवाई जारी थी. हम दोनो, ताज़ा ताज़ा शादी किया हुआ सेक्सी जोड़ा, दुनिया से बेख़बर, अपनी पसंद का चुदाई वाले खेल मे मस्त था.

उनके मेरी चूत रगड़ने की वजह से, मेरी चूत मे उंगली करने की वजह से, मैं अपने झड़ने के करीब थी जो उनको मेरी हरकतों की वजह से पता चल गया .

उन्होने मेरी गीली फुददी पर से अपना हाथ हटा लिया और अपना पूरा ध्यान मेरी गंद मारने पर लगा दिया. मेरी गंद मे और उन के लौडे पर क्रीम लगी होने की वजह से, उनके लंड के मेरी गंद मे अंदर बाहर होने पर कुछ अलग तरह की आवाज़ आने लगी. चूत की चुदाई मे ऐसी आवाज़ नही आती है.

मैं झड़ने की ऐसी ऊँचाई पर पहुँच चुकी थी जैसे कि मैं बॉम्ब फटने की तरह झडुन्गि. उनके गरम लंड की गरमा गरम चुदाई से मेरी गंद भी अंदर से गरम हो गई. मैं महसूस कर रही थी कि उनका लंड मेरी गंद मे आते जाते और भी मोटा हो गया है, और भी कड़क, बिल्कुल लोहे के डंडे जैसा हो गया है. वो भी पहली बार मेरी गंद पूरी तरह मार कर भरपूर मज़ा ले रहे थे और बिना रुके मेरी गंद मारते जा रहे थे.

मेरे लिए ये हमेशा फ़ायदे की बात है कि मेरे पति बिना रुके, लगातार मुझे चोद्ते रहें. क्यों कि मुझे पता है कि अगर उन्होने बीच मे चुदाई रोकी तो उनके लंड का पानी निकलने मे और भी ज़्यादा वक़्त लगेगा.

बाहर इतनी ठंड थी पर होटेल के इस कमरे के अंदर चुदाई की गर्मी थी, यहाँ तक कि अगर हम हीटर बंद भी कर्देते तो हम को हमारी चुदाई के कारण ठंड नही लगने वाली थी. मेरी गंद उनके लंड के जबरदस्त धक्के सहन कर रही थी और हम को इतनी गर्मी लग रही थी कि सिर्फ़ पसीना निकलना बाकी था.

मेरी चोद्ने की मशीन……… मेरा पति……. मेरा चोदु……. मेरा प्यारा चुड़क्कड़ मुझे अपनी चुदाई का मज़ा, इस बार मेरी गंद मार कर दे रहा था. चुदाई की रफ़्तार तूफ़ानी हो चुकी थी और मैं घोड़ी बनी अपने पति से गंद मरवा रही थी.

प्यारे पढ़ने वालों ! मेरे पास शब्द नही है मैं आप को बताऊ कि पहली बार अपने पति से गंद मरवा कर मुझे कितना मज़ा आया. पर मैं जानती हूँ कि आप सब ने मेरी आप बीती पढ़ते हुए ज़रूर महसूस किया होगा.

मेरी गंद मारते मारते वो भी अपनी मंज़िल के पास थे, पर लगातार मेरी गंद मार रहे थे. मेरी चुचियाँ हवा मे झूल रही थी और उनके लंड के मेरी गंद मे हर धक्के के साथ हिल रही थी, नाच रही थी. मेरे पति को मेरे झड़ने के समय के बारे मे पूरा अंदाज़ा है. उनका हाथ फिर से मेरी चूत पर पहुँच कर कमाल करने लगा. तब तक मेरी चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी. मेरा छुट रस निकल कर मेरे पैरो के जोड़ को गीला कर रहा था. उनकी उंगलियों के बीच मे मेरी चूत का दाना मसला जा रहा था. मुझे लग रहा था कि मैं अपनी गंद मरवाई के कारण ही झाड़ जाउन्गि. पर अब उनकी उंगलियाँ मेरी गीली चूत पर जो हरकत कर रही थी, मैं तो बस पहुँचने ही वाली थी. मेरी चूत और गंद दोनो ही मारी जा रही थी. मैं तो कहती हूँ कि हर लड़की को ज़रूर से गंद मर्वानी चाहिए. मैं पहुँचने वाली थी, झड़ने वाली थी और मैं अपने मूह से निकलने वाली आवाज़ों को रोक नही पा रही थी.

raj..
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Re: जुली को मिल गई मूली

Unread post by raj.. » 15 Oct 2014 11:11

” ओह डियर…………. आआहह. आइ लव यू………… ज़ोर से चोदो जान……….. मैं गई………….. बाप रे……………. मैं गई…….. हे भगवान……………. आआआहह ओऊऊओःह्ह्ह्हा हान्ंननणणन्…….. या……….. मैं झड़ी डियर,……….. ऊऊऊहह”

मेरा बदन ऐंठा और और और मैं झाड़ गई, बहुत ज़ोर से, बहुत ज़्यादा, अलग तरीके से, नये तरीके से.

अचानक ही उन्होने पीछे से मुझे पकड़ा और करीब करीब चिल्लाए

“जुलीईईईईई! डार्लिंगगगगगगगगग” और उनका लंड मेरे पहले से क्रीम लगी गंद मे और क्रीम छ्चोड़ने लगा. उनके लंड से हो रही प्यार के रस की जोरदार बरसात मेरी गंद के अंदर होती मैने सॉफ सॉफ महसूस की. हमेशा की तरह उनका लंड नाचता हुआ पानी बरसा रहा था और मेरी गंद उनके लंड रस से भर गई. मैं उल्टी ही बिस्तर पर लेट गई और वो भी मेरे उपर, अपना लंबा लंड मेरी गंद मे डाले, मेरे उपर लेट गये.

धीरे धीरे जैसे जैसे उनका लंड नरम पड़ता गया , उनके लंड का मेरी गंद मे निकला पानी मेरी गंद से बाहर आने लगा.

हम दोनो के लिए ये एक बहुत मज़ेदार चुदाई थी.हम दोनो ही पूरे संतुष्ट थे, वो मेरी गंद मार के और मैं उनसे गंद मरवा के. और सब से खास बात हमारी इस पहली बार गंद मरवाई मे थी वो ये कि हम दोनो ही साथ साथ झाडे थे. और मैं खुश थी कि मैने अपने पति के लंड का पानी अपनी गंद मे लगातार, बिना रुके चुदाई करवा के निकाला था.

उन्होने जब अपना नरम होता लंड मेरी गंद से बाहर निकाला तो उनके लंड से निकला बहुत सारा पानी निकल कर, मेरी गंद की दरार के बीच से होता हुआ, मेरी चूत के पास, चद्दर पर गिर गया .

मैने बाथरूम जा कर अपनी गंद सॉफ की और उनके लंड का पूरा पानी गंद से निकाल दिया.मेरी गंद अंदर से आराम से सॉफ हो गई.

मेरे पति भी बाथरूम मे आए और हम ने साथ साथ गरम पानी से स्नान किया.

मैं यहाँ बताना चाहती हूँ कि अपने हनी मून के दौरान मैने कई बार अपने पति से अपनी गंद मरवाई और हमे पता चला कि एक पॅकेट करीब 15 बार गंद मारने के लिए काफ़ी है. हम ने वापस आने के पहले 10 पॅकेट्स खरीद कर साथ ले लिए ताकि जब भी हमारा मन करे, हम गंद मारने और गंद मरवाने का मज़ा ले सकें.

प्यारे दोस्तों! मैं आप को कहना चाहती हूँ कि गंद मारने और गंद मरवाने मे बहुत मज़ा आता है पर इस मे बहुत सावधानी रखने की ज़रूरत है. ये बहुत आम है कि मर्द को गंद मारते वक़्त इन्फेक्षन हो सकता है अगर वो कॉंडम ना लगाए या मारने वाली गंद अंदर से पूरी तरह सॉफ ना हो. अगर किसी मर्द को गंद मारने की वजह से इन्फेक्षन हो जाता है तो वो जिस औरत की चूत मे वो लंड डालेगा, उस औरत के चूत मे भी इन्फेक्षन हो जाएगा.

इसलिए, मेरा ये कहना है कि सब को चुदाई का पूरा मज़ा लेने का हक़ है, चाहे चूत चुदाई या गंद चुदाई, पर पूरी सावधानी ज़रूरी है. जहाँ तक गंद मारने और मरवाने वाले पॅकेट का सवाल है, अभी ये अपने देश मे नही मिलता है पर उम्मीद है कि जल्दी यहाँ भी ये गंद मारने और मरवाने के शौकीनों को मिलने लगेगा. तब तक गंद मारते और मरवाते वक़्त कॉंडम का ज़रूर इस्तेमाल करें.

क्रमशः............................


raj..
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Re: जुली को मिल गई मूली

Unread post by raj.. » 15 Oct 2014 11:12

जुली को मिल गई मूली--16

गतान्क से आगे...........................

प्यारे दोस्तों,

जिंदगी मे सिर्फ़ चुदाई के बारे मे लिखना एक कठिन काम है और खास कर के एक लड़की के लिए. जैसा कि मैने आप को बताया है, मैने अलग अलग प्रकार से चुदाई करवाई है और वो आप को बताने मे कभी भी पीछे नही रही हूँ.

मेरे रास्ते मे कई रुकावटें आई, कुछ लोग मुझे पसंद नही करते, शायद वो मेरे उनके साथ चुद्वाने को ना कहने की वजह से मुझे पसंद नही करते. मैने पहले ही कहा है कि अपनी चुदाई के बारे मे लिखने का ये मतलब नही है कि कोई भी मुझे चोद सकता है.

ऐसे लोग मेरी मैल भी हॅक करने की कोशिश करतें है जिसकी वजह से मैं कई बार मैल भेज नही सकती और पा भी नही सकती.

खैर, इन सब ने मुझे और भी मज़बूत किया है.

अब पेश है मेरा नया कारनामा, शादी के बाद चुदाई…….

मैं उन भाग्यशाली लड़कियों मे हूँ जो एक बहुत ही खूबसूरत, सुखी और संतुष्टि के साथ चुदाई की जिंदगी जी रही है. मैने अपनी शादी के पहले भी कई बार शानदार चुदाई करवाई है और अब शादी के बाद और भी शानदार चुदाई करवा रही हूँ. इस का कारण शायद शादीशुदा होने के बाद चुदाई का परमिट मिलना है, खास कर के अपने देश मे.

आप सब को तो पता ही है कि किसी भी जोड़े की प्यार मे अंतिम मंज़िल होती है चुदाई, भले ही वो प्रेमी जोड़ा हो, पति पत्नी हो या किसी और प्रकार का मर्द – औरत का जोड़ा हो.. ये बात सब पर लागू है चाहे वो मर्द औरत का जोड़ा हो, दो औरतो का जोड़ा हो, दो मर्दों का जोड़ा हो या सामूहिक संभोग हो. सब की मंज़िल एक ही है और वो है चुदाई, पर मेरा ये मान ना है कि चुदाई एक कला है. आप चुदाई को हमेशा एक नया रूप दे सकतें है, अलग अलग जगह पर, अलग अलग तरीके से और हमेशा कुछ नया करके चुदाई को बहुत ही शानदार बना सकतें है.

बहुत से लोग इस कला को जानते है और मेरे जैसी लड़की तो हमेशा हर चुदाई को एक नई चुदाई समझती है. वरना, आप को पता है कि चुदाई मे कुछ नया नही है, चूत मे लंड डालो और चुदाई कार्लो. चुदाई इस धरती का सबसे पुराना खेल है और इस को हमेशा नया बना कर रखना चाहिए. शायद आप मेरी बात से सहमत होंगे.

अब तक मैने आप को मेरे हनी मून के बारे मे बताया जो हम ने युरोप मे मनाया था जहाँ मैने पहली बार अपने पति से पूरी तरह गंद मरवाने के मज़े लिए थे. मैने कभी भी नही सोचा था कि गंद मरवाने मे भी इतना मज़ा आता है. मेरे पति भी गंद मारने के आनंद से इस से पहले अंजान थे क्यों कि उन्होने भी पहली बार किसी की गंद मारी थी. अब गंद मरवाना मेरी चुदाई की जिंदगी का एक ज़रूरी हिस्सा बन चुका है. मैं रोज तो गंद नही मरवाती, पर जब भी हम दोनो का मन होता है, वो मेरी गंद मारते है और मैं गंद मरवाती हूँ. कई बार अपने पति से गंद मरवा चूकने की वजह से मेरी गंद का छेद और अंदर का भाग कुछ बड़ा हो चुका है और अब मुझे उनका बड़ा और मोटा लंड अपनी गंद मे लेने पर बिल्कुल भी दर्द नही होता, सिर्फ़ मज़ा आता है, वो भी दोनो को.

मुझे दूसरी औरतों के बारे मे तो पता नही है जो अपने साथी से गंद मरवाती है, पर मैं तो गंद मरवा कर बहुत ज़ोर से झड़ती हूँ. ये एक और रास्ता है चुदाई के मज़े लेने का.

हम अपने लंबे, तीन साप्ताह के हनी मून से वापस आए और मेरे पति उसके एक साप्ताह के बाद देल्ही चले गये क्यों कि उनकी छुट्टियाँ ख़तम हो गई थी.

आप की जानकारी के लिए बता दूं कि वो देल्ही मे एक MणC मे मार्केटिंग हेड है. मेरा अधिकतम समय मेरे सास ससुर के साथ बीत रहा था और मुझे कभी भी ऐसा नही लगा कि मैं इस घर मे नई हूँ. आप सब जानते है कि मैं कितनी सेक्सी हूँ और अपने आप को चुदाई से दूर ज़्यादा दिनों तक नही रख सकती. मेरे दिन तो आराम से अपने सास ससुर के साथ निकल रहे थे मगर रातें अपने पति के बिना बहुत लंबी लग रही थी. इस दौरान मैं अपने पति से करीब दो साप्ताह तक दूर रही थी मगर हम फोन पर रात को घंटो बात किया करते थे. हम बहुत सेक्सी बातें करते हुए एक दूसरे को काफ़ी गरम कर देते थे. सेक्सी बातें करते हुए हम दोनो ही अपने हाथ इस्तेमाल करके, वो अपने लंड को और मैं अपनी चूत को शांत करते थे. मेरी पुरानी आदत है कि मैं रात को अपने बिस्तर मे बिना कपड़ों के, नंगी ही सोती हूँ. मुझे बिस्तर मे नंगा सोना ही पसंद है चाहे मैं अकेली हूँ या फिर अपने पति के साथ. ज़्यादातर हम रात को 11 बजे बात करते थे. वो मुझे पूछते थे कि दिन मे मैने क्या क्या किया और जल्दी ही हमारी बातें प्यार की बातों मे, चुदाई की बातों मे बदल जाती थी. वो हमेशा मुझे मेरी चुचियों के बारे मे, गंद के बारे मे और मेरी चूत के बारे मे पूछते थे और मैं उनको उनके चुदाई के औज़ार लौडे के बारे मे पूछती थी. आप मेरे जैसी सेक्सी लड़की की हालत समझ सकतें है जो अपने चुदाई के जोड़ीदार से दूर थी. लेकिन, ये जुदाई का समय भी निकल गया और अब समय आ गया था कि मैं उनके पास जा रही थी, अपने नये घर मे, अपने चोदु के पास, अपने चुड़क्कड़ पति के पास, मेरा नया घर मेरी चुदाई का इंतज़ार कर रहा था.