दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

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Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

Unread post by Nitin » 05 Feb 2018 10:36

रात को सो नही पाया था इसलिए वो गहरी नींद सोया हुआ था ऊपर शोभा के रूम में फोन की रिंग बजी

रही थी पर बबलू को पता नही चला करीब 12 बजे फिर से फोन के बेल बजी बबलू की नींद टूटी तो बबलू

ने ऊपर जाकर फोन उठाया फोन महक का था

महक:हेलो कॉन

बबलू:जी में बबलू बोल रहा हूँ शोभा जी और रेणु बाहर कहीं गये हुए है

महक: में महक बोल रही हूँ रेणु की फ्रेंड कल मेरे घर पर आए थे ना

बबलू:जी हां पहचान लिया

महक:वो मेरे इंग्लीश की बुक रेणु के पास है उसी के लिए बात करनी थी रेणु कब आ रही है

बबलू:शाम 6 बजे तक

महक:ओह्ह्ह नो फिर तो प्राब्लम हो जाएगी क्या प्लीज़ आप मेरे बुक ला देंगे उसपर मेरा नाम लिखा हुआ है

मुझे आज ही लखनऊ के लिए निकलना है

बबलू:ठीक है में दे जाता हूँ

और बबलू मन में सोचने लगा चलो जाकर उस मीना आंटी का ही दीदार कर लेया जाए और बबलू ने रेणु

के रूम से महक की बुक ढूँढ ली और तैयार होकर महक के घर की ओर चल पड़ा 15 मिनट के बाद वो

महक के घर पहुँच गया बबलू ने डोर बेल बजाई महक ने गेट खोला और उसे अंदर आने को कहा

महक ने पिंक कलर का टॉप और ब्लू कलर के जीन्स पहनी हुई थी टाइट जीन में उसकी गान्ड कमाल लग

रही थी वो महक के पीछे आ गया और महक ने उसे बैठने को कहा बबलू उसे किताब देकर सोफे पर

बैठ गया तभी मीना भी आ गाएस उसके साथ उसका भाई यानी महक का मामा भी था जो महक को लेने के

लिए आया हुआ था महक अपना समान पॅक कर चुकी थी

महक:माँ इन्हे चाइ पीला कर ही भेजना अच्छा में चलती हूँ प्लीज़ चाइ पीकर ही जाना

और महक अपने मामा के साथ घर से निकल गयी मीना उन्हें बाहर तक छोड़ने गयी जब मीना वापिस आई

तो बबलू सोफे से खड़ा होता हुआ बोला

बबलू:अच्छा तो में भी चलता हूँ

मीना मन में बबलू को गाली देते हुए साला अब कैसे सरीफ़ बन रहा है पर ना चाहते हुए भी मीना

ने कहा अर्रे में चाइ बनाती हूँ पी कर जाना

और बबलू दुबारा सोफे पर बैठ गया

मीना:साला कैसे नाटक कर रहा है अब चला क्यों नही गया और मीना किचन

में चाइ बनाने के लिए चली गयी बबलू मीना को जाते हुए देख रहा था और मन

में सोच रहा था यार क्या माल है बस एक बार दे दे तबीयत रंगीन हो जाए

मीना ने एक ढीला सा नाइटी पहन रखी थी वो बहुत मस्त लग रही थी बबलू

उठ कर मीना के पीछे किचन में आ गया और बिना आवाज़किए मीना के बिल्कुल

पीछे जाकर नाइटी के ऊपर से अपने लंड को उसकी गान्ड के ऊपर टिका दिया और

हाथों को आगे बढ़ा कर मीना की बड़ी-2 चुचियों को पकड़ लिया मीना एक दम से

घबरा गयी

मीना:ओह यी क्या हाईईईईईईई छोड़ो मुझीईईई ये क्या बदतमीज़ी है

बबलू को अहसास हो चुका था कि मीना ने नाइटी के नीचे ना तो पैंटी पहनी है

और ना ही ब्रा पहनी है बबलू ने मीना की चुचियों के निपल को अपने उंगलियों

में मसल दिया और मीना के मूआह्न से सिसकरी निकल गयी

मीना:सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई देखो पीछे हटो वरना मुझसे बुरा कोई नही होगा

नीचे बबलू का लंड एक दम तन चुका था मीना उससे छूटने की कोशिश कर

रही थी और इधर उधर हिल रही थी जिसके कारण बबलू का लंड सीधा नाइटी के

ऊपर से मीना के गान्ड के दरार में घुस कर सीधा गान्ड के छेद पर जा

लगा

मीना:अहह देखो में मुझे छोड़ दो वरना में शोर मचा दूँगी

और मीना ने पूरी ताक़त के साथ बबलू को धक्का दे दिया बबलू पीछे गिरता-2 बचा

मीना:जाओ दफ़ा हो जाओ यहाँ से

बबलू: चला जाउन्गा पहले एक बार इसे अपने हाथ में पकड़ लो फिर में यहाँ से

चला जाउन्गा

और बबलू ने अपनी पेंट को खोल कर अंडरवेर समेत घुटनो तक सरका दिया बबलू का

8 इंच का लंड हवा में झटके खाने लगा मीना की आँखें फटी की फटी रह

गयी उसे अपनी आँखों पर यकीन नही हो रहा था जो वो देख रही थी सच है

मीना ने अपनी जिंदगी में इतना बड़ा और मोटा लंड नही देखा था ना चाहते हुए

भी मीना की आँखें बबलू के मोटे गधे जैसे लंड पर जम गयी उसका दिल जोरों

से धड़कने लगा मीना ने पलट के बबलू की तरफ पीठ कर ली

मीना:प्लीज़ यहाँ से चले जाओ

बबलू:पास आटा हुआ) चला जाउन्गा बस एक बार इसे पकड़ लो

और बबलू ने पास आकर मीना का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया मीना के

पूरे बदन में करेंट सा दौड़ गया मीना ने कई महीनो बाद किसी लंड पर हाथ

रखा था और वो भी अपने पति के लंड 3 इंच लंबे और मोटे लंड पर बबलू ने

मीना के हाथ को अपने लंड पर कस दिया मीना नज़रे झुका कर घबराई हुई

धड़कते दिल के साथ बबलू के लंड को देख रही थी ना चाहते हुए भी मीना की

उंगलियाँ बबलू के लंड पर कस गयी बबलू ने अपना एक हाथ मीना के चुतड़ों पर

रख दिया और अपने हाथ से मसल दिया

मीना:अहह छोड़ो मुझे

पर बबलू मीना की गान्ड को धीरे-2 मसल

रहा था बबलू ने फिर से अपने दोनो हाथों के आगे लेजा कर मीना की चुचियों को पकड़

लिया और अपनी उंगलियों से उसके निपल्स को मसलने लगा मीना कसमसाने लगी वो

बबलू को बार छोड़ने के लिए कह रही थी बबलू ने अपने होंठों को मीना की गर्दन यानी

नाइटी के ऊपर खुले हिस्से पर रख दिया और पीछे से उसकी गरदन पर अपनी ज़ुबान

चलाने लगा

मीना:अहह सीईईईईईईईईईईई क्या कर रहे हूऊऊऊ देखो ये

ठीक न्न्नअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

मीना बबलू से अलग होने के लिए हाथ पाँव मार रही थी बबलू एक दम से नीचे

पंजों के बल बैठ गया और एक ही झटके में मीना की नाइटी उठा कर ऊपर कर

दिया वाउ व बबलू के मूँह से निकल गया क्या मस्त गान्ड थी मीना की 5,6

इंच हाइट और भरा पूरा बदन और उभरी हुई गान्ड बबलू के अंदर हवस का

तूफान जाग उठा मीना नही-2 कर रही थी उसने अपनी जाँघो को आपस में सटा लिया

था बबलू ने दोनो हाथों से मीना की गान्ड को फैला दिया उसकी गान्ड का भूरा छेद

देख बबलू की आँखों में चमक आ गया

मीना:नही प्लीज़ मुजह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

और बबलू ने अपनी ज़ुबान मीना की गान्ड के छेद पर लगा दी और गान्ड के छेद को

चाटने लगा मीना के कमर जबरदस्त तरीके से झटके खाने लगी

मीना:हाईईईईईईईईईईईईई माआआआआआअ मारगीईईईईईईईईई किथीईई

चााआटततटटटटटटटतत्त अहह बबलू ने मीना की गान्ड को चूसना चालू कर

दिया मीना ने अपने हाथों को किचन के सेल्फ़ पर रख लिया मीना ने अपनी जाँघो को

खोल लिया अब चूत का रास्ता सॉफ हो गया था मीना किचन की सेल्फ़ पर झुक गयी

थी और बबलू ने अपने हाथों से मीना की चूत को फैला कर चाटना शुरू कर

दिया मीना अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हइईईई मररर्र्र्र्र्ररर

जावाााआआआन्न्णनणन् ओह उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थीईईईए

बबलू खड़ा हो गया मीना का हाथ पकड़ कर खींचता हुआ हाल

में ले आया और उसे सोफे पर पटक दिया और उसे घुटनो के बल सोफे पर डॉगी स्टाइल

में लाकर नाइटी को मीना की कमर पर चढ़ा दिया और अपने लंड को चूत के

छेद पर टिका कर एक ज़ोर दार धक्का मारा लंड चूत की दीवारों को फैलाता हुआ आधा

अंदर घुस गया

मीना:अहह मररर्र्र्र्ररर गइईईईईईई माररर्र्र्र्र्ररर सूत्याआआआअ

हाआऐययईईईईई बबलू ने फिर से लंड को सुपाडा तक बाहर निकाला और मीना की मोटी गान्ड

पकड़ कर एक और जोरदार धक्का मारा लंड सीधा मीना की बच्चेदानी से जा टकराया

मीना की चूत में से प्रेम रस बह रहा था लंड अंदर जाने में ज़्यादा तकलीफ़

नही हुई बबलू ने मीना की नाइटी को पूरा ऊपर उठा दिया और मीना के सर से निकाल

दिया अब मीना की नाइटी उसकी बाहों में आ चुकी थी जिसे पहने रखना अब

बेकार था मीना भी पूरी गरम हो चुकी थी उसने अपनी नाइटी बाहों से निकाल

दी बबलू ताबडतोड़ धक्के लगा रहा था मीना हर धक्के के साथ और मस्त हो

जाती अब उसे भी मज़ा आने लगा था बबलू ने अपना लंड चूत से निकाला और मीना

को सीधा होने के लिए बोला

मीना:एक मिनिट में ज़रा में डोर चेक कर लूं

मीना में डोर चेक करने के बाद वापिस आ गयी बबलू सोफे पर बैठा अपने

लंड को मूठ मार रहा था बबलू ने आगे हाथ बढ़ा कर मीना का हाथ पकड़

अपनी ओर खींच लिया मीना अपने दोनो घुटनो के बल बबलू की जाँघो की तरफ

करके ऊपर आ गयी मीना की बड़े-2 दूध के टॅंक देख बबलू पागल हो गया

मीना की चुचियाँ शोभा से कहीं ज़्यादा बड़ी थी और ज़्यादा सख़्त भी थी बबलू

ने अपने लंड को पकड़ कर चूत के छेद पर टिकाया और ऊपर की तरफ धक्का

मारा आधा लंड चूत में समा गया बबलू ने एक चुचि को मूँह में ले लिया और

पागलों की तरह चूसने लगा मीना अपनी चुचियों पर बबलू के होंठ पड़ते ही

और मचल उठी और बबलू के लंड पर ऊपर नीचे होने लगी बबलू ने अपने दोनो

हाथों से मीना की विशाल गान्ड को पकड़ कर मसलना चालू कर दिया और मीना की

गान्ड के छेद पर अपनी एक उंगली से कुरदेन लगा मीना को बहुत मज़ा आ रहा था और

मीना अब पागलों की तरह अपनी चूत को बबलू के लंड पर पटक रही थी लंड

फतचा-फतच अंदर बाहर हो रहा था

मीना:अहह ओह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई

गाआआाअंद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड मेंन्ननननननननणणन् अहह

सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मेंन्ननननननननणणन् मररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गइईईईई

ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

और 5 मिनट की चुदाई में ही मीना की चूत ने पानी छोड़ दिया बबलू भी मीना

के साथ ही झड गया दोनो हाँफने लगे मीना बबलू के लंड से खड़ी हुई और जल्दी

से अपनी नाइटी पहन ली

मीना:जल्दी अपने कपड़े पहनो और यहाँ से जाओ मेरे हज़्बेंड आने वाले हैं

बबलू भी अपने कपड़े पहनने लगा कपड़े पहनने के बाद बबलू ने मीना की

गान्ड पे हाथ रख उसे अपनी तरफ खींचा मीना के चहरे पर मुस्कान थी

raat ko so nahi paya tha isliye wo gehari neend soya hua tha oopar shobha ke room mein phone ke ring baj

rahi thee par bablu ko pata nahi chala kareeb 12 baje phir se phone ke bell baji bablu ki neend tooti to bablu

ne oopar jakar phone uthaayaa phone mehak ka tha

mehak:hello kon

bablu:jee mein bablu bol raha hun shobha jee aur Renu bahar kahin gaye hun ahi

mehak: mein mehak bol rahi hun Renu ke friend kal mere ghar par aye thee na

bablu:jee haan pehchan liya

mehak:wo mere English ke book Renu ke pass hai use ke liye baat karni thee Renu kab aa rahi hai

bablu:shaam 6 baje tak

mehak:ohhh no phir to problem ho jayegee kiya please aap mere book la denge uspar mera naam likha hua hai

mujhe aaj hee luckhnow ke liye niklana hai

mujhe aaj hee luckhnow ke liye niklana hai

bablu:theek hai mein de jata hun

aur bablu man mein sochane laga chalo jakar us meena aunty ka hee didar kar leyajaye aur bablu ne Renu

ke room se mehak ke book doondh lee aur taiyaar hokar mehak ke ghar ki aur chal pada 15 min ke baad wo

mehak ke ghar phunch gaya bablu ne door bell bajai mehak ne gate khola aur use andar aane ko kaha

mehak ne pink colour ka top aur blue colour ke jean pehani hui thee tight jean mein uski gaanD kamal lag

rahi thee wo mehak ke peeche aa gaya aur mehak ne use baithane ko kaha bablu use kitab dekar sofe par

baith gaya tabhi meena bhee aa gaye uske sath uska bhai yani mehak ka mama bhee tha jo mehak ko lene ke

liye aya hua tha mehak apna samman pack kar chuki thee

mehak:maa inhe chai pila kar hee bejana achha mein chalti hun please chai peekar hee jana

aur mehak apne mama ke sath ghar se nikal gaye meena unhen bahar tak choden gaye jab meena wapis aye

to bablu sofe se khada hotahua bola

bablu:achha to mein bhee chalta hun

meena man mein bablu ko gali dete hue saala ab kaise sareef ban raha hai par na chahte hue bhee meena

ne kaha arre mein chai banti hun pee kar jana

aur bablu dobra sofe par baith gaya

meena:saala kaise natak kar raha hai ab chala kyon nahi gaya aur meena kitchen

mein chai banana ke liye chali gaye bablu meena ko jate hue dekh raha tha aur man

mein soch raha tha yaar kiya maal hai bus ek baar dee dee tabyat rangeen ho jaye

meena ne ek dheela sa nighty pehan rakhi thee wo bahut mast lag rahi thee bablu

uth kar meena ke peeche kitchen mein aa gaya aur bina awazkiye meena ke bilkul

peeche jakar nighty ke oopar se apne lund ko uski gaanD ke oopar tika diya aur

hathon aage badha kar meena ke badi-2 chuchiyon ko pakad liya meena ek dam se

ghabra gaye

meena:ohhhhhhhhhh yee kiya haiiiiiiii chodo mujheeeeeeee ye kiya badtameeje hai

bablu ko ahasaas ho chukka tha ki meena ne nighty ke neeche na to painty pehani hai

aur naa hee bra pehani hai bablu ne meena ke chuchiyon ke nipple ko apne ungliyon

mein masal diya aur meena ke mooahn se sisakri nikal gaye

meena:siiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii dekho peeche hato warna mujhse bura koi nahi hoga

neeche bablu ka lund ek dam tan chukka tha meena use chootane ki koshish kar

rahi thee aur idhar udhar hil rahi thee jiske karan bablu ka lund seedha nighty ke

oopar se meena ke gaanD ke daraar mein ghus kar seedha gaanD ke ched par ja

laga

meena:ahhhhhhhhhhhhhhhh dekho mein mujhe chod do warna mein shor macha

doongi

aur meena ne poori takat ke sath bablu ko dakha de diya bablu peeche girta-2 bacha

meena:jao duffa ho jao yahan se

bablu: chala jaonge pheale ek baa rise apne hath mein pakad lo phir mein yahan se

chala jaonga

aur bablu ne apni pent ko khol kar underwear sammet ghutno tak sarka diya bablu ka

8 inch ka lund hawa mein jhatke khane laga meena ke ankhen phati ke phati reh

gaye use apni ankhon par yakeen nahi ho raha tha jo wo dekh rahi thee sach hai

meena ne apni jindgi mein itna bada aur mota lund nahi dekha tha na chahte hue

bhee meena ke ankhen bablu ke mote gahde jaise lund par jam gaye uska dil joron

se dhadakne laga meena ne palat ke bablu ke taraf peeth kar lee

meena:please yahan se chale jao

bablu:paas atta hua) chala jaonga bus ek baar ise pakad lo

aur bablu ne pass aakar meena ka hath pakad kar apne lund par rakh diya meena ke

poore badan mein current sa doud gaya meena kai mahino baad kisi lund par hath

rakha tha aur wo bhee apne pati ke lund 3 inch lambe aur mote lund par bablu ne

meena ke hath ko apne lund par kas diya meena nazre jhuka kar ghabraye hue

dhadkte dil ke sath bablu ke lund ko dekh rahi thee na chahte hue bhee meena ke

ungliyan bablu ke lund par kas gaye bablu ne apna ek hath meena ke chutron par

rakh diya aur apne hath se masal diya

meena:ahhhhhhhhhhhhh chodo mujhe par bablu meena ke gaanD ko dheere-2 masal

raha bablu ne phir se apne dono hathon ke aage lejakr meena ke chuchiyon ko pakad

liya aur apni ungliyon se uske nipples ko maslane laga meena kasmasane lagi wo

bablu ko baar choden ke liye keh rahi thee bablu ne apne honthon ko meena ke gardan

nighty ke oopar khule hisse par rakh diya aur peeche se uski garadan par apni juban

chalane laga

meena:ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiii kiya kar rahe hoooooooo dekho ye

theeeeeeek ahhhhhhhhhhhh

meena bablu se alaga hone ke liye hath paanv maar rahi thee bablu ek dam se neeche

panjon ke bal baith gaya aur ek hee jhatke mein meena ki nighty utha kar oopar kar

deeee wow w bablu ke mooahn se nikal gaya kiya mast gaanD thee meena ke 5,6

inch height aur bhara poora badan aur ubhari hui gaanD bablu ke andar hawas ka

tufan jag utha meena nahi-2 kar rahi thee usne apni jaangho ko aaps mein sata liya

tha bablu ne dono hathon se meena ki gaanD ko phaila diya uski gaanD ka bhura ched

dekh bablu ke ankhon mein chamak aa gaye

meena:nahi please mujahhhhhhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ahhhhhhhhhhhhh

aur bablu ne apni juban meena ke gaanD ke ched par laga dee aur gaanD ke ched ko

chatane lagaa meena ke kamar jabardast tarike se jhatke khane lagi

meena:haiiiiiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaa margeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee kitheeeeee

chaaaaaattttttttttttt ahhhhhhhhhh bablu ne meena ki gaanD ko choosna chalu kar

diya meena ne apne hathon ko kitchen ke self par rakh liya meena ne apni jaanghe ko

khol liya ab choot ka rasta saaf ho gaya tha meena kitchen ke self par jhuk gaye

thee aur bablu ne apne hathon se meena ke choot ko phaila kar chatna shuru kar

diya meena ahhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhh hayeeeeeeeee marrrrrrrrrr

jawaaaaaaaaaaaannnnn ohhhhhhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhh kar rahi

theeeeeeeee bablu khada ho gaya meena ka hath pakad kar kheenchta hua haal

mein le aya aur use sofe par patak diya aur use ghutno ke bal sofe par doggy style

mein lakar nighty ko meena ke kamar par chadha diya aur apna lund ko choot ke

ched par tika kar ek jor dar Dhakka mara lund choot ke diwaron ko phailata hau adha

andar ghus gaya

meena:ahhhhhhhhhhhh marrrrrrrrr gayeeeeeeeeeeeeeee maarrrrrrrrrr sutyaaaaaaaaa

haaaaaiiiiiiii bablu ne phir se lund ko supaaDaa tak bahar nikala aur meena ke moti gaanD

pakad kar ek aur jordar Dhakka mara lund seedha meena ke bachhedani se ja takaraayaa

meena ke choot mein se prem ras beh raha tha lund andar jane mein jyada takleef

nahi hui bablu ne meena ki nighty ko poora oopar utha diya aur meena ke sar se nikal

diya ab meena ki nighty uski bahon mein aa chuki thee jise pehane rakhana ab

bekar tha meena bhee poori garam ho chuki thee usne apni nighty bahon se nikal

dee bablu tabrtor dhakkahe laga raha tha meena har dhakkehe ke sath aur mast ho

jati ab use bhee maja aane laga tha bablu ne apna lund choot se nikala aur meena

ko seedha hone ke liye bola

meena:ek minute mein jara mein door check kar loon

meena mein door check Karne ke baad wapis aa gaye bablu sofe par baitha apne

lund ko muth maar raha tha bablu ne aage hath badha kar meena ka hath pakad

apni aur kheench liya meena apne dono ghutno ke baal bablu ke jaangho ke taraf

karke oopar aa gaye meena ki bade-2 doodh ke tank dekh bablu pagal ho gaya

meena ke chuchiyaan shobha se kahin jyada badi thee aur jyada sakht bhee thee bablu

ne apne lund ko pakad kar choot ke ched par tikiya aur oopar ke taraf dhakha

mara adha lund choot mein sama gaya bablu ne ek chuchi ko mooahn mein le liya aur

paglon ke tarah chusne laga meena apni chuchiyon par bablu ke honth padthe hee

aur machal uthi aur bablu ke lund par oopar neeche hone lagi bablu ne apne dono

hathon se meena ki vishal gaanD ko pakad kar maslna chalu kar diya aur meena ke

gaanD ke ched par apni ek ungli se kurden laga meena ko bhtu majja aa raha tha aur

meena ab paglon ke tarah apni choot ko bablu ke lund par patak rahi thee lund

fatcha-fatch andar bahar ho raha tha

meena:ahhhhhhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

gaaaaaaaaandddddddddddd meinnnnnnnnnnnnn ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

siiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii meinnnnnnnnnnnnn marrrrrrrrrrrrrrrrrrr gayeeeeeeeeeee

ohhhhhhhhhhhhhhhh

aur 5 min ke chudai mein hee meena ke choot ne pani chod diya bablu bheee meena

ke sath hee jhar gaya dono hanfane lage meena bablu ke lund se khadi hui aur jaldi

se apni nighty pehan lee

meena:jaldi apne kapde pehane aur yahan se jao mere husband aane wale hain

bablu bhee apne kapde pehane laga kapde pehanane ke baad bablu ne meena ke

gaanD pe hath rakh use apni taraf kheencha meena ke chahare par muskaan thee

Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

Unread post by Nitin » 05 Feb 2018 10:37

बबलू ने अपने होंठो को मीना के होंठो पर रख दिया और होंठो को चूसने लगा

बबलू:अच्छा जाने मन चलता हूँ

और बबलू मीना के घर का नंबर लेकर वहाँ से चला आया



दूसरी तरफ सीमा दोपहर का खाना तैयार कर चुकी थी और कपड़े धो कर

सुखाने के लिए छत पर चली गयी यहाँ अमन छत पर एक पतला सा बिस्तर लगा

कर लेट कर धूप का आनंद ले रहा था सीमा अमन की तरफ देखने लगी और

दोंनो की नज़रें आपस में टकरा गयी सीमा ने कपड़े सुखाने के लिए डाल दिए

और अमन के पास आ कर नीचे बिस्तर पर बैठ गयी धूप से गर्मी के कारण

अमन के गाल एक दम लाल हो चुके थे उसके गालों को देख सीमा का दिल ललचा

गया और झुक कर अमन के होंठो को अपने मुँह में ले कर चूस लिया अमन ने

भी उसे बाहों में भर लिया और सीमा के होंठो को चूसने लगा अमन के हाथ

सीमा की चुचियों को मसल्ने लगे सीमा ने सलवार कमीज़ पहना हुआ था

अमन:मौसी एक बार और दो ना

सीमा:मुस्करते हुए) क्या दूँ

अमन:शरमाते हुए) चूत

सीमा:तो खुल के कह ना शर्मा क्यों रहा है तुम जब चाहो मुझे चोद सकते हो

में और मेरी चूत पर सबसे पहला हक तुम्हारा है सीमा अमन की बगल में

लेट गयी और अपनी सलवार का नाडा खोल दिया अमन बैठ कर सब देखने लगा नाडा

खोलने के बाद सीमा ने अपनी गान्ड को हल्का से ऊपर उठा कर सलवार को सरका कर

नीचे घुटनो तक कर दिया अपनी टाँगों को घुटनो से मोड़ कर ऊपर की ओर उठा लिया

सीमा की सलवार उसके घुटनो से नीचे थी

सीमा:चल जल्दी कर कोई ऊपर ना आ जाए

अमन लेकिन मौसी अपनी सलवार तो उतारो

सीमा:नही अगर कोई आ गया तो जल्दी में सलवार नही पहनी जाएगी तू मेरे

पैरो के सामने आ जा

अमन सीमा के पैरो के सामने की तरफ़ आ गया और सीमा के कहने पर उसने

सीमा के पैरो को अपने कंधे पर रख दिया अब सीमा की चूत बिल्कुल अमन के

लंड के सामने आ गयी थी सीमा ने हाथ नीचे लेजा कर अमन के लंड को पकड़

कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया और अमन ने अपने लंड को अंदर धकेल दिया

लंड एक ही बार में सीधा चूत के अंदर समा गया अब सीमा के गान्ड बिस्तर

से 2 इंच ऊपर हवा में उठ चुकी थी और अमन सीमा की टाँगों को उठा कर

चोद रहा था सीमा को इस सब में बड़ा मज़ा आ रहा था और अमन पूरी ताक़त से

सीमा की चूत को पेल रहा था अमन के झटके हर पल तेज हो रहे थे और 5 मिनट

में अमन ने सीमा की चूत में पानी छोड़ दिया और सीमा भी उसके साथ ही

झाड़ गयी अमन ने लंड निकाल कर सीमा की टाँगों को कंधों से नीचे उतारा और

सीमा ने अपनी सलवार को दोनो तरफ से पकड़ कर ऊपर किया और गान्ड उठा कर फिर

से ऊपर करके नाडा बाँध लिया और बैठते हुए अमन के होंठो को चूस्ते हुए बोली

जब तुम्हारा दिल करे मुझे चोद लेना और आज के बाद तुम अकेले में मुझे सीमा कह

कर बुलाना और सीमा नीचे आ गयी अमन वहीं लेटा रहा और उसे नींद आने

लगी शाम को अमन उठ कर नीचे आ गया नीचे घर में शांति फैली हुई थी

कोई आवाज़ नही आ रही थी अमन किचन में गया सीमा चाइ बना रही थी अमन

ने सीमा को पीछे से जाकर बाहों में भर लिया सीमा ने सारी पहनी हुई थी

और पीछे से हाथ आगे लेजा कर सीमा की चुचियों को पकड़ लिया

सीमा:उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उठ गये

अमन:हान्णन्न् दादा दादी जी कहाँ गये हैं

सीमा:वो यहीं नज़दीक के पार्क में घूमने गये हैं

अमन:सीमा मुझे अभी चूत चहाए

सीमा:क्या हुआ आज बहुत मूड में हो

अमन:चल दे ना क्यों नखरे कर रही है और अमन ने सीमा की चुचियाँ को मसल

दिया

सीमा:अहह ये हुईईईई ना बात चल बाहर जाकर सोफे पर बैठ में अभी आती

हूँ

अमन सोफे पर आकर बैठ गया थोड़ी देर बाद सीमा चाइ लेकर आ गयी और चाइ

टेबल पर रख दी और बड़ी अदा के साथ अपनी सारी को पेटिकोट के साथ अपनी कमर

तक उठा दिया नीचे सीमा ने ब्लू कलर की वी शेप पैंटी पहनी हुई थी जो सिर्फ़

उसकी चूत को ही ढक पा रही थी सीमा डॉगी स्टाइल में सोफे पर आ गयी

और अमन उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया अमन ने सीमा की छोटी सी पेंटी को साइड

से पकड़ कर उसकी जाँघो तक नीचे कर दिया और अपना शॉर्ट्स को उतार दिया और अमन

ने अपना लंड सीमा की चूत की छेद पर रख कर हलका सा झटका मारा सीमा के

मुँह से आ निकल गयी और सीमा की आँखें बंद हो गयी सीमा ने पीछे की

ओर अपनी गान्ड को धकेला लंड चूत के अंदर समा गया अब अमन अपना लंड डाले

वैसे ही खड़ा था और सीमा घोड़ी बनी आगे पीछे हो कर अमन का लंड अंदर

बाहर कर रही थी लंड सीमा की चूत के पानी से चिकना हो कर आसानी से अंदर

बाहर जा रहा था अमन ने सीमा के चुतड़ों को कस के पकड़ लिया और अपनी कमर

हिलाने लगा

सीमा:अहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मेंन्नननननणणन्

तुम्हेन्ंनननननणणन् आब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब जनीईईई नही दूऊऊन्गि

अहह तूँ कहा थाआआआआअ आब्ब्ब्ब्ब्बबब तक्क्क्क्क्क्क तेरी मौसी की

चूत्त्त्त्त्त के प्यास टनईयीईयीई बुजाइइ है अहह और ज़ोर सीईईई

चोद्द्द्द्द्द्द्द अहह और जोर्र्र्र्र्र्र्र्ररर से फद्द्द्द्द्द्दद्ड दीईईई मेरी

चूत्त्त्त्त्त अहह अमन धना धन धक्के लगाने लगा सीमा भी पीछे

की तरफ गान्ड धकेल-2 कर अमन का लंड अंदर ले रही थी सीमा झाड़ गयी

और अमन ने भी सीमा की चूत में अपना पानी छोड़ दिया अमन का वीर्य बह कर

सीमा की चूत से बाहर आकर उसकी पैंटी के ऊपर गिरने लगा सीमा अपनी सारी और

पेटिकोट को थामे खड़ी हुई और अपनी पैंटी को पकड़ कर ऊपर कर ली और दोनो

बैठ कर चाइ पन लगे तभी डोर बेल बजी

सीमा:लगता है माँ और पिता जी आ गये

सीमा उठ कर गेट खोलने गयी सीमा ने गेट खोला तो सामने सीमा का देवर

और देवरानी खड़े थे

सीमा: एक दम चोन्क्ते हुए)अर्रे तुम कब आए फोन तो कर देते आओ अंदर आओ

और पीछे सीमा के सास ससुर भी आ गये सीमा ने उन्हें सोफे पर बैठाया

और अपनी देवरानी से अमन को मिलवाया सीमा अपने देवर और देवरानी को देख कर

खुश भी थी पर अब उसे अमन के साथ चुदाई मोका नही मिलने वाला था सीमा

ने उन्हे चाइ बना कर दी और उनसे बातें करने लगी सीमा के देवर ने बताया कि

वो आर्मी के किसी काम से लखनऊ आया था इसलिए वो अपनी पत्नी पूजा को भी साथ ले

आया था और कल वापिस जाने वाले थे सीमा ने ये सुन कर राहत की साँस ली क्यों

कि अब अमन की छुट्टियाँ ख़तम होने में कुछ ही दिन बचे थी और वो इन कुछ

दिनो में चुदाई का पूरा मज़ा लेना चाहती थी



दूसरी तरफ बबलू शाम को उठ कर

फ्रेश हो चुका था इतने में रेणु और शोभा भी घर आ चुकी थी बबलू रात

का खाना खा कर घर से बाहर निकल गया बाहर आकर उसने पीसीओ से मीना के घर

पर फोन किया

मीना:हेलो कॉन

बबलू: में बोल रहा हूँ बबलू

मीना:ओह्ह्ह्ह तुम क्यों फोन किया

बबलू:तुम्हारा पति घर में हैं

मीना:हां हैं बुलाऊ

बबलू: फिर कब मुलाकात हो गी

और बबलू स्टेशन पर आ गया और अपने काम में जुट गया रात के 10बज रहे थे

बबलू स्टेशन के प्लॅटफॉर्म पर टहलता रहा था उसकी नज़र उस दिन वाली औरत पर पड़ी

जो उस रात सुसमा के साथ थी औरत ने बबलू के तरफ देखा बबलू ने इशारे से उसे

एक कोने में बुलाया

औरत : जी बाबू जी क्या बात है

बबलू:तुम्हारा नाम क्या है

औरत:जी मेरा नाम बिंदिया है

वो औरत अधेड़ उम्र की थी लगभग 45 साल के करीब थी

बबलू:वो सुसमा नज़र नही आ रही आज कल

बिंदिया: जी वो अपनी बेहन के पास गयी हुई है

बबलू:कब तक आए गी

बिंदिया:जी पता नही कुछ बोल कर नही गयी बिना कुछ बोले चले गई

बबलू:ठीक है तुम जाओ

और बिंदिया आगे चली गयी थोड़ी दूर जाने के बाद बिंदिया ने पीछे मूड कर बबलू

की तरफ देखा और बबलू अपने लंड को पेंट के ऊपर से मसल कर बिंदिया को दिखाने

लगा बिंदिया मुस्कराने लगी बबलू भी बिंदिया के पीछे हो लिया दोनो थोड़े फंसले

पर चले जा रहे थी कुछ दूर जाकर प्लॅटफॉर्म ख़तम हो गया और बिंदिया आगे

बढ़ती रही सर्दी के मौसम में धुन्ध छाई हुई थी थोड़ा सा और आगे जाकर

बिंदिया धीरे हो गयी बबलू उसके एक दम पास आ गया और अपना एक हाथ उसके

मतकते हुए चुतड़ों पर रख कर मसल दिया

बिंदिया:हाई राआआअम क्या कर रहे हैं बाबू जी कोई देख लेगा

बबलू:चल फिर कहीं ऐसे जगह चलते हैं यहाँ कोई देखे ना

बिंदिया नीचे सर करके शरमाने लगी और फिर आगे बढ़ने लगी कुछ दूरी पर

चलने पर बिंदिया एक लोहे के गेट के सामने आकर रुक गयी बिंदिया ने गेट खोल

सामने सीडीयाँ थी जो ऊपर जाती थी

बिंदिया:आए बाबू जी हमारे ग़रीब खाने में

और बिंदिया और बबलू ऊपर आ गये बिंदिया ने गेट वापिस बंद कर दिया ऊपर छत

पर छोटा सा एक कमरा था और आगे खुल्ली छत थी जो बहुत ही तंग थी

कमरे के आगे एक तरपाल से बना एक किचन टाइप था बिंदिया ने दरवाजा

खटखटाया थोड़ी देर बाद अंदर लाइट जली और दरवाजा खुल गया सामने बिंदिया की

बेटी खड़ी थी बिंदिया की बेटी छोटे कद की थी उसकी हाइट 5 के करीब थी

बेटी:माँ ये कॉन है(अपना मूँह बनाते हुए) इसे यहाँ क्यों लाई हो इस समय

बिंदिया: ये हमारे स्टेशन पर छोटे शाब हैं बेटा इन्हे नमस्ते बोलो ये मेरे बेटी

है साहब रिंकी

रिंकी: मूँह बनाते हुए) नमस्ते

बबलू मन में सोचने लगा साली अकड़ तो ऐसे रही है जैसे कहीं की राजकुमारी हो

रिंकी छोटे कद की लड़की थी उसका जिस्म एक दम भरा हुआ था **** उम्र में उसकी

चुचियाँ अभी छोटे संतरों के आकार की थी लेकिन गान्ड बहुत भारी थी

बिंदिया:आइए बाबू जी जा रिंकी बाबू जी के लिए चाइ बना ले

बबलू:नही -2 मुझे चाइ नही पीनी बस एक ग्लास पानी पिला दो

रिंकी पानी ले आई और बबलू की तरफ पानी का ग्लास बढ़ाया बबलू ने पानी लेते हुए रिंकी

के हाथ को मसल दिया और आँख मार दी रिंकी अपना मूँह बनाने लगी और

बुदबुदाते हुए नीचे बिछे बिस्तर पर लेट गयी

बबलू ने इशारे से बिंदिया को पूछा बिंदिया ने इशारे से बबलू को बाहर आने को

कहा बबलू बाहर चला गया और बिंदिया ने लाइट बंद कर दी बाहर आकर बिंदिया ने

बबलू से कहा बाबू जी आप थोड़ी देर बाहर घूम आइए में तब तक रसोई में

बिस्तर लगा लेती हूँ और रिंकी भी तब तक सो जाएगी में नीचे का गेट खुला छोड़

देती हूँ


बबलू नीचे उतर कर बाहर आ गया और सिगरेट जला कर पीने लगा 10-15 मिनट

घूमने के बाद बबलू फिर से वहाँ पहुँचा उसने गेट खोला तो गेट खुल गया

बबलू ने अंदर आकर बिना आवाज़ किए गेट बंद कर दिया और दबें पाँव ऊपर आ

गया जहाँ बिंदिया चारो तरफ तरपाल से धकि रसोई में बिस्तर बिछा कर लेटी हुई

थी बबलू रसोई में घुस गया रसोई का दरवाजा नही था रसोई में लालटेन जल

रही थी

बस तरपाल तंगी हुई थी बिंदिया जाग रही थी बबलू ने अपनी पेंट और अंडरवेर को

उतार कर नीचे पैरो तक सरका दिया और अपने फन्फनाते हुए लंड को हाथ में लेकर

घुटनों के बल बिंदिया के सर की तरफ बैठ गया और बिंदिया के सर के नीचे हाथ

डाल कर अपना लंड उसके मूँह में दे दिया बिंदिया बबलू के लंड को चूसने लगी

बबलू सीधा खड़ा हुआ और बिंदिया पंजों के बल बैठ गयी और बबलू बिंदिया का सर

पकड़ कर उसके मूँह में अपना लंड आगे पीछे करने लगा बबलू ने अपना लंड

उसके मूँह से निकाला और बिंदिया को सीधा लेटा कर उसका पेटिकॉट को कमर पे चढ़ा

दिया और उसकी टाँगों को उठा कर उसकी जाँघो के बीच बैठ गया और अपने लंड के

सुपाडे को बिंदिया की चूत के छेद पर लगा दिया

बिंदिया:सीईईईईईईईईईईईईईईईईई अहह बाबू जीईईईईई जल्दीीईईईईईईईई

करूऊऊऊऊऊऊऊऊ अंदर डालो नाआआअ अपना लौदाअ मेरी भोसड़ी

मेंन्नणणन् और बबलू ने अपने लंड को अंदर पेल दिया लंड एक ही झटजे में बिंदिया

की चूत के अंदर समा गया बबलू ने जूते नही उतारे थे इसलिए बबलू को बिंदिया

को चोदने में दिक्कत हो रही थी बबलू ने लंड को चूत से निकाला और खुद लेटकर

बिंदिया को ऊपर आने को कहा बिंदिया बबलू के ऊपर आ गयी और अपने पैरो को

बबलू के दोनो तरफ करके बबलू के लंड के ऊपर अपनी चूत को टिका कर नीचे होने

लगी लंड धीरे-2 अंदर सरकने लगा

बिंदिया:हाए दयीईअ ओह सीईईईईईईईईईईईई और बबलू का पूरा लंड फिर से बिंदिया

की चूत में समा गया बिंदिया अपनी काली मोटी गान्ड को बबलू के लंड के ऊपर

उछालने लगी बबलू ने दोनो हाथों से बिंदिया के चुतड़ों को पकड़ कर मसलना चालू

कर दिया बिंदिया अपनी कमर को ऊपर नीचे उछाल रही थी और अपनी चूत को

बबलू के लंड के ऊपर पटक-2 कर चुदवा रही थी अंदर बिंदिया की सिसकारियाँ सुन

कर रिंकी उठ गयी और दबें पाँव दरवाजा खोला कर बाहर आ गयी अब उसे अपनी

माँ बिंदिया की सिसकारियाँ सॉफ सुनाई दे रही थी

बिंदिया:अहह बाबू जीईईईई और ज़ोर से चोदीईईए अहह

बबलू:लीईई सलिइीईईईईई लीईईई और मेरा लुंद्द्द्द्ड अह्ह्ह्ह

बिंदिया:बाबू जीईई बहुत मज़ा एयाया रहा हाईईईई आपका लंड सीधा मेरी

बच्चेदानी से टकरा रहा हाईईईईई अज्ज मेरी चूत को सूजा दूऊव अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

बबलू: नीचे पूरी ताक़त से लंड पेलता हुआ) ले बेहन की लोदी और लीईई ले मेरा

लंड रंडी अहह ले कुतिया आज के बाद तू रोज मेरे लंड को अपनी चूत में

लेगीई तेआप्प्प्प्प्प्प

बिंदिया:हाां बाबू जीईईई में तो आपके लंड को अपने चूत से निकलने नही

दूँगीईए अहह ओह सीईईईईईईईईईईईईईईई हाए दएया अहह

बाहर खड़ी रिंकी का दिल अपनी माँ की बातें सुन कर जोरों से धड़कने लगा था

उसकी चूत भी चुदाई की आवाज़ सुन कर पानी छोड़ने लगी थी रिंकी ने तरपाल को ज़रा

सा हटा कर अंदर देखा तो उसके सामने जो नज़ारा था वो जिंदगी में पहली बार देख

रही थी बिंदिया बबलू के ऊपर बैठी हुई उछल-2 कर अपनी चूत को बबलू के लंड पे

पटक रही थी बबलू ने उसके चुतड़ों को पकड़ कर फैला रखा था जिससे बिंदिया की

गान्ड का छेद भी रिंकी को सॉफ नज़र आ रहा था उसकी माँ की बड़ी और काली गान्ड

ऊपर की तरफ होती तो बबलू का गोरा और 8 इंच लंबा लंड चूत से सुपाडे तक बाहर

आ जाता और फिर से बिंदिया अपनी गान्ड नीचे की ओर पटकती तो बबलू का लंड स्टाक

से बिँया की चूत के अंदर चला जाता रिंकी की चूत पानी छोड़ रही थी अचानक

बबलू का ध्यान बाहर खड़ी रिंकी पर चला गया बिंदिया की पीठ अपनी बेटी की तरफ

थी इसलिए वो रिंकी को देख नही पा रही थी बबलू के होंठो पर शैतानी मुकसान आ

गयी बबलू बिंदिया के चुतड़ों को पकड़ और तेज़ी से झटके मारने लगा

बिंदिया:अहह ओह मररर्र्र्र्र्र्र्र्ररर

गइईईईईईईई सीईईईईईईईईईईईईईईईईईई हेययययययययययययी माआआआआआआआआ

फद्द्द्द्द्द्द्दद्ड दीईईईईए मेरईईईईईईईई चॉट अहह

ओह में झड़ने वाली हुन्न्ञननननननननणणन्

अहह और बबलू ने अपना आख़िर झटका मारा और बिंदिया की

चूत में पानी छोड़ दिया बिंदिया बबलू के ऊपर लेट कर हाँफने लगी

बिंदिया:अहह मज़ाआअ आ गया बाबू

जीईईई आपने तो मेरी चूत को हिला कर रख दिया अह्ह्ह्ह्ह्ह्त

तभी रिंकी और बबलू दोनो की नज़रें मिल गयी रिंकी घबरा गयी और जल्दी से अंदर

चली गयी बिंदिया बबलू के ऊपर से उठ कर साइड में लेट गयी दोनो ने रज़ाई ओढ़

ली और लेट गये अंदर रिंकी का बुरा हाल था उसकी आँखों में बार अपनी माँ के

दोनो छेद और बबलू का लंड आ रहा था जो उसकी माँ की चूत से अंदर बाहर हो

रहा था रिंकी का हाथ सरक अपनी सलवार के अंदर चला गया और अपनी अन्छुई बुर पर

आ गया जिसे वो धीरे-2 सहलाने लगी रिंकी बहुत गरम हो चुकी थी उसकी चूत

से पानी निकल कर उसकी उंगलियों को भिगोने लगा रिंकी से रहा नही गया वो फिर से

बिना आवाज़ किए उठी और बाहर आ गयी और लटक रही तरपाल को हटा कर रसोई में

झाँकने लगी अंदर अंधेरा था बिंदिया ने सोने से पहले लालटेन बुझा दी थी

अचानक रिंकी को जो कि थोड़ा सा झुक कर अंदर झाँक रही थी उसे अपने कुल्हो पर

कुछ महसूस हुआ जैसे उसको किसी ने अपने हाथों से पकड़ रखा था वो एक दम

घबरा कर सीधे हो गयी सामने बबलू खड़ा था रिंकी के दिल की धड़कने बढ़ गयी

बबलू ने अपने हाथो को रिंकी के चुतड़ों पर रख कर अपनी तरफ खींच कर अपने से

चिपका लिया बबलू का तना हुआ लंड रिंकी की नाभि के ऊपर रगड़ खाने लगा वो एक

दम से घबरा गयी उसने शर्म के मारे अपना सर झुका लिया

बबलू: रिंकी के चुतड़ों को अपने हाथ से मसलते हुए) क्या देख रही थी चोदि-2

रिंकी: हकलाते हुए)नही वू कुछ नहियिइ मेिइ पानी पीने

रिंकी पीछे हाथ कर कमरे में जाने लगी बबलू ने उसके हाथ को पकड़ लिया और

दीवार के साथ सटा दिया

रिंकी:छोड़ो मुझेजाने दो

बबलू:चली जाना पर मेरी प्यास तो बुझा दो

रिंकी:तमीज़ से बात करो में माँ को उठा दूँगी

बबलू: वो मेरा क्या उखाड़ ले गी तुमने देखा नही कैसे मेरे लंड को उछल-2 कर अपनी

चूत में ले रही थी तुम्हें नही चाहिए मेरा लंड

रिंकी का दिल बबलू की ऐसे बातें सुन कर जोरों से धड़कने लगा उसके हाथ पैर

काँपने लागे

रिंकी:देखो प्लीज़ मुझे जाने दो माँ उठ जाएगी

बब्ल्लू: चली जाना मेरी जान बस एक बार मुझे अपने होंठों का रस तो पिला दो

रिंकी:नही में ऐसी वैसी लड़की नही हूँ मुझे छोड़ो

बबलू:प्लीज़ एक बार फिर में तुम्हें छोड़ दूँगा

और बबलू ने दोनो हाथों से पकड़ कर रिंकी के फेस को ऊपर किया और अपने होंठो को

रिंकी के होंठो की तरफ बढ़ाने लगा रिंकी की साँसें तेज हो गयी उसके दिल की धड़कने

बबलू सॉफ सुन सकता था उसने रिंकी के होंठो पर अपने होंठ रखने चाहे तो रिंकी ने

अपना फेस दूसरी तरफ घुमा लिया बबलू ने अपने एक हाथ की उंगलियों को रिंकी के होंठो

फेरना शुरू कर दिया रिंकी की आँखे मस्ती में बंद होने लगी वो बबलू के हाथों

की कलाईयों को थामें कसमसाने लगी रिंकी की आँखें बंद हो गई पर वो अभी भी

नही-2 कर रही थी

बबलू ने फिर से रिंकी के फेस को ऊपर उठाया और उसके काँपते होंठो पर अपने होंठ

रख दिए रिंकी एक दम कसमसा गयी बबलू ने अपना एक हाथ उसकी कमर में डाल कर

अपने से सटा लिया और दूसरा हाथ गर्दन के पीछे से ले जाकर उसके सर को पकड़ लिया

और रिंकी के होंठो के रस को चूसने लगा रिंकी एक दम बबलू की बाहों में कसमसाने

लगी उसने बबलू की शर्ट को पकड़ लिया और अपनी चुचियों और बबलू की छाती के बीच

अपनी बाहों को रख कर अपनी चुचियों को बबलू के सीने से सटाने से लिए बचाने

लगी बबलू ने अपने होंठो को हटाया रिंकी ने अपनी आँखें खोली जो बड़ी मुस्किल से खुल

रही थी उसकी साँसें तेज चल रही थी बबलू ने फिर से अपने होंठो को रिंकी के

होंठो पर रख दिया इसबार रिंकी ने अपना फेस नही घुमाया और बबलू उसके होंठो को

चूसने लगा बबलू अपना हाथ सरकाता हुआ धीरे-2 नीचे लेगया और उसकी सलवार के

ऊपर से उसकी चूत को अपने हाथ में ले लिया रिंकी बुरी तरह कसमसा गयी और अपनी

जाँघो को भींच लिया तभी अचानक बिंदिया के करवट बदलने की आवाज़ से दोनो

हड़बड़ा गये बबलू ने रिंकी को छोड़ दिया और रिंकी जल्दी से अंदर चली गयी बबलू

वही रसोई में आ गया बिंदिया जाग चुकी थी

बिंदिया :कहाँ गये थी बाबू जी
बबलू:वो में पेशाब करने गया था और ये कहते हुए बबलू बिंदिया के साथ रज़ाई

में घुस गया और अपना हाथ बिंदिया की जाँघो पर रख कर बिंदिया के मोटी-2

जाँघो को सहलाने लगा बिंदिया का पेटिकोट उसकी जाँघो तक चढ़ा हुआ था

बिंदिया की पीठ बबलू की तरफ थी बबलू का हाथ धीरे-2 आगे बढ़ता हुआ बिंदिया

की गान्ड के ऊपर आ गया और बबलू ने गान्ड की दरार में अपनी उंगलियों को

चलाना शुरू कर दिया और फिर बबलू अपनी एक उंगली बिंदिया की गान्ड के छेद पर

डालने लगा

बिंदिया:अहह क्या कर रहे हो बाबू जीईईई

बबलू ने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तो बबलू की आधी उंगली बिंदिया की गान्ड के छेद में

चली गयी

बिंदिया:अहह बाबू जीईए दरद होतााआआअ हैं क्या कर रहीई

हैंन्नणणन् कहीं मेरी गान्ड मारने का इरादा तो नही हाईईईईईईईईई


bablu ne apne hontho ko meena ke hontho par rakh diya aur hontho ko choosane laga

bablu:achha jaane mann chalta hun

aur bablu meena ke ghar ka no lekar wahan se chala aya

doosri taraf seema dopahar ke khana ke taiyaar kar chuki thee aur kapde dho kar

sukhane ke liye chhat par chali gaye yahan aman chhat par ek patla sa bistar laga

kar let kar dhoop ka anand le raha tha seema aman ke taraf dekhane lagi aur

donno ke nazren aapas mein takara gaye seema ne kapde sukhane ke liye daal diye

aur aman ke pass aa kar neeche bistar par baith gayee dhoop se garmi ke karan

aman ke gaal ek dam laal ho chuke thee uske gaalon ko dekh seema ka dil lalcha

gaya aur jhuk kar aman ke hontho ko apne munh mein le kar choos liya aman ne

bhee use bahon mein bbhar liya aur seema ke hontho ko choosane laga aman ke hath

seema ki chuchiyon ko masalne lage seema ne salwar kameez pehana hua tha

aman:mousi ek baar aur do na

seema:muskarte hue) kya doon

aman:sharmate hue) choot

seema:to khul ke keh na sharma kyon raha hahi tum jab chaho mujhe chod sakten ho

mein aur mere choot par sabse pehala hak tumhara hai seema aman ke bagal mein

let gaye aur apni salwar ka nada khol diya aman baith kar sab dekhane laga nada

kholen ke baad seema ne apni gaanD ko halka se oopar uth kar salwar ko sarkak kar

neeche ghutno tak kar diya apni tangon ko ghutno se mod kar oopar ki aur utha liya

seema ke salwar uske ghutno se neeche thee

seema:chal jaldi ker koi oopar na aa jaye

aman lekin mousi apni salwar to utaro

seema:nahi agar koi aa gaya to jaldi mein salwar nahi pehani jayegee tun mere

parion ke saamen aa ja

aman seema ke parion ke samane ke tarf aa gaya aur seema ke kehane par usne

seema ke parion ko apne kandhe par rakh diya ab seema ke choot bilkul aman ke

lund ke samane aa gaye thee seema ne hath neeche lejakr aman ke lund ko pakad

kar apni choot ke ched par laga diya aur aman ne apne lund ko andar dhakkel diya

lund ek hee baar mein seedha choot ke andar sama gaya ab seema ke gaanD bistar

se 2 inch oopar hawa mein uth chuki thee aur aman seema ki tangon ko utha kar

chod raha tha seema ko issab mein bada majja aa raha tha aur aman porri takat se

seema ke choot ko pel raha tha aman ke jhatke har pal tej ho rahe the aur 5 min

mein aman ne seema ki choot mein pani chod diya aur seema bhee uske sath hee

jhad gaye aman ne lund nikal kar seema ke tangon ko kandhon se neeche utara aur

seema ne apni salwar ko dono taraf se pakad kar oopar kiya aur gaanD utha kar phisr

se oopar karke nada bandh liya aur baithate hue aman ke hontho ko chuste hue bole

jab tumhara dil kare mujhe chod lena aur aaj ke baad tum akele mein mujhe seema keh

kar bulaana aur seema neeche aa gaye aman wahin leta raha aur use neend aane

lagi shaam ko aman uth kar neeche aa gaya neeche ghar mein shanti phaili hui thee

koi awaz nahi aa rahi thee aman kitchen mein gaya seema chai bana rahi thee aman

ne seema ko peeche se jakar bahon mein bhar liya seema ne saree pehani hui thee

aur peeche se hath aage lejakr seema ki chuchiyon ko pakad liya

seema:umhhhhhhhhhh uth gaye

aman:haannnn nana nani jeeee kahan gaye hain

seema:wo yahin nazdeek ke parak mein ghumane gaye hain

aman:seema mujhe abhi choot chahae

seema:kiya hua aaj bahut mood mein ho

aman:chal de na kyon nakhare kar rahi hai aur aman ne seema ki chuchiyaan ko masal

diya

seema:ahhhhhhhhh ye huiiiiii na baat chal bahar jakar sofe par baith mein abhee ati

hun

aman sofe par aakar baith gaya thodi der baad seema chai lekar aa gaye aur chai

table par rakh dee aur badi ada ke sath apni saree ko peticote ke sath apni kamar

tak utha diya neeche seema ne blue colour ke v shape painty pehani hui thee jo sirf

uske choot ko hee dhak paa rahi thee seema doggy style mein sofe par aa gaye

aura man uske peeche jakar khada ho gaya aman ne seema ke choti se panti ko side

se pakad kar uski jaangho tak neeche kar diya aur apna shorts ko utar diya aur aman

ne apna lund seema ke choot ke ched par rakh kar halaka sa jhatka mara seema ke

munh se aah nikal gaye aur seema ke ankhen band ho gaye seema ne peeche ki

aur apni gaanD ko dhakkela lund choot ke andar sama gaya ab amna apna lund dale

waise hee khada tha aur seema ghodi bani aage peeche ho kar aman ka lund andar

bahar kar rahi thee lund seema ke choot ke pani se chikana ho kar asani se andar

bahar ja raha tha aman ne seema ke chuttron ko kas ke pakad liya aur apni kamar

hilane laga

seema:ahhhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii umhhhhhhhhhhhhhhhhhh meinnnnnnnnnn

tumhennnnnnnnnn abbbbbbbbbb janeeeeeeee nahi doooooongi

ahhhhhhhhhhhhhhhhh tun kaha thaaaaaaaaaaa abbbbbbbb takkkkkkk teri mousi ke

chootttttt ke pyas tuneeeeeeee bujaiii hai ahhhhhhhhhh aur jor seeeeeeeee

chodddddddd ahhhhhhhhhhhhh aur jorrrrrrrrrrr se phaddddddddd deeeeeeee meri

chootttttt ahhhhhhhhhhh aman dhana dhan dhakke lagen laga seema bhee peeche

ke taraf gaanD dhakkel-2 kar aman ka lund andar le rahi theeeeee seema jhad gaye

aur aman bhee seema ke choot mein apna pani chod diya aman veery beh kar

seema ke choot se bahar aakar uski painty ke oopar giren laga seema apni saree aur

peticote ko thamme khadi hui aur apni painty ko pakad kar oopar kar lee aur dono

baith kar chai pene lage tabhi door bell baji

seema:lagata hai maa aur pita jee aa gaye

seema uth kar gate kholane gaye seema ne gate khola to sammen seema ka devar

aur devrani khade thee

seema: ek dam chonkte hue)arre tum kab aye phone to kar dete aoo andar aao

aur peeche seema ke saas sasur bhee aa gaye seema ne unhen sofe par baithaya

aur apni devrani se aman ko milwaya seema apne devar aur devrani ko dekh kar

khush bhee thee par ab use aman ke sath chudai moka nahi milane wala tha seema

ne unhe chai bana kar dee aur unse baten Karne lagi seema ke devar ne bataayaa ke

wo army ke kisi kaam se luckhonw aya tha isliye wo apni patni pooja ko bhee sath le

aya tha aur kal wapis jane wale thee seema ne ye sun kar rahat ke saans lee kyon

ki ab aman ki chuttiyaan khatam hone mein kuch hee din bachhe thee aur wo in kuch

dino mein chudai ka poora majja lena chathi thee

aur saree ko chod diya saree neeche aa gaye doosri taraf bablu sham ko uth kar

fresh ho chukka tha iten mein Renu aur shobha bhee ghar aa chuke thee bablu raat

ka khana kha kar ghar se bahar nikal gaya bahar aakar usne pco se meena ke ghar

par phone kiya

meena:hello kon

bablu: mein bol raha hun bablu

meena:ohhhh tum kyon phone kiya

bablu:tumhara pati ghar mein hain

meena:haan hain bulan

bablu: phir kab mulakaat ho gee

aur bablu station par aa gaya aur apne kaam mein jhut gaya raat ke 10baj rahe thee

bablu station ke platform par tehalta raha tha uski nazar us din wali aurat par padi

jo use raat susma ke sath thee aurat ne bablu ke taraf dekha bablu ne ishare se use

ek kone mein buliya

aurat : jee babu jee kiya baat hai

bablu:tumhara naam kiya hai

aurat:jee mera naam bindiya hai

wo auarat adhed umr ke thee lagbhag 45 saal ke kareeb thee

bablu:wo susma nazar nahi aa rahi aaj kal

bindiya: jee wo apni behan ke pass gaye hui

bablu:kab tak aye gee

bindiya:jee pata nahi kuch bol kar nahi gaye bina kuch bole chale gaee

bablu:theek hai tum jao

aur bindiya aage chali gaye thodi door jane ke baad bindiya ne peeche mud kar bablu

ki taraf dekha aur bablu apne lund ko pent ke oopar se masal kar bindiya ko dikhale

laga bindiya muskrane lagi bablu bhee bindiya ke peeche ho liya dono thode phansle

par chale ja rahe thee kuch door jakar platform khatam ho gaya aur bindiya aage

badhtee rahi sardi ke mousm mein dhund chai hui thee thoda sa aur aage jakar

bindiya dheere ho gaye bablu uske ek dam pass aa gaya aur apna ek hath uske

matkate hue chutron par rakh kar masal diya

bindiya:hai raaaaaaam kiya kar raheee hain babu je koi dekh lega

bablu:chal phir kahin aise jagah chalte hain yahan koi dekhe na

bindiya neeche sar karke sharmen lagi aur phir aage badhane lagi kuch doori par

chalane par bindiya ke lohe ke gate ke samane aakar ruk gaye bindiya ne gate khol

samane seediyan thee jo oopar jati thee

bindiya:aye babu jee hamre gareeb khane mein

aur bindiya aur bablu oopar aa gaye bindiya ne gate wapis band kar diya oopar chhat

par chota sa ek kamran tha aur aage khulli chhat thee jo bahut hee tang thee

kamre ke aage ek tarpal se bana ek kitchen type tha bindiyan ne darwaja

khatkhatya thodi der baa dandar light jali aur darwaja khul gaya samane bindiya ke

beti khadi thee bindiya ke beti chote kad ke thee uski height 5 ke kareeb thee

beti:maa ye kon hai(apna mooahan bante hue) ise yahan kyon lai ho issame

bindiya: ye hamre station par chote shab hain beta inhe namste bolo ye mere beti

hai sahab rinki

rinki: mooahan bante hue) namste

bablu man mein sochaen laga Sali akad to asie rahi hai jaise kahin ke rajkumari ho

rinki chote kad ke ladaki thee uska jism ek dam bhara hua tha **** umr mein uski

chuchiyaan abhee chote santron ke akkar kee thee lekin gaanD bahut bhari thee

bindiya:aye babu jee ja rinki babu jee ke liye chai bana lee

bablu:nahi -2 mujhe chai nahi peeni bus ek glass pani pila do

rinki pani le aye aur bablu ke taraf pani ka glass bahdiya bablu ne pani lete hue rinki

ke hath ko masal diya aura ankh maar dee rinki apna mooahan banae lagi aur

budbudate hue neeche biche bistar par let gaye

bablu ne ishare se bindiya ko poocha bindiya ne ishare se bablu ko bahar aane ko

kaha bablu bahar chala gaya aur bindiya ne light band kar dee bahar aakar bindiya ne

bablu se kaha babu jee aap thodi der bahar ghoom aye mein tab tak rosai mein

bistar laga leti hun aur rinki bhee tab tak so jayegee mein neeche ka gate khula chod

deti hun

bablu neeche utar kar bahar aa gaya aur sigrate jala kar peene laga 10-15 min

ghumane ke baad bablu phir se wahan pahuncha usne gate khola to gate khul gaya

bablu ne andar aakar bina awaz kiye gate band kar diya aur daben paanv oopar aa

gaya jahan bindiya charo taraf tarpaal se dhakhi rasoi mein bistar bicha kar leti hui

thee bablu rasoi mein ghus gaya roasi ka darwaja nahi tha rosai mein laltaen jal

rahi thee

bus tarpaal tangi hui thee bindiya jag rahi thee bablu ne apni pent aur underwear ko

utar kar neeche parion tak sarka diya aur apne fanfante hue lund ko hath mein lekar

ghuton ke baal bindiya ke sar ke taraf baith gaya aur bindiya ke sar ke neeche hath

daal kar apna lund uske mooahn mein de diya bindiya bablu ke lund ko choosane lagi

bablu seedha khada ho bindiya panjon ke bal baith gaye aur bablu bindiya ke sar

pakad kar uske mooahn mein apna lund aage peeche karne laga bablu ne apna lund

uski mooahn se nikal aur bindiya ko seedha leta kar uska peticote ko kamar pe chdha

diya aur uski tangon ko utha kar uski jaangho ke beech baith gaya aur apne lund ke

supaaDaa ko bindiya ke choot ke ched par laga diya

bindiya:siiiiiiiiiiiiiiiiiii ahhhhhhhhhhhhh babu jeeeeeeeeeeee jaldiiiiiiiiiii

karoooooooooooooooooo andar daalon naaaaaaa apna loudaaa meri bhosdi

meinnnnnn aur bablu ne apne lund ko andar pel diya lund ek hee jhatje mein bindiya

ke choot ke andar sama gaya bablu ne joote nahi utare thee isliye bablu ko bindiya

ko choden mein dikat ho rahi thee bablu ne lund ko choot se nikal aur khud letakar

bindiya ko oopar aane ko kaha bindiya bablu ke oopar aa gaye aur apne parion ko

bablu ke dono taraf karke bablu ke lund ke oopar apni choot ko tika kar neeche hone

lagi lund dheere-2 andar saknee laga

bindiya:haye dayeeeea ohhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiii aur bablu ka poora lund phir se bindiya

ke choot mein sama gaya bindiya apni kali moti gaanD ko bablu ke lund ke oopar

uchalne lagi bablu ne dono hathon se bindiya ke chutron ko pakad kar maslana chalu

kar diya bindiya apni kamar ko oopar neeche uchaal rahi thee aur apne choot ko

bablu ke lund ke oopar patak-2 kar chudwa rahi thee andar bindiya ki siskaryan sun

kar rinki uth gaye aur daben paanv darwaja khola kar bahar aa gaye ab use apni

maa bindiya ke siskaryan saaf sunai de rahi thee

bindiya:ahhhhhhh babu jeeeeeeeeee aur jor se chodeeeeeee ahhhhhhhhhhhhhh

bablu:leeeeeee saliiiiiiiii leeeeeeeeee aur mera lunddddd ahhhh

bindiya:babu jeeeeee bahut majaa aaaaa raha haiiiii aapka lund seedha meri

bachhedani se takra raha haiiiiii ajj mere choot ko suja dooooo ahhhhhhhh

bablu: neeche poorti takat se lund pelta hua) le behan ki lodi aur leeeeeee le mera

lund randi ahhhhhhhh le kutya aaj ke baad tun roj mere lund ko apni choot mein

legeeee theaappppppp

bindiya:haaaan babu jeeeeeeeee mein to apke lund ko apne choot se nikalne nahi

doongeeeee ahhhhhhh ohhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiiiiii haye daeya ahhhhhhhhhhhh

bahar khadi rinki ka dil apni maa ke baten sun kar joron se dhadakne laga thaaaaa

uski choot bhee chudai ke awaz sun kar pani choden lagi theee rinki ne tarpal ko jara

sa hata kar adner dekha to uske samane jo nazra tha wo jindgi mein pehali baar dekh

rhai thee bindiya bablu ke oopar btehi hui uchal-2 kar apni choot ko bablu ke lund pe

patak rahi thee bablu ne uske chutron ko pakad kar phaila rakha tha jise bindiya ke

gaanD ka ched bhee rinki ko saaf nazar aa raha tha uski maa ki badi aur kali gaanD

oopar ki taraf hoti to bablu ka gora aur 8 inch lamaba lund choot se supaaDaa tak bahar

aa jata aur phir se bindiya apni gaanD neeche ki aur patakti to bablu ka lund staak

se binya ke choot ke andar chala jata rinki ke choot pani chod rahi thee achank

bablu kadhyaan bahar khadi rinki par chala gaya bindiya ke peeth apni beti ke taraf

thee isliye wo rinki ko dekh hai paa rahi thee bablu ke hontho par shaitani muksan aa

gaye bablu bindiya ke chutron ko pakad aur teji se jhatke maare laga

bindiya:ahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh marrrrrrrrrrrrr

gayeeeeeeeeeeeeeeeee siiiiiiiiiiiiiiiiiiii heyyyyyyyyyyyyy maaaaaaaaaaaaaaaaaa

phadddddddddd deeeeeeeeeee mereeeeeeeeeeeeeeeee chott ahhhhhhhhh

ohhhhhhhhhhhhhhhh mein jhaden wali hunnnnnnnnnnnnnn

ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aur bablu ne apna akhir jhatka mara aur bindiya ke

choot mein pani chod diya bindiya bablu ke oopar let kar hanfane lagi

bindiya:ahhhhhhhhhh majaaaaa aa gaya babu

jeeeeeeee apni to mere choot ko hila kar rakh diya ahhhhhht

tabhi rinki aur bablu dono ke nazren mil gaye rinki ghabra gaye aur jaldi se andar

chali gaye bindiya bablu ke oopar se uth kar side mein let gaye dono ne rajai odd

lee aur let gaye adner rinki ka bura haal thaa uske ankhon mein baar apni maa ke

dono ched aur bablu ka lund aa raha tha jo uski maa ki choot se andar bahar ho

raha tha rinki ka hath sarak apni salwar ke andar chala gaya aur apni anchui bur par

aa gaya jise wo dheere-2 sahlane lagi rinki bahut garam ho chuki thee uske choot

se pani nikal kar uski ungliyon ko bhegone laga rinki se raha nahi gaya wo phir se

bina awaz kiye uthi aur bahar aa gaye aur latak rahi tarpaal ko hata kar rasoi mein

jhanken lagi andar andhera tha bindiya ne sone se pahle laltaan buja dee thee

achank rinki ko jo ko thoda sa jhuk kar andar jhank rahi thee use apni khulon par

kuch mahsoos hua jaise usko kisi ne apne hathon se pakad rakh tha wo ek dam

ghabra kar seedhe ho gaye samane bablu khada tha rinki ka dil ke dhadakne badh gaye

bablu ne apna hath ko rinki ke chutron par rakh kar apni taraf kheenha kar apne se

chipka liya bablu ka tana hua lund rinki ke nabhe ke oopar ragad khane laga wo ek

dam se gfhbara gaye usne sharm ke mare apna sar jhuka liya

bablu: rinki ke chutron ke apne hath se maslte hue) kiya dekh rahi the chodi-2

rinki: haklet hue)nahii woo kuch nahiiii meiii pani peene

rinki peeche hath kar kamre mein jane lagi bablu ne uske hath ko pakad liya aur

diwar ke sath sata diya

rinki:chodo mujhejaane do

bablu:chali jana par mere pyas to buja do

rinki:tameej se baat karo mein maa ko utha doongi

bablu: wo mera kiya ukhad le gee tumne dekha nahi kaise mere lund uchal-2 kar apni

choot mein le rahi thee tumhen nahi chahe mere lund

rinki ka dil bablu ke aise batten sun kar joron se dhadakne laga uske hath pair

kanpane laage

rinki:dekho please mujhe jane do maa uth jayegee

babllu: chali jana meri jaan bus ek baar mujhe apne honthon ka ras to pila do

rinki:nahi mein asie waise ladki nahi hun mujhe chodo

bablu:please ek baar phir mein tumhen chod doonga

aur bablu ne dono hathon se pakad kar rinki ke face ko oopar kiya aur apne hontho ko

rinki ke hontho ke taraf bdhane laga rinki ke sansen tej ho gaye uske dil ke dhadakne

bablu saaf sun sakta tha usne rinki ke hontho par apne honth rakhen chahe to rinki ne

apna face doosri taraf ghuma liya bablu ne apne ek hath ke ungliyon se rinki hontho

pehrana shuru kar diya rinki ke ankehn masti mein band hone lagi wo bablu ke hathon

ke kalyon ko thamen kasmasen lagi rinki ke ankhen band hogaye par wo abhee bhee

nahi-2 kar rahi thee

bablu ne phir se rinki ke face ko oopar uthaayaa aur uske kanpten hontho par apne honth

rakh diye rinki ek dam kasmas gaye bablu ne apne ek hath uski kamar mein daal kar

apne se sata liya aur doosra hath gardan ke peeche se le jakar uske sar ko pakad liya

aur rinki ke hontho ke ras ko chusane laga rinki ek dam bablu ke bahon mein kasmasen

lagi usne bablu ke shrit ko pakad liya aur apne chucyon aur bablu ke chhati ke beech

apne bahon ko rakh kar apni chuchiyon ko bablu ke seene se satane ke liye bachane

lagi bablu ne apne hontho ko hatya rinki ne apni ankhen kholi jo badi muskil se khul

rahi thee uske sansen tej chal rahi thee bablu ne phir se apne hontho ko rinki ke

hontho par rakh diya isbaar rinke ne apna face nahi ghumya aur bablu uske hontho ko

chusane laga bablu apna hath sarkata hua dheere-2 neeche legaya aur uski salwar ke

oopar se uski choot ko apna hath mein le liya rinki buri tarah kasmasa gaye aur apni

jaangho ko beench liya tabhi achank bindiya ke karavat balane ke awaz se dono

hadbada gaye bablu ne rinki ko chod diya aur rinki jaldi se andar chali gaye bablu

wahi rasoi mein aa gaya bindiya jag chuki thee

bindiya :kahan gaye thee babu jee
bablu:wo mein peshab Karne gaya tha aur ye kehthe hue bablu bindiya ke sath rasoi

mein ghus gaya aur apna hath bindiya ke jaangho par rakh kar bindiya ke moti-2

jaangho ko sehalane laga bindiya ka peticote uski jaangho tak chadha hua tha

bindiya ke peeth bablu ke taraf thee bablu ka hath dheere-2 aage badhta hua bindiya

ke gaanD ke oopar aa gaya aur bablu ne gaanD ke daraar mein apni ungliyon ko

chalana shuru kar diya aur phir bablu ne apni ek ungli bindiya ke gaanD ke ched par

daalen laga

bindiya:ahhhhhhhhhhhh kiya kar rahe babu jeeeeeeee

bablu ne thoda sa jor lagaya to bablu ke adhe ungli bindiya ke gaanD ke ched mein

chali gaye

bindiya:ahhhhhhhhhhh babu jeeeee darad hotaaaaaaaaa hain kiya kar raheeee

hainnnnnn kahin mere gaanD maaren ke irda to nahi haiiiiiiiiii

Nitin
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Re: दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार)

Unread post by Nitin » 05 Feb 2018 10:38

बबलू बिना कुछ बोले अपने उंगली को बिंदिया के गान्ड के अंदर बाहर करने लगा

बिंदिया धीरे-2 पेट के बल हो गये और अहह ओह करने लगी बबलू

ने अपनी पेंट के खोल कर निकाल दिया और अपने लंड के सुपाडे पर धीरे सारा थूक लगा

कर बिंदिया के ऊपर आ गया और बिंदिया की गान्ड को दोनो हाथों से फैला कर अपने

लंड के सुपाडे को बिंदिया की गान्ड के छेद पर टिका दिया

बिंदिया:अहह बाबू जीईईईई धीरे-2 करना अहह बहुत सालों

सीई गान्ड मेंन्नणणन् लौन्डा नही घुस्वाई हुन्न्ञणन्

बबलू:तो क्या तुमने पहले किसी से अपनी गान्ड मरवाई हाईईईईईई

बिंदिया:हन्ंणणन् बाबू जीए कई साल पहले जब रिंकी के बाबा जिंदा थीई

उन्हेन्ंननणणन् तीन चार दिन टककककक लगातार मेरी गान्ड माअर थीई

अहह पर अब तो कई साल हो गये उन्हे मारे हुए

बबलू ने अपने लंड पर ज़ोर डाला लंड गान्ड के छेद से फिसल कर चूत पर रगड़ खा

गया

बिंदिया:अहह सीईईईईईईईईईईईईई रुकूऊऊऊ

और बिंदिया ने अपने पेट के नीचे एक तकिया लगा लिया जिसे उसकी गान्ड ऊपर की तरफ

हो गये और फिर बिंदिया ने अपना एक हाथ पीछे लेजा कर अपनी एक चूतड़ को पकड़ कर

फैला दिया दूसरी तरफ के चूतड़ को बबलू ने एक हाथ से पकड़ कर फैला दिया और

दूसरे हाथ से अपने लंड को पकड़ कर बिंदिया की गान्ड के छेद पर टिका दिया और

धीरे-2 अंदर करने लगा

बिंदिया:अहह बाबू जीईए धीरीईईई कर्नाआ

लंड का आधा सुपाडा अंदर जा चुका था बबलू ने थोड़ा ज़ोर और लगाया बिंदिया के

मूँह से चीख निकल गयी लंड का सुपाडा गान्ड के छेद में समा गया

बिंदिया:मररररर गाईईई बाबू जीईईई ओह

बबलू ने अपने दोनो हाथों से बिंदिया के कंधों को पकड़ लिया और एक तेज तर्रार

धक्का मारा लंड एक ही बार में पूरा का पूरा गान्ड के छेद में घुस गया

बिंदिया: हइईईई मररर्र्र्र्र्ररर दलाआा सलीईईईईई

अंदर रिंकी के कानो में अपनी माँ के चीख सुनाई पड़ी उसका दिल फिर से तेज़ी से

धड़कने लगा रिंकी उठ कर दीवार के पास आ गयी जहाँ से कई छेद थी जिनमे से

रसोई में देख जा सकता था पर रसोई में अंधेरा था पर रिंकी अपनी माँ की

चीखे और सिसकारियों को सुन कर गरम हो रही थी

बबलू: बिंदिया के खुलेहुए बालों को पकड़ते हुए) साली बेहन की लौडी मुझे गाली देती

है में तेरी माँ की गान्ड भी फाड़ुँगा और तेरी बेटी को भी चोदुन्गा

और बबलू बिंदिया के बालों को पकड़ कर गान्ड में अपना लंड को आगे पीछे करने

लगा बिंदिया दर्द के मारे आहह ओह कर रही थी और रिंकी अपनी

माँ की चुदाई की आवाज़ सुन कर अंदर गरम हो चुकी थी और अपनी सलवार के ऊपर

से अपनी चूत को अपने हाथ से सहला रही थी

बिंदिया:अहह बाबू जीईए ग़लती हो गइईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

आप्प्प्प्प्प्प्प चाहे तो फद्द्दद्ड दो मेरी गान्ड्द्द अहह ओह्ह्ह्ह्ह्ह

मररर्र्र्ररर गीईईईईई

बबलू अब पूरा लंड बाहर निकाल-2 कर बिंदिया की गान्ड में पेल रहा था अब

धीरे-2 बिंदिया का दर्द कम हो गया था और बिंदिया अपने होंठो को दाँतों में

भींचे बबलू के लंड के प्रहार अपनी गान्ड में सहन कर रही थी बिंदिया को अब

दर्द में अलग ही मज़ा आने लगा था बिंदिया ने अपनी गान्ड को ऊपर की तरफ़ उठा

कर रखा था लगतार 5 मिनट गान्ड में अपना लंड पेलने के बाद बबलू ने बिंदिया की

गान्ड में पानी छोड़ दिया और बिंदिया के ऊपर लेट गया और हाँफने लगा

रात के 1 बज चुका था

दूसरी तरफ सीमा के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था सभी अपने अपने कमरों में

सोए हुए थे सीमा जल्दी सो गयी थी इसलिए आधी रात में 1 बजे सीमा उठ कर

पानी पीने लगी सीमा धीरे से अपने रूम का दरवाजा खोल कर बाहर आ गयी और

बिना आवाज़ किए अमन के रूम के पास आई और दरवाजे को खोलने के लिए धकेला डोर

खुल गया सीमा के चेहरे पर मुस्कान आ गयी सीमा अंदर गयी और डोर को लॉक

करके लाइट जलाई तो उसे बिस्तर पर अमन नज़र नही आया बाथरूम से कुछ आवाज़ आ आयी

थी अमन बाथरूम से जैसे ही बाहर आया तो सामने सीमा को देख कर चोंक

गया

अमन;अर्रे मौसी आप कब आई

सीमा:शियीयीयियीयियी अमन को धीरे बोलने का इशारा करते हुए) अभी आई हूँ और तू

अभी भी मौसी कह रहा है

अमन:अच्छा सीमा तुम कब आई

सीमा ने मुस्कुराते हुए अमन के गले में अपनी बाहें डाल दी और उसके होंठो पर

अपने होंठ रख दिए

सीमा:होंठो को किस करने के बाद) ये तूने मुझे क्या कर दिया है अमन में

तुमहरे और तुम्हारे लंड के बिना एक पल भी नही रह पाती तुम मुझे घर जाकर

भूल तो नही जाओगी

अमन:अभी तो 3 दिन और है और में आपको कभी नही बुलाउन्गा

सीमा ने अमन को बेड पर बैठा कर उसके शॉर्ट्स को निकाल कर फेंक दिया और उसका

लंड मूँह मे लेकर चूसने लगी अमन ने सीमा के सर को दोनो हाथों से पकड़

लिया सीमा के जीभ का दबाव अमन के लंड के सुपाडे पर बढ़ने लगा और कुछ

ही पलों में अमन का लंड तन कर खड़ा हो गया बबलू बेड के किनारे टाँगों को

लटका कर बैठा हुआ था सीमा अमन के लंड को छोड़ कर खड़ी हो गयी और अपनी

सलवार के नाडे को खोल कर अपने पैरो से निकाल दिया अमन वैसे ही पैर लटकाए बेड

पर लेट गया और सीमा अमन की कमर के दोनो तरफ तरफ टाँगों को करके

पंजो के बल बेड के किनारे बैठ कर अमन के लंड को अपने हाथ में लेकर अपनी चूत

के छेद पर टिका कर उसपर बैठ कर लंड को अंदर लेने लगी और फिर अमन की कमर

पर दोनो तरफ हाथ रख कर पंजों के बल अमन के लंड पर ऊपर नीचे होने लगी

अमन टी-शर्ट के ऊपर से सीमा की चुचियों को मसलने लगा जैसे ही सीमा अपनी

गान्ड को ऊपर उठा कर फिर से लंड अपनी चूत में लेने के लिए नीचे की तरफ

अपनी गान्ड और उसके बड़े-2 चूतड़ अमन की जाँघो पर टकरा कर ठप-2 की आवाज़

करने लगे थे अमन का लंड सीमा की गीली चूत के अंदर बाहर हो रहा था और

सीमा अपनी आँखें बंद किए अमन के लंड पर उछल रही थी अमन सीमा के

निपल्स को मसलने में मस्त था अमन का लंड सीमा की चूत के पानी से भीग

कर चमकने लगा था सीमा अब तेज़ी से अमन की छाती पर हाथ रख कर अपनी

गान्ड को ऊपर नीचे करके चूत में लंड ले रही थी सीमा ने एक बार अपनी

चूत को अमन के लंड पर ज़ोर से पटका अमन और सीमा दोनो ने साथ में अपना

काम रस छोड़ दिया सीमा की साँसें बहुत तेज चल रही थी उसने झुक कर अमन के

होंठो पर अपने होंठ रख दिए और थोड़ी देर किस करने के बाद सीमा खड़ी हुई अपनी

सलवार को टाँगों में डाल कर ऊपर खींच कर नाडा बाँध लिया और अपनी गान्ड

हिलाती हुए बाहर निकल गयी अमन ने अपना शॉर्ट्स पहना और वैसे ही बेड पर लेट

गया



इधर रात के 2 बज चुके थे इस दौरान बबलू बिंदिया को एक बार और चोद चुका था

बिंदिया थकान की वजह से गहरी नींद में थी बबलू उठ कर कमरे के दरवाजे

के पास गया और धीरे से दरवाजे को खटखटाया पर दरवाजा नही खुला बबलू ने

दो तीन बार और दरवाजा खटखटाया पर नीतज़ा वही बबलू ने बिंदिया को उठाया और

बोला अब में चलता हूँ और बिंदिया ने उसे बाहर तक छोड़ दिया बबलू स्टेशन पर

आकर सो गया और सुबह 9 बजे तक सोता रहा जब बबलू उठ कर घर की तरफ रवाना

हुआ तो जिस बस में वो बैठा था इतफाक से मीना भी उसी बस से जा रही थी बबलू

मीना के पास आकर बैठ गया

बबलू:और कैसी हो जानेमन मेरी याद आई

मीना:चुप कर बदतमीज़

बबलू:चलो अब में बदतमीज़ हो गया उस्दिन तो बड़े मजेसे लंड चूत में ले

रही थी वैसे तुम्हारा पति कब जाने वाला हैं

मीना:तुम्हें इससे क्या और चुप-चाप बैठे रहो ये बस ड्राइवर हमारी गली में

रहता हैं अगर उसने देख लिया तो मेरे घर पर पता चल जाएगा

बबलू चुप हो गया और अपने स्टॉप पर उतर कर घर आ गया घर आने के बाद

बबलू नहा धो कर फ्रेश हो कर ऊपर नाश्ता करने चला गया जहाँ रेणु और शोभा

पहले से डाइनिंग टेबल पर बैठी बबलू का इंतजार कर रही थी

शोभा: में सोच रही हूँ कि क्योना में और रेणु सीमा के घर चले जाएँ दो दिन

रेणु भी अपनी मौसी के घर रह ले गी

बबलू:जैसे आप ठीक समझे पर कब जाना है

रेणु:कल जाएँगे

शोभा:ये ठीक रहेगा और साथ में अमन को भी ले आएँगे में अभी सीमा

को फोन करके आती हूँ

दूसरी तरफ सीमा के देवर और देवरानी तैयार होकर अपने चाचा के घर जाने की

तैयारी में थी क्योंकि आज दोपहर को उनको वापिस भी जाना था इसलिए वो उनसे

मिलना चाहते थी साथ में सीमा के सास ससुर भी जा रहे थी सीमा के

चाचा ससुर का घर कोई आधे घंटे की दूरी पर था और सीमा के देवर ने सीमा

से बोल दिया था कि वो अपना समान साथ लेकर जा रहे हैं और दोपहर के खाने के

बाद वहाँ से ही चलेजाएँगे सीमा इस बात से बहुत खुश थी कि अब दोपहर 2

बजे तक सीमा और अमन दोनो घर में अकेले होंगे थोड़ी ही देर में सीमा के

सास ससुर अपने छोटे बेटे और बहू के साथ घर से निकल गये सीमा ने गेट लॉक

किया ही था कि फोन के घंटी बज उठी सीमा ने फोन उठाया फोन शोभा का था

शोभा:हेलो सीमा कैसी हो

सीमा:में ठीक हूँ दीदी आप और रेणु कैसे हैं

शोभा:हम ठीक हैं मेरा अमन कैसा है

सीमा:वो भी ठीक हैं अभी नाश्ता किया है बात करवाऊ

शोभा:नही रहने दे हम आज आ ही रहे हैं

सीमा: का चेहरा एक दम उतर गया)क्यों क्या हुआ दीदी अभी तो 2 दिन बाकी हैं

शोभा:नही वो रेणु भी यहाँ आ रही है कुछ दिन वो भी घूम फिर लेगी

सीमा:ठीक है दीदी जैसे तुम ठीक समझो

और शोभा ने फोन रख दिया सीमा फोन रख कर अमन के कमरे में आ गयी

यहाँ अमन अपने बेड पर आँखें बंद करके लेटा हुआ था सीमा अमन को देखने

लगी उसके मासूम फेस को देख सीमा का दिल भर आया सीमा बेड के पास जाकर बेड

पर बैठ गयी और प्यार से अमन के बालों में हाथ से सहलाने लगी अमन ने

आँखें खोली और सीमा के उदास चहरे को देख कर वो भी अपसेट हो गया

अमन: क्या हुआ मौसी आप इतनी उदास क्यों हो

सीमा:वो आज शाम शोभा दीदी और रेणु आ रहे है और तुम उनके साथ चले जाओगे

में तुम्हारे बिना कैसे रह पाउन्गी में तुम्हें सच में बहुत प्यार करने लगी

हूँ में तुम्हारे बिना नही रह सकती अमन

अमन:मौसी कुछ दिनो की ही बात है मेरे एग्ज़ॅम होने दो फिर में यहीं पर आकर

अड्मिशन ले लूँगा

सीमा:पता नही शोभा इसके लिए राज़ी हो गी कि नही

अमन:आप और में मिलकर माँ को मना लेंगे

सीमा अमन की बाहों में समा गयी और अमन के पूरे चहरे को पागलों की

तरह चूमने लगी और उसके फेस के हर हिस्से को चूम लिया अमन ने सीमा की

कमर में हाथ डाल कर उसे अपने ऊपर खींच लिया और सीमा के होंठो पर अपने

होंठ रख दिए सीमा ने भी अपने होंठो को ढीला छोड़ दिया और अपना मूँह खोल

लिया अमन ने सीमा के होंठो को चूसना शुरू कर दिया अमन कभी सीमा के ऊपर

वाले होंठ को अपने होंठो में लेकर चूस्ता तो कभी नीचे वाले होंठ को सीमा के

होंठ एक दम लाल हो गये दोनो 5 मिनट तक एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे जब अमन

ने सीमा के होंठो को छोड़ा तो उसकी आँखें मदहोशी में खुल नही रही थी उसकी

आँखों में वासना प्यार और गम तीनो थे सीमा की आँखें भर आई

अमन:क्या हुआ मौसी आप रो क्यों रही हो में आप के पास वापिस आ जाउन्गा आप रोओ

नही

सीमा: नही वो बात नही है

अमन;फिर क्या बात है

सीमा:कुछ नही रहने दे

अमन:आप मुझे भी नही बताओगी प्लीज़ बताओ ना क्या हुआ

सीमा: अमन तुम जिस तरह से मेरे होंठो को चूस रहे थे और जिस तरह तुम

मुझे प्यार करते हो में इस प्यार के लिए तरस गयी थी जो तुमने मुझे दिया पर अब

तुम भी चले जाओगी

अमन: नही में तुम्हें कभी नही छोड़ूँगा

अमन ने सीमा के होंठो को फिर से चूसना चालू कर दिया और सीमा के ब्लाउस के

ऊपर से उसकी चुचियों को मसल्ने लगा सीमा के हाथ अमन के बालों में खेल रहे

थी अमन ने एक एक करके सीमा के ब्लाउस के बटन खोल दिए और ब्लाउस को निकाल

कर फेंक दिया और ब्रा के ऊपर से ही सीमा की चुचियों को मुँह में ले कर

चूसना चालू कर दिया सीमा की आँखें बंद हो गयी अमन ने हाथ सीमा के पीछे

ले जाकर ब्रा के हुक्स खोल दिए और ब्रा के स्ट्रॅप्स को सीमा की बाहों से निकाल कर ब्रा

निकाल कर नीचे फेंक दी और सीमा की चुचियों को चूसने लगा सीमा अमन के

सर को बाहों में भर अपने चुचियों में दबाने लगी अमन एक चुचि को मसला

रहा था सीमा की चूत गरम होकर पानी छोड़ने लगी थी सीमा ने खड़ी होकर

अपनी सारी उतार दी और फिर पेटिकॉट का नाडा खोल दिया पेटिकॉट नीचे फर्श पर आ

गिरा अमन ने भी जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए और बेड पर नंगा लेट गया

सीमा बेड पर उसकी टाँगों के बीचे में बैठ गयी और हाथ में अमन का लंड

पकड़ कर उसकी चमड़ी को सुपाडे से खिसका कर पीछे कर दिया और झुक कर अमन के

लंड को मूँह में लेकर चूसने लगी कभी सीमा अमन के लंड को जीभ बाहर

निकाल कर चाटती कभी सुपाडे को अंदर लेकर चूसने लगती अमन मस्ती के सागर में

गोते खा रहा था सीमा की बड़ी-2 चुचियाँ अमन की जाँघो पर रगड़ खा रही

थी सीमा ने अमन के लंड को बाहर निकाला और अमन के ऊपर आ गये दोनो पैरो को

अमन के कमर के दोनो तरफ कर दिया और एक हाथ नीचे लेजाके अमन के लंड को

पकड़ कर सुपाडे को अपनी चूत के छेद पर लगा दिया और हाथ से पकड़ कर

धीरे -2 अमन के लंड को चूत में लेने के लिए अपनी चूत को नीचे की ओर लाने

लगी

सीमा: काँपती हुई आवाज़ में)अहह अमान्ंणणन् में तुम्हें और तुम्हारे इस

लौडे को बहुत याद करने वाली हूँ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

धीरे -2 अमन का पूरा का पूरा लंड सीमा की चूत में समा गया सीमा अमन

के ऊपर झुक गयी अमन ने सीमा के होंठो को अपने होंठो में ले लिया और चूसने

लगा दोनो नीचे से अपनी कमर हिला रहे थे लंड चूत के अंदर बाहर हो रहा

था दोनो की साँसे भारी होने लगी थी

सीमा:अहह सीईईईईईईईईई अमन अहह अज्ज मुझे जीए भरर्र्र्ररर के चोद्द्द्द्द

अहह मेंन्ननणणन् आज अपनी चूत के सारी गर्मी निकाल देना चाहती हूँ

अहह ओह अमान्ंणणन् हाां आशीए हीईईई अपनी मौसी को चोदता रह

अहह बहुत मज़ा आ रहा है अहह और जोर्र्र्ररर सीईए अहह

अब सीमा पूरे जोश में आकर अपनी चूत को अमन के लंड पे पटाकने लगी थी

पूरे कमरे में अमन के और सीमा की सिसकारियों की आवाज़ सुनाई दे रही थी अमन

एक दम मस्त हो कर अपनी मौसी सीमा की चूत में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा

था दोनो एक दूसरे से चिपके हुए थे और एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे

अमन के हाथ सीमा के चुतड़ों को मसल रहे थे अमन ने पलट कर सीमा को

बेड पर पीठ के बल लेटा दिया और खुद ऊपर आकर अपना लंड चूत में घुसा

दिया और बिना रुके धक्के लगाने लगा सीमा अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही

थी अमन के ताबड तोड़ धक्को ने सीमा की चूत को हिला कर रख दिया सीमा ने

अपने पैरो को अमन की कमर में लपेट कर अपनी चूत का छेद और ऊपर की तरफ

कर लिया लंड खतच कत्च अंदर बाहर हो रहा था सीमा मस्ती में पागल हो चुकी

थी

सीमा:अहह ओर्र्र्र्र्ररर जोर्र्र्र्र्र्र्र्ररर सीईईईईई अहह में झड़ने

वाली हुआंणणणन् अहह ओह और ज़ोर सीईई अपना लंड अंदर पेलो

आआआआआहह ओह मररर्र्र्र्र्र्ररर गाईईईई अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

और सीमा की चूत देखता हुआ लावे की नदी बह र्निकली अमन के लंड ने भी सीमा

के छूट के दीवारों को अपने वीर्य हे तार कर दिया अमन सीमा के ऊपर निढाल

होकर लेट गयी सीमा बड़े प्यार से अमन के बालों को सहला रही थी अमन सीमा

के ऊपर से हट कर बगल में लेट गया

सीमा: दूध वाले के आने के टाइम हो गया है उसके बाद हम दोनो 2 बजे तक

फ्री हैं

सीमा ने अपनी कपड़े इकट्ठे किए और बिना पहने ही कमरे से निकल गये

bablu bina kuch bole apne ungli ko bindiya ke gaanD ke andar bahar Karne laga

bindiya dheere-2 pet ke bal ho gaye aur ahhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhh Karne lagi bablu

ne apni pent ke khol kar nikal diya aur apne lund ke supaaDaa par dheere sara thook laga

kar bindiya ke oopar aa gaya aur bindiya ke gaanD ko dono hathon se phaila kar apne

lund ke supaaDaa ko bindiya ke gaanD ke ched par tika diya

bindiya:ahhhhhhhhhh babu jeeeeeeeeeee dheeree-2 karna ahhhhhhhhhh bahut saalon

seeee gaanD meinnnnnn louda nahi ghuswai hunnnnn

bablu:to kiya tumne pahle kisi se apni gaanD marwai haiiiiiii

bindiya:hannnnn babu jeee kai saal pahle jab rinki ke baba jinda theeee

unhennnnnnn teen char din takkkkk lagatar meri gaanD maaar theeee

ahhhhhhhhhhhh par ab to kai saal ho gaye unhe mare hueee

bablu ne apne lund par jor dala lund gaanD ke ched se phisal kar choot par ragad kha

gaya

bindiya:ahhhhhhhhhhhh siiiiiiiiiiiiiii rukoooooooo

aur bindiya ne apne pet ke neeche ek tajkiya laga liya jise uski gaanD oopar ke taraf

ho gaye aur phir bidnta ne apna ek hath peeche lesakr apni ek chutar ko pakad kar

phaila diya doosre taraf ke chutar ko bablu ne ek hath se pakad kar phaila diya aur

doosre hath se apne lund ko pakad kar bindiya ke gaanD ke ched par tika diya aur

dheere-2 andar karne laga

bindiya:ahhhhhhhh babu jeeeee dheereeeeeeee karnaaaa

lund ka adha supaaDaa andar ja chukka tha bablu ne thodiya jor aur lagaya bindiya ke

mooahn se cheekh nikal gaye lund ka supaaDaa gaanD ke ched mein sama gaya

bindiya:marrrrr gaeeeeeee babu jeeeeeeeee ohhhhhhh

bablu ne apne dono hathon se bindiya ke kandhon ko pakad liya aur ek tej tarrar

Dhakka mara lund ek hee baar mein poora ka poora gaanD ke ched mein ghus gaya

bindiya: hayeeeeeeee marrrrrrrrrr dalaaaaaa saleeeeeeeeeeeeee

andar rinki ke kano mein apni maa ke cheekh sunai padi uska dil phir se teji se

dhadakne laga rinki uth kar diwar ke pass aa gaye jahan se kai ched thee jinme se

rasoi mein dekh ja sakta tha par rasoi mein andhera tha par rinki apni maa ki

cheekhe aur siskaryon ko sun kar garam ho rahi thee

bablu: bindiya ke khulehue balon ko pakdate hue) saali behan ke lodi mujhe gali deti

hai mein tere maa ke gaanD bhee phadunga aur teri beti ko bhee chodonga

aur bablu bindiya ke balon ko pakad kar gaanD mein apna lund ko aage peeche Karne

laga bindiya dard ke maare aahhhhh ohhhhhhhhhhhh kar rahi theeeeee aur rinki apni

maa ki chudai ke awaz sun kar andar garam ho chuki thee aur apni salwar ke oopar

se apni chut ko apne hath se sahla rahi thee

bindiya:ahhhhhhhhh babu jeeeee galatiiii ho gayeeeeeeeeee ahhhhhhhh

aapppppppp chaheeee tooo phaddddd doo mere gaanDdd ahhhhhhh ohhhhhh

marrrrrrrr geeeeeeeeeeee

bablu ab poora lund bahar nikal-2 kar bindiya ke gaanD mein pel raha tha ab

dheere-2 bindiya ka dard kam ho gaya tha aur bindiya apne hontho ko danton mian

beenche bablu ka lund ke parhar apni gaanD mein sehan kar rahi thee bindiya ko ab

dard mein alag hee maja aane laga tha bindiya ne apni gaanD ko oopar ke tarf utha

kar rakh tha lagtar 5 min gaanD mein apna lund pelane ke baad bablu ne bindiya ke

gaanD mein pani chod diya aur bindiya ke oopar let gaya raat ke aur hanfane laga

raat ke 1 baj chuke the

doosri taraf seema ke ghar par sanata pasra hua tha sabhi apne apne kamron mein

soye hue the seema jaldi so gaye thee isliye adhi raat mein 1 baje seema uth kar

pani peene lagi seema ne dheere se apne room ka darwaja khol kar bahar aa gaye aur

bina awaz kiye aman ke room ke pass aye aur darwjae ko kholen ke liye dhkela door

khul gaya seema ke chhare par muskan aa gaye seema andar gaye aur door ko lock

karke light jalai to use bistar par aman nazar nahi aya bathroom se kuch awaz aa ahi

thee aman bathroom se jaise hee bahar aya to samane seema ko dekh kar chonk

gaya

aman;arre mousi aap kab aye

seema:shiiiiiiii aman ko dheere bolane ka ishara karte hue) abhee aye hun aur tun

abhee bhee mousi keh raha

aman:achha seema tum kab aye

seema ne muskarte hue aman ke gale mein apni bahen daal dee aur uske hontho par

apne honth rakh diye

seema:hontho ko kiss Karne ke baad) ye tune mujhe kiya kar diya hai aman mein

tumahre aur tumhare lund ke bina ek pal bhee nahi reh pati tum mujhe ghar jakar

bhool to nahi jaogee

aman:abhee to 3 din aur hai aur mein aapko kabhi nahi bulonga

seema ne aman ko bed par baitha kar uska shorts ko nikal kar phenk diya aur uska

lund mooahn me lekar chusane lagi aman ne seema ke sar ko dono hathon se pakad

liya seema ke jeebhe ka daboov aman ke lund ke supaaDaa par badhene laga aur kuch

hee palon mein aman ka lund tan kar khada ho gaya bablu bed ke kinare tangon ko

lataka kar baitha hua tha seema ne aman ke lund ko chod kar khadi ho gaye aur apni

salwar ke nade ko khol kar apne parion se nikal diya aman waise hee pair latkae bed

par let gaya aur seema seema aman ke kamar ke dono taraf taraf tangon ko karke

panjo ke bal bed ke kinare baith kar aman ke lund ko apne hath mein lekar apni choot

ke ched par tika kar uspar baith kar lund ko andar lene lagi aur phir aman ke kamar

par dono taraf hath rakh kar panjon ke bal aman ke lund par oopar neeche hone lagi

aman T-shirt ke oopar se seema ke chuchiyon ko maslane laga jaise hee seema apni

gaanD ko oopar utha kar phir se lund apni choot mein lene ke liye neeche ke taraf

apni gaanD latu uske bade-2 chutor aman ke jaangho par takra kar thap-2 ki awaz

Karne lagete aman ka lund seema ke geele choot ke andar bahar ho raha tha aur

seema apni ankhen band kiye aman ke lund par uchal rahi thee aman seema ke

nipples ko maslane mein mast tha aman ke lund seema ke choot ke pani se bheeg

kar chamken laga tha seema ab teji se aman ke chhati par hath rakh kar apni

gaanD ko oopar neeche karke choot mein lund le rahi thee seema ne ek baar apni

choot ko aman ke lund par jor se patka aman aur seema don one sath mein apna

kaam ras chod diya seema ke saansen bahut tej chal rahi thee usne jhuk kar aman ke

hontho par apne honth rakh diye aur thodi der kiss Karne ke baad seema khadi hue apni

salwar ko tangon mein daall kar oopar kheench kar nada bandh liya aur apni gaanD

hilati hue bahar nikal gaye aman ne apna shorts pehana aur wasie hee bed par let

gaya

raat ke 2 baj chuke thee is duran bablu bindiya ko ek baar aur chod chukka tha

bindiya thakan ke wajahse gehari neend mein thee bablu uth kar kamre ke darwajah

ke pass gaya aur dheere se darwajah ko khatkhatya par darwaja nahi khula bablu ne

do teen baar aur darwaja khatkhatya par neetja wahi bablu ne bindiya ko uthaayaa aur

bola ab mein chalta hun aur bindiya ne use bahar tak chod diya bablu station par

aakar so gaya aur subah 9 baje tak sota raha jab bablu uth kar ghar ke taraf ravana

hua to jis bus mein wo baitha tha itfaak se meena bhee usi bus se ja rahi thee bablu

meena ke pass aakar baith gaya

bablu:aur kasie janeman mere yaad aye

meena:chup kar badtameej

bablu:chalo ab mein badtameej ho gaya usdin to bade majese lund choot mein le

rahi thee waise tumhara pati kab jane wala hain

meena:tumhen isse kiya aur chup-chap baithe raho ye bus driver hame gali mein

rehtha hain agar usne dekh liya to mere ghar par pata chal jayega

bablu chup ho gaya aur apne stop par utar kar ghar aa gaya ghar aane ke baad

bablu naha do kar fresh ho kar oopar naste Karne chala gaya jahan Renu aur shobha

pahle se dinning table par baithe bablu ka intjaar kar rahi thee

shobha: mein soch rahi hun ki kyona mein aur Renu seema ke ghar chale jayen do din

Renu bhee apni mousi ke ghar reh le gee

bablu:jaise aap theek samajhe par kab jana hai

Renu:kal jayngee

shobha:ye theek rahega aur sath mein aman ko bhee le ayengee mein abhee seema

ko phone karke ati hun

doosri taraf seema ke devar aur devrani taiyaar hokar apne chacha ke ghar jane ke

taiyaari mein thee kyonki aaj dopahar ko unko wapis bhee jana tha isliye wo unse

milana chahte thee sath mein seema ke saas sasur bhee ja rahe thee seema ke

chacha sasur ka ghar ko adhe ghante ke doori par tha aur seema ke devar ne seema

se bol diya tha ki wo apna samman sath lekar ja rahe hain aur dopahar ke khane ke

baad wahan se hee chalejaayenge seema is baat se bahut khush thee ki ab dopahar 2

baje tak seema aur aman dono ghar mein akele honge thodi hee der mein seema ke

sass sasur apne chote bete aur bahu ke sath ghar se nikal gaye seema ne gate lock

kiya hee tha ki phone ke ghanti baj uthi seema ne phone uthaayaa phone shobha ka tha

shobha:hello seema kaise ho

seema:mein theek hun didi aap aur Renu kaise hain

shobha:hum theek hain mera aman kaisa haii

seema:wo bhee theek hain abhee nasta kiya hai baat karwaun

shobha:nahi rehane de hum aaj aa hee rahe hain

seema: ka chahera ek dam utar gaya)kyon kiya hua didi abhee to 2 din baki hain

shobha:nahi wo Renu bhee yahan aa rehi hai kuch din wo bhee ghoom phir legee

seema:theek hai didi jaise tum theek samjo

aur shobha ne phone rakh diya seema phone rakh kar aman ke kamre mein aa gaye

yahan aman apne bed par ankhen band karke leta hua tha seema aman ko dekhane

lagi uske masoom face ko dekh seema ke dill bhar aya seema bed ke pass jakar bed

par baith gaye aur pyaar se aman ke balon mein hath se sahalne lagi aman ne

ankhen kholi aur seema ke udass chahre ko dekh kar wo bhee upset ho gaya

aman: kiya hua mousi aap itni udass kyon ho

seema:wo ajj sham shobha didi aur Renu aa rahe hai aur tum unke sath chale jao gee

mein tumhare bina kaise reh panogee mein tumhen sach mein bahut pyaar karne lagi

hun mein tumhare bina nahi reh sakti aman

aman:mousi kuch dino ke hee baat hai mere exam hone do phir mein yahin par aakar

admission le loonga

seema:pata nahi shobha iske liye raji ho gee ki nahi

aman:aap aur mein milkar maa ko mana leenge

seema amamn ke bahon mein sama gaye aur aman ke poore chahre ko paglon ke

tarah choomen lagi aur uske face ke har hisse ko choom liya aman ne seema ke

kamar mein hath daal kar use apne oopar kheench liya aur seema ke hontho par apne

honth rakh diye seema ne bhee apne hontho ko dheela chod diya aur apna mooahn khol

liya aman ne seema ke hontho ko chusna shuru kar diya aman kabhee seema ke oopar

wale honth ko apne hontho mein lekar chusta to kabhi neeche wale honth ko seema ke

honth ek dam lal ho gaye dono 5 min tak ek doosre ke hontho ko chuste rahe jab aman

ne seema ke hontho ko chodo to uski ankhen madhosi mein khul nahi rahi thee uski

ankhon mein wasna pyaar aur gumm teeno thee seema ke ankhen bhar aye

aman:kiya hua mousi aap ro kyon rahi ho mein aap ke pass wapis aa jaonga aap rou

nahi

seema: nahi wo baat nahi hai

aman;phjr kiya baat hai

seema:kuch nahi rehane de

aman:aap mujhe bhee nahi batongee please batao na kiyahua

seema: aman tum jis tarah se mere hontho ko chus rahe thee aur jistarah tum

mujhe pyar karte ho mein is pyar ke liye taras gaye thee jo tumne mujhe diya par ab

tum bhee chale jaogee

aman: nahi mein tumhen kabhi nahi chodonga

aman ne seema ke hontho ko phir se chusna chalu kar diya aur seema ke blouse ke

oopar se uski chuchiyon ko masalne laga seema ke hath aman ke balon mein khel rahe

thee aman ne ek ek karke seema ke blouse ke button khol diye aur blouse ko nikal

kar phenk diya aur bra ke oopar se hee seema ki chuchiyon ko munh mein le kar

chusna chalu kar diya seema ke ankhen band ho gaye aman ne hath seema ke peche

le jakar bra ke hooks khol diye aur bra ke straps ko seema ke bahon se nikal kar bra

nikal kar neeche fenk dee aur seema ke chuchiyon ko chusane laga seema aman ke

sar ko bahon mein bhar apne chuchiyon mein dabane lagi aman ek chuchi ko masla

raha tha seema ke choot garam hokar pani choden lagi thee seema ne khadi hokar

apni saree utar dee aur phir peticote ka nada khol diya peticote neeche farsh par aa

gira aman ne bhee jaldi se apne saree kapde utar diye aur bed par nanga let gaye

seema bed par uski tangon ke beeche mein baith gaye aur hath mein aman ka lund

pakad kar uske chamdi ko supaaDaa se khiska kar peeche kar diya aur jhuka aman ke

lund ko mooahan mein lekar chusane lagi kabhi seema aman ke lund ko jeebh bahar

nikal kar chatati kabhi supaaDaa ko andar lekar chusane lagti aman masti ke sagar mein

gotte kha raha tha seema ki badi-2 chuchiyon aman ke jaangho par ragad kha rahi

thee seema ne aman ke lund bahar nikala aur aman ke oopar aa gaye dono parion ko

aman ke kamar ke dono taraf kar diya aur ek hath neeche lejake aman ke lund ko

pakad kar supaaDaa ko aman ke choot ke ched par laga diya aur hath se pakad kar

dheere -2 aman ke lund ko choot mein lene ke liye apni choot ko neeche ki aur lane

lagi

seema: kanpati hue awaj mein)ahhhhhhhhhh amannnnn mein tumhen aur tumhare is

loude ko bahut yaad Karne wali hun ahhhhhhhh

dheere -2 aman ka poora ka poora lund seema ke choot mein sama gaya seema aman

ke oopar jhuk gaye aman ne seema ke hontho ko apne hontho mein le liya aur chusane

laga dono neeche se apni kamar hila rahe thee lund choot ke andar bahar ho raha

tha dono sannsen bhari hone lagi thee

seema:ahhhhhh siiiiiiiiiii aman ahhhhhhhhh ajj mujhe jeee bharrrrrrr ke choddddd

ahhhhhhhhhhh meinnnnnnn aaj apni choot ke sari garmi nikal dena chathi hun

ahhhhh ohhhhhhhhh amannnnn haaaan asie heeeeeeeee apni mousi ko chodata reh

ahhhhhhhhhhhhhhh bahut maja aa raha hai ahhhhhh aur jorrrrrr seeeee ahhhhhhhh

ab seema poore josh mein aakar apni choot ko aman ke lund pe patakne lagi thee

poore kamre mein aman ke aur seema ki sikaryon ki awaz sunai de rahi thee aman

ek dam mast ho kar apni mousi seema ke choot mein apna lund andar bahar kar raha

thaa dono ek doosre se chipake hue thee aur doosere ke hontho ko chus rahe thee

aman ke hath seema ke chutron ko masal rahe thee aman ne palat kar seema ko

bed par peeth ke bal leta diya aur khud oopar aakar apna lund choot mein ghusaa

diya aur bina ruke dhakken lagane laga seema ahhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhh kar rahi

theee aman ke taabaD tod dhakhon ne seema ke choot ko hila kar rakh diya seema ne

apni parion ko aman ke kamar mein laapet kar apni choot ka ched aur oopar ke taraf

kar liya lund khatch katch andar bahar ho raha tha seema masti mein pagal ho chuki

thee

seema:ahhhhhhhhhh orrrrrrrr jorrrrrrrrrrr seeeeeeeeeeee ahhhhhhhhhhh mein jhaden

wali huannnnn ahhhhhhh ohhhhhhhhh aur jor seeeeee apna lund andar pelo

aaaaaaaaaahhhhhhhhhhh ohhhhhhhhh marrrrrrrrrrr gaeeeeeeee ahhhhhhhhhhhhhhh

aur sema ke choot dektha hua lave ke nadi beh rnikali aman ke lund ne bhee seema

ke choot ke diwaron ko apne veery he tar kar diya aman seema ke oopar nidhal

hokar let gaye seema bade pyar se aman ke balon ko sahlaa rahi thee aman seema

ke oopar se hat kar bagal mein let gaya

seema: doodh wale ke aane ke time ho gaya hai uske baad hum dono 2 baje tak

free hain

seema ne apni kapde ikathe kiye aur bina pehane hee kamre se nikal gaye

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