हिन्दी में मस्त कहानियाँ

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rajaarkey
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हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by rajaarkey » 01 Nov 2014 07:02

हिन्दी में मस्त कहानियाँ

मेडम को कार चलाना सिखाया



यह बात तब की है जब मैं 12 क्लास में था . मैं इंग्लीश के सब्जेक्ट में थोड़ा वीक था. हमारी इंग्लीश मॅम का नाम स्नेहा था. वो एक साउत इंडियन थी. उनकी एज करीबन 40 साल थी. वो कुछ मोटी थी ख़ासकर उनके हिप्स काफ़ी मोटे थे. उनके ब्रेस्ट भी काफ़ी बड़े और भारी थे. वो एक टिपिकल इंडियन वोमेन लगती थी. 11 क्लास में मेरे इंग्लीश में बहुत कम मार्क्स थे इसीलिए मैने सोचा के 12 में आते ही इंग्लीश पर ज़्यादा ध्यान दिया जाए. 12 क्लास की सम्मर वाकेशन्स से एक दिन पहले मैने छुट्टी में स्नेहा मॅम को अप्रोच किया

गुड आफ्टरनून मॅम”

गुड आफ्टरनून सुमित”

मॅम, आइ नीड सम गाइडेन्स ”

या”

मॅम, एज यू नो , माइ स्कोर इन इंग्लीश हॅज़ नोट बीन वेरी गुड इंप्रेस्सिव इन 11थ”

यस , आइ नो दट ठाट ईज़ व्हाई आइ कीप टेल्लिंग यू टू वर्क हार्ड”

यस..मॅम आइ डू नोट वॉंट टू रिपीट दा सेम रिज़ल्ट इन माइ बोर्ड एग्ज़ॅम्स”

सो यू हॅव फाइनली अवेकन..अट्लस्ट”

यस मॅम…आइ नो दट आइ विल हॅव टू वर्क हार्ड.आंड आइ आम रेडी फॉर इट..बट मॅम आइ डू नो हाउ टू गो अबौट इट..आइ मीन माइ बेसिक्स आर नोट स्ट्रॉंग अट ऑल..सो मॅम इफ़ यू कॅन गाइड मी फ्रॉम वहेरे टू स्टार्ट”

डेफनेट्ली सुमित.आइ आम युवर टीचर आंड इट्स माइ ड्यूटी टू गाइड यू…यू डू वन थिंग यू टेक माइ फोन आंड अड्रेस आंड रिंग मी आफ्टर आ वीक”

ओके ..थ्न्क्स मॅम”

फिर मैने मॅम का फोन नंबर और अड्रेस ले लिया.

एक हफ्ते बाढ़ मैने मॅम को फोन किया

हेलो, क्या स्नेहा मॅम से बात कर सकता हूँ?”

बोल रही हूँ”

मॅम, मैं सुमित बोल रहा हूँ..मॅम आपने कहा था की एक हफ्ते बाद फोन कर लेना”

हाँ याद है.फोन पर तो तुम्हारी प्राब्लम डाइक्यूस कर पाना मुश्किल है…तुम एक काम करो कल शाम 5 बजे मेरे घर आजओ..तभी तुम्हारी प्राब्लम डिसकस कर लेंगे…ठीक है”

ओके मॅम..बाइ”

बाइ”

फिर अगले-ही दिन मैं शाम 5 बजे मॅम के घर गया. मैने बेल बजाई और मॅम ने दरवाज़ा खोला

हेलो मॅम”

हेलो सुमित..आओ ..अंदर आओ..बैठो.अड्रेस ढूँदने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई”

थोड़ी सी..क्योंकि मैं इस कॉलोनी में पहले कभी नहीं आया”

चलो..खैर.क्या लोगे .चाइ..कॉफी..कोल्डद्रिंक.”

नोथिन्ग मॅम.कुच्छ नहीं”

शरमाओ मत..तुम्हे कुच्छ ना कुच्छ तो लेना ही पड़ेगा”

ओके.कॉफफफी”

बस अभी लाती हूँ”

फिर मॅम कॉफी ले आई

ह्म.लो सुमित..कॉफी लो”

थॅंक्स”

बिस्कुट भी तो लो”

नहीं मॅम, इसकी ज़रूरत क्या”

सुमित तुम बहुत शाइ लड़के हो..खैर हमने क्या बात करनी थी”

मॅम आपको तो पता ही है कि मेरे इंग्लीश मे कैसे मार्क्स आते हैं”

ह्म..मेरे ख़याल से तुम्हारे 11थ क्लास में 50 से ज़्यादा मार्क्स नहीं आए”

यस मॅम….और हाइयेस्ट मार्क्स 95 तक आते हैं..मॅम मैं चाहता हूँ कि मेरे भी 90+ आए”

बिल्कुल आ सकते हैं.लेकिन उसके लिए तुम्हे काफ़ी हार्डवर्क करना पड़ेगा..क्या तुम करोगे”

यस मॅम, मैं हार्डवर्क करूँगा…पर मेरे बेसिक्स ही क्लियर नहीं हैं और मेरी ग्राममेर बहुत वीक है”

rajaarkey
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Re: हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by rajaarkey » 01 Nov 2014 07:02


सुमित तुम्हे सबसे पहले अपने बेसिक्स ही स्ट्रॉंग बनानी चाहिए ..जिसके बेसिक्स स्ट्रॉंग नहीं उससे कुच्छ भी नहीं आता”

मॅम तो बेसिक्स स्ट्रॉंग कैसे होंगे”

उम्म…मैं तुम्हे बेसिक्स स्ट्रॉंग करने में हेल्प कर दूँगी”

यस मॅम.आप मुझे कुच्छ दिन- के लिए कोचैंग दे दी जीये”

ओके .तुम एक काम करो तुम कल से सुबेह 10 बजे आ जाया करो”

ओके मॅम”

कॉफी तो पियो..ठंडी हो रही है”

येस मॅम.मॅम आपकी फॅमिली में कौन-कौन है”

मैं , मेरे हज़्बेंड और एक लड़की और एक लड़का”

मॅम कहाँ हैं सब.कोई दिख नहीं रहा”

बच्चे तो अपनी नानी के यहाँ छुट्टियाँ बिताने गये हैं .आक्च्युयली मैं भी वहाँ से कल ही आई हूँ पर बच्चे वहीं रुक गये हैं..और हज़्बेंड 2 हफ्ते के लिए ऑफीस के काम से आउट ऑफ स्टेशन गये हैं”

बच्चे कब तक आएँगे”

वो भी दो-एक हफ्ते बाद आएँगे..यही तो दिक्कत है.अब मुझे मार्केट से कुच्छ भी लाना हो तो मैं नहीं ला सकती”

क्यों मॅम”

मार्केट यहाँ से काफ़ी दूर है..रिक्शा से जाने में बहुत टाइम लगता है…और स्कूटर और कार मुझे चलानी नहीं आती”

मॅम इस में प्राब्लम क्या .आपको जब कुच्छ चाहिए हो तो आप मुझे कह दीजिएगा”

नहीं ऐसी बात नही है..दट’स नाइस ऑफ यू…सुमित..तुम्हे कार चलानी आती है क्या”

यस मॅम”

तुम मुझे कार चलाना सिखा सकते हो…आक्च्युयली मेरे हज़्बेंड तो सारा दिन बिज़ी रहते हैं…और आज कल तो हमारी कार खाली ही पड़ी है..हज़्बेंड तो ऑफीस की कार ले गये हैं”

यस मॅम.इट वुड मी माइ प्लेषर.मैं आपको कार सीखा दूँगा”

कितना टाइम लगेगा कार सीखने में”

करीबन एक हफ़्ता तो लगेगा ही”

तो ठीक है तुम मुझे कल से ही कार सिखाना शुरू कर दो”

ओके मॅम.पर किस टाइम”

तुम 10 बजे मुझसे पढ़ने तो आओगे ही .. तुम्हे पढ़ाने के बाद मैं तुमसे कार सीख लिया करूँगी..पर सुमित. कोई बहुत बड़ा ग्राउंड है क्या…आक्च्युयली कोई मुझे सीखते देखे तो मुझे शरम आयगी..ऐसी कोई जगह हो जो एक दम खाली हो और जहाँ ज़्यादा लोग ना आते हो”

यस मॅम ..शहर से बाहर निकलते ही एक ग्राउंड है जो एक खाली रहता है”

ठीक है.तो वहीं चलेंगे कल दोपहर (नून) में”

पर मॅम दोपहर (नून) में तो काफ़ी गर्मी होती है”

दोपहर में इस लिए की उस वक़्त लोगे बाहर नहीं निकलते और हमारी कार तो एर कंडीशंड है..मैं क्या करूँ लोग मुझे कार सीखते देखें तो मुझे शरम आती है..बाइ दा वे.तुम्हे तो कोई प्राब्लम नहीं है ना”

बिल्कुल नहीं..तो मॅम मैं कल आता हूँ 10 बजे”

ओके सुमित…बाइ”

मैं अगले दिन ठीक 10 बजे मॅम के घर पहुच गया. मॅम ने उस दिन ग्रीन कलर का सूट पहना हुआ था. हलकी मॅम थोड़ी मोटी और डार्क थी.लेकिन मुझे तो मॅम सेक्सी लगती थी. मॅम ने मुझे 10 से 1 बजे तक पढ़ाया. उसके बाद हम कार सीखाने शहर से बाहर एक ग्राउंड में गये. आस पास कोई भी नहीं था क्योंकि दुपहर का वक़्त था.

ग्राउंड में पहुँच कर मैने मॅम को कार सिखानी शुरू की

मॅम.पहले तो मैं आपको गियर डालना सीखाता हूँ”

मैं कुच्छ देर तक मॅम को गियर , आक्सेलरेटर, क्लच, ब्रेक एट्सेटरा. के बारे में बताता रहा

चलिए मॅम.अब आप चलाइए”

मुझे डर लग रहा है”

कैसा डर”

कहीं मुझसे कंट्रोल नहीं हुई तो”

उसके लिए मैं साथ हूँ ना”

फिर मॅम ड्राइवर सीट पर बैठ गयी और मैं ड्राइवर की साथ वाली सीट पे आ गया. फिर मॅम ने कार चलानी शुरू की लेकिन मॅम ने एक दम से ही रेस दे दी तो एक दम से कार बहुत स्पीड में चल पड़ी. मॅम घबरा गयी..मैने कहा

मॅम आक्सेलरेटर से पैर हटाइए”

मॅम ने पेर हटा लिया तो मैने स्टियरिंग पकड़ कर कार कंट्रोल में करी

मैने कहा था ना मुझ से नहीं चलेगी”

कोई बात नहीं मॅम..पहली बार ऐसा होता है”

नहीं….मैं कार सीख ही नहीं सकती…मुझ से नहीं चलेगी”

चलेगी…चलिए अब स्टार्ट की जीए और फिर ट्राइ करिए.पर इस बार आक्सेलरेटर आराम से छोड़ना”

नहीं मुझे नहीं होगा”

मॅम शुरू शुरू में ग़लतियाँ होती हैं..कोई बात नहीं”

नहीं मुझे डर लगता है”

अच्छा..एक काम करते हैं..मैं भी आपकी सीट पर आ जाता हूँ .फिर आपको डर नहीं लगेगा”

rajaarkey
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Re: हिन्दी में मस्त कहानियाँ

Unread post by rajaarkey » 01 Nov 2014 07:03


लेकिन एक सीट पर हम दोनो कैसे आ सकते हैं”

आप मेरी गोद (लॅप) में बैठ जाना.मैं स्टियरिंग कंट्रोल करूँगा और आप गियर कंट्रोल करना”

लेकिन कोई हमें देखेगे तो कैसा लगेगा”

मॅम इस वक़्त यहाँ कोई नहीं आएगा..और वैसे भी आपकी कार मे यह शीशों पर फिल्म लगी है इससे अंदर का कुच्छ दिखाई नहीं देता”

चलो ठीक है”

फिर मैं ड्राइवर सीट पर बैठा और मॅम मेरी गोद में. जैसे ही मॅम मेरी गोद में बैठी मेरे बदन से करेंट सा दौड़ (ऋण) गया. हम दोनो का यह पहला स्पर्श था.

मैने कार स्टार्ट करी

रेडी मॅम”

हां..मुझे से सिर्फ़ गियर ही संभालने हैं ना”

यस मॅम .आज के दिन आप सिर्फ़ गियर ही सीखो”

कार चलनी शुरू हुई. क्योंकि मेरे हाथ स्टियरिंग पर थे और मॅम मेरी गोद में..इस लिए मेरी बाहें (आर्म्स) मॅम के ब्रेस्ट के साइड से टच हो रही थी और मॅम के ब्रेस्ट थे भी काफ़ी बड़े. मॅम थोड़ा अनकंफर्टबल फील कर रही थी इस लिए वो मेरी जांघों (थाइस) पे ना बैठ के मेरी नीस के पास बैठी थी. जैसे ही मैं कार को टर्न करता तो मॅम की पूरी ब्रेस्ट मेरी बाहें को टच करती थी. मॅम गियर सही बदल रही थी

क्यों सुमित..ठीक कर रहीं हूँ ना”

पर्फेक्ट..मॅम अब आप थोड़ा स्टियरिंग भी कंट्रोल कीजीए”

ओके”

क्योंकि माँ मेरी गोद में काफ़ी आगे होकर बैठी थी इस लिए स्टियरिंग कंट्रोल करने में उन्हे प्राब्लम हो रही थी

मॅम.आप थोड़ी पीछे खिसक जाईए..तभी स्टियरिंग सही कंट्रोल हो पाएगा”

अब मॅम मेरी जांघों(थाइस) पे बैठ गयी और हाथ स्टियरिंग पर रख लिए.

मॅम.थोड़ा और पीछे हो जाईए”

और कितना पीछे होना पड़ेगा”

जितना हो सकती हो”

ठीक है”

अब मॅम पूरी तरह से मेरे लंड पर बैठी थी.

मैने अपने हाथ मॅम के हाथों पर रख दिए और स्टियरिंग कंट्रोल कराना सिखाने लगा. जब भी कार टर्न होती तो मॅम की हिप्स मेरे लंड में धँस जाती . मॅम के ब्रेस्ट इतने बड़े थे कि वो मेरे हाथों को टच कर रहे थे. मैं जान बूझ कर उनके ब्रेस्ट को टच करता रहा.

मॅम अब आक्सेलरटोर भी आप संभालिए”

कहीं कार फिर से आउट ऑफ कंट्रोल ना हो जाए”

मॅम अब तो मैं बैठा हूँ ना”

मॅम ने फिरसे पूरा आक्सेलरेटर दबा दिया तो कार ने एक दम स्पीड पकड़ ली.

इस पर मैने एक दम से ब्रेक लगा दी तो कार एक दम से रुक गयी. मॅम को झटका लगा तो वो स्टियरिंग में घुसने लगी. इस पर मैने मॅम के ब्रेस्ट्स को अपने हाथों में पकड़ कर मॅम को स्टियरिंग में घुसने से बचा लिया. कार रुक गयी थी और मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में थे. मॅम बोली

मैने कहा था ना कि मैं फिर कुछ ग़लती करूँगी”(मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में हैं)

कोई बात नहीं.कम से कम गियर तो बदलना सीख लिया” (मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में हैं)

शायद मुझे स्टियरिंग संभालना कभी नहीं आएगा” “(मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में हैं)

एक बार और ट्राइ कर लेते हैं” “(मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में हैं)

ठीक है” “(मॅम के ब्रेस्ट मेरे हाथ में हैं)

मॅम ने मुझे ऐहसास दिलाने के लिए मेरे हाथ उनके ब्रेस्ट पर हैं, मॅम ने ब्रेस्ट को हल्का सा झटका दिया तो मैने अपने हाथ वहाँ से हटा लिए. मैने कार फिर से स्टार्ट करी. मॅम ने अपने हाथ स्टियरिंग पर रख लिए और मैने अपने हाथ मॅम के हाथो पर रख दिए

मॅम आक्सेलरेटर मैं ही संभालूँगा.आप सिर्फ़ स्टियरिंग ही संभालीए”

यही मैं कहने वाली थी”

कुच्छ देर तक मॅम को स्टियरिंग में हेल्प करने के बाद मैं बोला

मॅम अब मैं स्टियरिंग से हाथ उठा रहा हूँ.आप अकेले ही संभालीए”

ओक.अब मुझे थोड़ा कॉन्फिडेन्स आ रहा है.लेकिन तुम अपने हाथ रेडी रखना .कहीं कार फिर से आउट ऑफ कंट्रोल हो जाए ”

मॅम मेरे हाथ हमेशा रेडी रहतें हैं”

मैने अपने हाथ स्टियरिंग से उठा कर मॅम की ब्रेस्ट पर रख दिए. मैं तो मॅम से डाँट (स्कोल्डिंग) एक्सपेक्ट कर रहा था लेकिन मॅम ने कुच्छ ना कहा

सुमित मुझे कस के पकड़ना..कहीं ब्रेक मारने पर मैं स्टियरिंग में ना घुस जाऊं”

यस मॅम..कस के पकड़ता हूँ”

मैने मॅम के ब्रेस्ट दबा दिए तो मॅम के मूह से आह..आ निकल गयी.

सुमित.मेरे ख्याल से आज इतना सीखना ही काफ़ी है.चलो अब घर चलते हैं”

ओके मॅम”

मॅम मेरी गोद से उठ कर अपनी सीट पर बैठ गयी और हम मॅम के घर चल दिए

ओके मॅम ..मैं चलता हूँ”

रोटी खा के जाना”

नहीं मॅम मैने मम्मी को कहा था कि रोटी के टाइम तक घर पर आजाऊंगा”

ठीक है …तो कल 10 बजे आओगे ना”

यस मॅम..ऑफ कोर्स”

मैं अगले दिन भी पूरे 10 बजे पहुँच गया. पढ़ने के बाद हम फिर से कार सीखने उसी ग्राउंड में आ गये.

तो सुमित आज कहाँ से शुरू करेंगे”

मॅम मेरे क्याल से आप पहले स्टियरिंग में पर्फेक्ट हो जाईए.उसके बाद और कुच्छ करेंगे”

ठीक है.कल जैसे ही बैठना है”

यस मॅम”

आज मॅम ने सिल्क की सलवार कमीज़ पहनी हुई थी. मॅम आज सीधे आकर मेरे लंड पर बैठ गयी. आज मॅम की सलवार थोड़ी टाइट थी और मॅम की हिप्स से चिपकी हुई थी.

हमने कार चलानी शुरू की. मॅम ने अपने हाथ स्टियरिंग पर रख लिए. मैने अपने हाथ मॅम के हाथों पर रख लिए . आज मॅम की हिप्स मेरे लंड पर बार बार हिल रही थी. कुछ देर बाद मैने कहा